महरौली हत्याकांड : आरोपी शिक्षक ने ऐसे उतारा था अपनी पत्नी व तीन बच्चों को मौत के घाट

delhi murder case
महरौली हत्याकांड : आरोपी शिक्षक ने ऐसे उतारा था अपनी पत्नी व तीन बच्चों को मौत के घाट

नई दिल्ली। दिल्ली के महरौली इलाके में अपने तीन मासूम बच्चों और पत्नी की हत्या करने वाले केमिस्ट्री शिक्षक ने जब वारदात के बारे में बताया तो पूछताछ करने वाले पुलिसकर्मियों की भी रूह कांप गई। आरोपी ने पुलिस को बताया कि चार हत्याओं को अंजाम देने के बाद वो करीब छह घंटे तक कमरे में ही बैठा रहा, जहां चारों तरफ सिर्फ खून ही खून बिखरा हुआ था। जब गेट तोड़कर उसका पड़ोसी और सास कमरे में पहुंचे तो वहां का नजारा देखकर वो बाहर आ गए और फिर घटना की सूचना पुलिस को दी।

The Accused Teacher Had Such A Clue That His Wife And Three Children Were Killed :

पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वो खाना खाने के बाद लैटपाट चला रहा था। तभी उसकी पत्नी अपने तीनों बच्चों को लेकर कमरे में चली गई। रात करीब एक बजे वो कमरे में पहुंचा और सबसे पहले पत्नी को निशाना बनाया। इस दौरान वो तड़पते हुए खुद को बचाने का प्रयास भी कर रही थी, लेकिन जल्लाद बने पति ने उसे नहीं छोड़ा। पत्नी का गला रेतने के बाद उसने एक—एक करके तीनों बच्चों के भी गले रेत दिए। उसने करीब आधे घंटे के अंतराल में पूरी घटना को अंजाम दिया।

पुलिस के ​मुताबिक हत्या के बाद उपेन्द्र अपने लैपटाप के पास बैठकर सुसाइड नोट लिखने लगा। उसने हिन्दी व इंग्लिश में दो सुसाइड नोट लिखे हैं। अपने सुसाइड नोट में उपेन्द्र ने रात 2.18 बजे का समय लिखा है। कयास लगाए जा रहे हैं कि घटना के बाद करीब एक घंटे तक वो सुसाइड नोट लिखता रहा और फिर उसने खुद को मारने की कोशिश की। पुलिस के मुताबिक उपेन्द्र के उल्टे हाथ की कलाई पर दो जगह कट के निशान बने हुइ हैं। पूछताछ में उसने बताया है कि उसने पत्थर काटने की मशीन से आत्महत्या करने के लिए दो बार अपने हाथ काटने की कोशिश की। लेकिन मशीन चलने के बाद होने वाले दर्द से वह सहम गया और थोड़ा सा हाथ कटने के चलते निकले खून से वह डर गया। जिसके बाद उसने मशीन को साइड़ में फेंक दिया और फिर दीवार के सहारे बैठ गया।

नई दिल्ली। दिल्ली के महरौली इलाके में अपने तीन मासूम बच्चों और पत्नी की हत्या करने वाले केमिस्ट्री शिक्षक ने जब वारदात के बारे में बताया तो पूछताछ करने वाले पुलिसकर्मियों की भी रूह कांप गई। आरोपी ने पुलिस को बताया कि चार हत्याओं को अंजाम देने के बाद वो करीब छह घंटे तक कमरे में ही बैठा रहा, जहां चारों तरफ सिर्फ खून ही खून बिखरा हुआ था। जब गेट तोड़कर उसका पड़ोसी और सास कमरे में पहुंचे तो वहां का नजारा देखकर वो बाहर आ गए और फिर घटना की सूचना पुलिस को दी। पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वो खाना खाने के बाद लैटपाट चला रहा था। तभी उसकी पत्नी अपने तीनों बच्चों को लेकर कमरे में चली गई। रात करीब एक बजे वो कमरे में पहुंचा और सबसे पहले पत्नी को निशाना बनाया। इस दौरान वो तड़पते हुए खुद को बचाने का प्रयास भी कर रही थी, लेकिन जल्लाद बने पति ने उसे नहीं छोड़ा। पत्नी का गला रेतने के बाद उसने एक—एक करके तीनों बच्चों के भी गले रेत दिए। उसने करीब आधे घंटे के अंतराल में पूरी घटना को अंजाम दिया। पुलिस के ​मुताबिक हत्या के बाद उपेन्द्र अपने लैपटाप के पास बैठकर सुसाइड नोट लिखने लगा। उसने हिन्दी व इंग्लिश में दो सुसाइड नोट लिखे हैं। अपने सुसाइड नोट में उपेन्द्र ने रात 2.18 बजे का समय लिखा है। कयास लगाए जा रहे हैं कि घटना के बाद करीब एक घंटे तक वो सुसाइड नोट लिखता रहा और फिर उसने खुद को मारने की कोशिश की। पुलिस के मुताबिक उपेन्द्र के उल्टे हाथ की कलाई पर दो जगह कट के निशान बने हुइ हैं। पूछताछ में उसने बताया है कि उसने पत्थर काटने की मशीन से आत्महत्या करने के लिए दो बार अपने हाथ काटने की कोशिश की। लेकिन मशीन चलने के बाद होने वाले दर्द से वह सहम गया और थोड़ा सा हाथ कटने के चलते निकले खून से वह डर गया। जिसके बाद उसने मशीन को साइड़ में फेंक दिया और फिर दीवार के सहारे बैठ गया।