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पीएम के सांसदीय क्षेत्र में स्थित मंडुवाडीह रेलवे स्टेशन का बदला नाम, अब जाना जायेगा इस नाम से…

The Changed Name Of Manduwadih Railway Station Located In Pms Parliamentary Area Will Now Be Known By This Name

By सोने लाल 
Updated Date

नई दिल्ली। पीएम नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में मंडुवाडीह रेलवे स्टेशन अब बनारस जंक्शन के नाम से जाना जाएगा। इससे संबंधित प्रस्ताव को गृह मंत्रालय ने मंजूरी दे दी है। गृह मंत्रालय ने सोमवार की देर शाम मंडुआडीह स्टेशन का नाम बदलने के प्रस्ताव पर अपनी मुहर लगा दी। बनारस भारत के ही नहीं बल्कि दुनिया भर में आध्यात्मिक और धार्मिक नगरी के रूप में सुविख्यात है।

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योगी सरकार ने केंद्र को भेजा था प्रस्ताव

गौरतलब है कि आध्यात्मिक और सांस्कृतिक बनारस का पुराना गौरव सहेजने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने मंडुआडीह रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर बनारस करने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के लोग मंडुआडीह स्टेशन का नाम बदलने की मांग काफी समय से कर रहे थे। बनारस की पहचान को संरक्षित करने के लिए मंडुआडीह स्टेशन का नाम बदलने की मांग लम्बे समय से हो रही थी।

स्टेशन का नया कोड बीएसबीएस हुआ

यूपी की योगी सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के साथ ही हो गया है। इसके साथ ही रेलवे की ओर से इस रेलवे स्टेशन का नया कोड बीएसबीएस हो गया है। इतना ही नहीं इस रेलवे स्टेशन का नाम पुराने मंडुआडीह के चलते रेलवे कोड एमयूवी हुआ करता था जो अब नए बनारस स्टेशन के मुताबिक बीएसबीएस हो गया है।

डिजिटल डिस्प्ले पर दिखा बनारस स्टेशन

स्टेशन का नाम और कोड बदलते ही अब बनारस स्टेशन के तमाम डिजिटल डिस्प्ले पर बनारस और बीएसबीएस दिखाई पड़ने लगा है और यहां पर पुराने साइन बोर्ड और अन्य स्थान जहां पर मंडुआडीह स्टेशन लिखा था, उसको भी हटाने की कवायद तेज हो गई है।

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17 अगस्त को जारी हुआ था आदेश

बता दें कि मंडुआडीह रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर बनारस रेलवे स्टेशन करने का 17 अगस्त 2020 को गृह मंत्रालय ने आदेश भी जारी कर दिया है। हालांकि इस स्टेशन के नाम को बदले जाने की कवायद पहले ही तात्कालीन रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा की ओर से शुरू कर दी गई थी। वहीं, अगस्त 2019 में इस स्टेशन का नाम बदले जाने को लेकर तत्कालीन वाराणसी जिलाधिकारी ने शासन को प्रस्ताव भी भेजा था।

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