लंदन में मारा गया आतंकवादी POK में दफन, पाकिस्तान सरकार बेखबर

pok
लंदन में मारा गया आतंकवादी POK में दफन, पाकिस्तान सरकार बेखबर

नई दिल्ली। ब्रिटेन के ऐतिहासिक लंदन ब्रिज पर बीते सप्‍ताह हुई छुरेबाजी के लिए हमलावर उस्‍मान खान को जिम्‍मेदार ठहराया गया था और उसकी पहचान पाकिस्‍तानी मूल के नागरिक के तौर पर की गई थी। हालांकि पाकिस्‍तान ने इससे इनकार किया कि उसका उस्‍मान से कोई संबंध है, पर अब ऐसी रिपोर्ट सामने आ रही है कि उसे पाकिस्‍तान के कब्‍जे वाले कश्‍मीर स्थित उसके पैतृक गांव में दफनाया गया है।  

Terrorist Killed In London Buried In Pok Pakistan Government Oblivious :

उस्मान के रिश्तेदार ने कहा, “परिवार उसे ब्रिटेन में दफन नहीं करना चाहता था। उन्होंने बताया कि शव को पाकिस्तान लाने से पहले बर्मिंघम शहर की मस्जिद में नमाज पढ़ी गई।” डॉन अखबार के मुताबिक परिवार उस्मान का शव इस्लामाबाद हवाई अड्डे से पीओके के कोटली जिले स्थित किजलानी गांव ले गया और शुक्रवार (6 दिसंबर) दोपहर स्थानीय कब्रिस्तान में दफना दिया।

पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस (पीआईए) के महाप्रबंधक (जनसंपर्क) अब्दुल हफीज ने बताया कि उस्मान का शव पीएआई की उड़ान संख्या पीके-792 के जरिये लाया गया। इस बीच, पाकिस्तान विदेश विभाग ने कहा कि उसे इस बात की जानकारी नहीं है कि खान का शव यहां लाया गया है। डॉन अखबार ने विदेश विभाग के प्रवक्ता को उद्धृत किया, ”क्या उसका शव पाकिस्तान में है? मेरे पास इसकी कोई जानकारी नहीं है।”

इससे पहले दो बार सोमवार (2 दिसंबर) और शुक्रवार (6 दिसंबर) को भीड़ ने डॉन अखबार के इस्लामाबाद स्थित कार्यालय पर हमला किया और अखबार की प्रतियां जलाई। लोग लंदन ब्रिज हमले में शामिल आतंकवादी के पाकिस्तानी मूल के होने की खबर प्रकाशित करने से नाराज थे। उल्लेखनीय है कि 29 नवंबर को पुलिस द्वारा गोली मारे जाने से पहले उस्मान ने लंदन ब्रिज पर आतंकी हमला कर दो लोगों की चाकू से गोदकर हत्या कर दी थी और अन्य तीन को घायल कर दिया था।

उल्लेखनीय है कि 29 नवंबर को पुलिस द्वारा गोली मारे जाने से पहले उस्मान ने लंदन ब्रिज पर आतंकी हमला कर दो लोगों की चाकू से गोदकर हत्या कर दी थी और अन्य तीन को घायल कर दिया था। बाद में उसकी पहचान लंदन स्टॉक एक्सचेंज पर बम धमाके की साजिश रचने और पीओके स्थित अपनी जमीन पर आतंकवादी प्रशिक्षण शिख्स चलाने के मामले में दोषी ठहराए गए व्यक्ति के रूप में की गई जिसे सात साल पहले कैद की सजा हुई थी। खान ने ब्रिटिश संसद पर मुंबई जैसा हमला करने पर चर्चा की थी। ब्रिटिश न्यायाधीश ने 2012 में आतंकवाद के मामले में उसे सजा सुनाई थी और पिछले साल दिसंबर में उसे पैरोल पर रिहा किया था एवं इलेक्ट्रॉनिक टैग के जरिये उसकी निगरानी की जा रही थी।  

नई दिल्ली। ब्रिटेन के ऐतिहासिक लंदन ब्रिज पर बीते सप्‍ताह हुई छुरेबाजी के लिए हमलावर उस्‍मान खान को जिम्‍मेदार ठहराया गया था और उसकी पहचान पाकिस्‍तानी मूल के नागरिक के तौर पर की गई थी। हालांकि पाकिस्‍तान ने इससे इनकार किया कि उसका उस्‍मान से कोई संबंध है, पर अब ऐसी रिपोर्ट सामने आ रही है कि उसे पाकिस्‍तान के कब्‍जे वाले कश्‍मीर स्थित उसके पैतृक गांव में दफनाया गया है।   उस्मान के रिश्तेदार ने कहा, "परिवार उसे ब्रिटेन में दफन नहीं करना चाहता था। उन्होंने बताया कि शव को पाकिस्तान लाने से पहले बर्मिंघम शहर की मस्जिद में नमाज पढ़ी गई।" डॉन अखबार के मुताबिक परिवार उस्मान का शव इस्लामाबाद हवाई अड्डे से पीओके के कोटली जिले स्थित किजलानी गांव ले गया और शुक्रवार (6 दिसंबर) दोपहर स्थानीय कब्रिस्तान में दफना दिया। पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस (पीआईए) के महाप्रबंधक (जनसंपर्क) अब्दुल हफीज ने बताया कि उस्मान का शव पीएआई की उड़ान संख्या पीके-792 के जरिये लाया गया। इस बीच, पाकिस्तान विदेश विभाग ने कहा कि उसे इस बात की जानकारी नहीं है कि खान का शव यहां लाया गया है। डॉन अखबार ने विदेश विभाग के प्रवक्ता को उद्धृत किया, ''क्या उसका शव पाकिस्तान में है? मेरे पास इसकी कोई जानकारी नहीं है।" इससे पहले दो बार सोमवार (2 दिसंबर) और शुक्रवार (6 दिसंबर) को भीड़ ने डॉन अखबार के इस्लामाबाद स्थित कार्यालय पर हमला किया और अखबार की प्रतियां जलाई। लोग लंदन ब्रिज हमले में शामिल आतंकवादी के पाकिस्तानी मूल के होने की खबर प्रकाशित करने से नाराज थे। उल्लेखनीय है कि 29 नवंबर को पुलिस द्वारा गोली मारे जाने से पहले उस्मान ने लंदन ब्रिज पर आतंकी हमला कर दो लोगों की चाकू से गोदकर हत्या कर दी थी और अन्य तीन को घायल कर दिया था। उल्लेखनीय है कि 29 नवंबर को पुलिस द्वारा गोली मारे जाने से पहले उस्मान ने लंदन ब्रिज पर आतंकी हमला कर दो लोगों की चाकू से गोदकर हत्या कर दी थी और अन्य तीन को घायल कर दिया था। बाद में उसकी पहचान लंदन स्टॉक एक्सचेंज पर बम धमाके की साजिश रचने और पीओके स्थित अपनी जमीन पर आतंकवादी प्रशिक्षण शिख्स चलाने के मामले में दोषी ठहराए गए व्यक्ति के रूप में की गई जिसे सात साल पहले कैद की सजा हुई थी। खान ने ब्रिटिश संसद पर मुंबई जैसा हमला करने पर चर्चा की थी। ब्रिटिश न्यायाधीश ने 2012 में आतंकवाद के मामले में उसे सजा सुनाई थी और पिछले साल दिसंबर में उसे पैरोल पर रिहा किया था एवं इलेक्ट्रॉनिक टैग के जरिये उसकी निगरानी की जा रही थी।