न्यूक्लियर अटैक करने आया था भारत ये आतंकी, जानिए कैसे हुआ प्लान फ़ेल

नई दिल्ली। राष्ट्रीय जांच एजेंसी की विशेष अदालत ने हैदराबाद ब्लास्ट मामले को इंडियन मुजाहिद्दीन संगठन के सरगना यानि यासीन भटकल सहित पांच आतंकवादियों को फांसी की सजा सुनाई। उसे 27 अगस्त 2013 को नेपाल में अरैस्ट किया गया था। एनआईए की पूछताछ के दौरान बयान में कहा था कि वह सूरत में परमाणु बम हमले की योजना बना रहा था।




कुछ यूं था भटकल का प्लान

नेपाल के पोखरा में अरैस्ट किए गए यासीन भटकल ने एनआईए को दिये बयान में बताया था कि, उसने पाकिस्तान स्थित अपने बॉस रियाज़ भटकल से फोन पर पूछा था कि क्या वह छोटे परमाणु बम की व्यवस्था कर सकता है? जिसपर रियाज़ ने कहा कि पाकिस्तान में हथियार की कमी नहीं है और यहां किसी भी चीज की व्यवस्था की जा सकती है।
यासीन ने आगे ये भी कहा कि ‘रियाज़ ने मुझे बताया कि परमाणु बमों से हमले किए जा सकते हैं। मैंने उससे सूरत हमले के लिए भी एक परमाणु बम की व्यवस्था करने को कहा था।’

इसलिए प्लान हुआ फेल

कोर्ट में पेश रिपोर्ट के मुताबिक यासीन ने बताया था कि, रियाज़ ने कहा कि इस हमले में कई मुस्लिम भी मर सकते हैं। जिसपर मैंने कहा कि हम मुस्लिमों के बचाव के लिए मस्जिदों में पोस्टर चिपका देंगे कि सभी मुस्लिम अपने परिवार के साथ मिलकर चुपचाप शहर छोड़ दें।’ अगस्त में यासीन की गिरफ्तारी हो गयी जिसकी वजह से इस योजना पर काम शुरू नहीं हो सका और यह पूरा प्लान फेल हो गया।

ऐसे तैयार किया जाता है आतंकियों को

यासीन ने बयान में जांच अधिकारियों को बताया था कि, पाकिस्तान में आतंकियों को आर्मी लेवेल की ट्रेनिंग दी जाती है। ट्रेनिंग के दौरान सुबह की पीटी, पिस्टल्स रिवॉल्वर्स, एके-47 जैसी अन्य चीजों की ट्रेनिंग भी शामिल होती है। साथ ही भारतीय हथियारों जैसे LMG और SLR और स्निफर राइफल्स भी ट्रेनिंग में शामिल होते हैं।





यासीन अटकल है कौन

आतंकी सगठन इंडियन मुजाहिदीन का फ़ौन्दर मेम्बर यासीन भटकल 1983 में कर्नाटक के तटीय शहर भटकल में जन्म लिया था। यासीन का असली नाम मोहम्मद अहमद सिद्धीबप्पा है। उसकी क्षिशा अंजुमन हामी-ए-मुस्लमीन मदरसे में हुई थी। गौरतलब है कि पुणे के जर्मन बेकरी सहित 10 और आतंकी हमले में भटकल का हाथ था। साथ ही वह दिल्ली के बाज़ारो में हुए सीरियल ब्लास्ट का भी मास्टरमाइंड था।वह मुंबई लोकल, बैंगलोर, जयपुर, वाराणसी, सूरत में हुए बम धमाके का भी आरोपी है। उसपर 13 जुलाई, 2011 को मुंबई के ओपेरा हाउस, जावेरी बजार और दादर पश्चिम में हुए तीन सिलसिलेवार बम धमाकों को अंजाम देने का आरोप है, जिसमें 27 लोगों की मौत हुई और 130 लोग घायल हो गए थे। एनआईए और महाराष्ट्र ने यासीन को पकड़ने पर 10 लाख रुपये का ईनाम भी रखा था।