आतंकी संगठन हक्कानी के संस्थापक जलालुद्दीन की मौत

आतंकी संगठन हक्कानी के संस्थापक जलालुद्दीन हक्कानी की मौत
आतंकी संगठन हक्कानी के संस्थापक जलालुद्दीन हक्कानी की मौत

नई दिल्ली। अफगानिस्तान में सक्रिय आतंकवादी गुटों में से एक हक्कानी आतंकवादी संगठन के लीडर जलालुद्दीन हक्कानी की मौत हो गई हक्कानी लंबे समय से बीमार था। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अफगान तालिबान के प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने हक्कानी नेटवर्क के संस्थापक जलालुद्दीन की मौत की घोषणा की। उसे अफगानिस्तान में दफनाया गया है। जलालुद्दीन अफगानिस्तान में सक्रिय आतंकवादी गुटों में से एक हक्कानी आतंकी संगठन का लीडर था। वह क्वेटा शूरा का भी सदस्य था। क्वेटा शूरा एक आतंकी संगठन है, जिसमें अफगान तालिबान के कई बड़े नेता शामिल हैं।

Terrorist Organization Haqqani Network Founder Jalaluddin Haqqani Died Due To Illness :

एसआईटीआआई ने अफगान तालिबान के बयान के हवाले से कहा कि उसने अल्लाह के धर्म के लिए बहुत कठिनाइयों का सामना किया। साथ ही अपने जीवन के आखिरी सालों के दौरान लंबी बीमारी का भी सामना किया। आतंकी जलालुद्दीन को अफगानिस्तान में दफनाया गयाहै। ऐसा माना जाता है कि मुल्ला उमर की मौत के बाद तालिबान के एकजुट रखने में हक्कानी की महत्वपूर्ण भूमिका थी। हक्कानी की मौत का ऐलान अफगान तालिबान के प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने किया।

हक्कानी का जन्म 1939 में अफगानिस्तान के जादरान जिले में हुआ था। हक्कानी की गिनती दुनिया के खूंखार आतंकियों में की जाती है। सोवियत रूस के खिलाफ जंग में 1979 से 1989 के बीच हक्कानी अपने कारनामों की वजह से चर्चा में आया था। पाकिस्तान, अमेरिका, सऊदी की इंटेलिजेंस एजेंसियों के साथ भी हक्कानी के संपर्क की बात कही जाती रही।

गौरतलब है कि हक्कानी नेटवर्क की स्थापन मूल रूप से सोवियत संघ के खिलाफ जिहाद के लिए की गई थी। जलालुद्दीन तालिबान सरकार में मंत्री भी बना था। 1996 में काबुल पर कब्जा करने के बाद हक्कानी तालिबान सरकार में आदिवासी मामलों का मंत्री था। साल में 2001 जब सरकार चली गई, तो हक्कानी वहां से भाग गया था और उसने दोबारा हथियार उठा लिए थे।

नई दिल्ली। अफगानिस्तान में सक्रिय आतंकवादी गुटों में से एक हक्कानी आतंकवादी संगठन के लीडर जलालुद्दीन हक्कानी की मौत हो गई हक्कानी लंबे समय से बीमार था। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अफगान तालिबान के प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने हक्कानी नेटवर्क के संस्थापक जलालुद्दीन की मौत की घोषणा की। उसे अफगानिस्तान में दफनाया गया है। जलालुद्दीन अफगानिस्तान में सक्रिय आतंकवादी गुटों में से एक हक्कानी आतंकी संगठन का लीडर था। वह क्वेटा शूरा का भी सदस्य था। क्वेटा शूरा एक आतंकी संगठन है, जिसमें अफगान तालिबान के कई बड़े नेता शामिल हैं।एसआईटीआआई ने अफगान तालिबान के बयान के हवाले से कहा कि उसने अल्लाह के धर्म के लिए बहुत कठिनाइयों का सामना किया। साथ ही अपने जीवन के आखिरी सालों के दौरान लंबी बीमारी का भी सामना किया। आतंकी जलालुद्दीन को अफगानिस्तान में दफनाया गयाहै। ऐसा माना जाता है कि मुल्ला उमर की मौत के बाद तालिबान के एकजुट रखने में हक्कानी की महत्वपूर्ण भूमिका थी। हक्कानी की मौत का ऐलान अफगान तालिबान के प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने किया।हक्कानी का जन्म 1939 में अफगानिस्तान के जादरान जिले में हुआ था। हक्कानी की गिनती दुनिया के खूंखार आतंकियों में की जाती है। सोवियत रूस के खिलाफ जंग में 1979 से 1989 के बीच हक्कानी अपने कारनामों की वजह से चर्चा में आया था। पाकिस्तान, अमेरिका, सऊदी की इंटेलिजेंस एजेंसियों के साथ भी हक्कानी के संपर्क की बात कही जाती रही।गौरतलब है कि हक्कानी नेटवर्क की स्थापन मूल रूप से सोवियत संघ के खिलाफ जिहाद के लिए की गई थी। जलालुद्दीन तालिबान सरकार में मंत्री भी बना था। 1996 में काबुल पर कब्जा करने के बाद हक्कानी तालिबान सरकार में आदिवासी मामलों का मंत्री था। साल में 2001 जब सरकार चली गई, तो हक्कानी वहां से भाग गया था और उसने दोबारा हथियार उठा लिए थे।