काशी विश्वनाथ मंदिर के गर्भगृह में श्रद्धालुओं के प्रवेश पर प्रशासन ने लगाई रोंक, बताई ये वजह

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काशी विश्वनाथ मंदिर के गर्भगृह में श्रद्धालुओं के प्रवेश पर प्रशासन ने लगाई रोंक, बताई ये वजह

नई दिल्ली। वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर के गर्भगृह में श्रद्धालुओं के प्रवेश पर प्रशासन ने रोंक लगा दी है। इसकी मुख्य वजह यहां लाखों की भीड़ को बताया जा रहा है। प्रशासन ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए ऐसा कदम उठाया हे। बता दें कि ये रोंक स्थायी है। श्रद्धालु अब गर्भगृह के दरवाजे से ही जलाभिषेक कर सकेंगे।

The Administration Put A Stop On The Entry Of Devotees In The Sanctum Sanctorum Of Kashi Vishwanath Temple :

बता दें कि इससे पहले मंदिर प्रशासन ने सावन महीने में श्रद्धालुओं के गर्भगृह में प्रवेश के लिए अस्थायी तौर पर रोक लगाई थी। सावन में वहां लाखों लोग एक साथ आ गए थे, जिन्हे नियंत्रित करने के लिए ऐसा कदम उठाया गया था। सावन महीने में श्रद्धालुओं ने इस बार मंदिर के गर्भगृह के दरवाजे से ही जलाभिषेक किया था।

बताया जा रहा है कि श्रद्धालुओं ने बड़ी ही श्रद्धा के साथ उनके दर्शन किए और मंदिर के गर्भगृह दरवाजे से ही जलाभिषेक किया। इस फैसले के बाद से किसी को कोई भी परेशानी नहीं हुई। वहीं प्रशासन को भी भीड़ से ज्यादा परेशानी नहीं हुई। मंदिर प्रशासन ने तय किया है कि इस अस्थायी व्यवस्था को स्थायी किया जाए। अब श्रद्धालुओं को गर्भगृह में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।

नई दिल्ली। वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर के गर्भगृह में श्रद्धालुओं के प्रवेश पर प्रशासन ने रोंक लगा दी है। इसकी मुख्य वजह यहां लाखों की भीड़ को बताया जा रहा है। प्रशासन ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए ऐसा कदम उठाया हे। बता दें कि ये रोंक स्थायी है। श्रद्धालु अब गर्भगृह के दरवाजे से ही जलाभिषेक कर सकेंगे। बता दें कि इससे पहले मंदिर प्रशासन ने सावन महीने में श्रद्धालुओं के गर्भगृह में प्रवेश के लिए अस्थायी तौर पर रोक लगाई थी। सावन में वहां लाखों लोग एक साथ आ गए थे, जिन्हे नियंत्रित करने के लिए ऐसा कदम उठाया गया था। सावन महीने में श्रद्धालुओं ने इस बार मंदिर के गर्भगृह के दरवाजे से ही जलाभिषेक किया था। बताया जा रहा है कि श्रद्धालुओं ने बड़ी ही श्रद्धा के साथ उनके दर्शन किए और मंदिर के गर्भगृह दरवाजे से ही जलाभिषेक किया। इस फैसले के बाद से किसी को कोई भी परेशानी नहीं हुई। वहीं प्रशासन को भी भीड़ से ज्यादा परेशानी नहीं हुई। मंदिर प्रशासन ने तय किया है कि इस अस्थायी व्यवस्था को स्थायी किया जाए। अब श्रद्धालुओं को गर्भगृह में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।