कोरोना मरीजों को अस्पताल ने थमाया 17 लाख का बिल, लोगों ने पूछा क्या इसलिए बजाय था थाली और ताली?

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मुंबई: मुंबई में Covid-19 इलाज के लिए मरीज से ओवरचार्ज करने के आरोप में प्राइवेट अस्पताल के खिलाफ पहली बार केस दर्ज किया गया है. बीएमसी ने नानावती अस्पताल के खिलाफ मुंबई के सांताक्रूज पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की है. बीएमसी के वरिष्ठ अधिकारी मामले में शिकायतकर्ता हैं. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक जांच शुरू हो गई है और जब भी जरूरत होगी अस्पताल के कर्मचारियों को पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा.

The Corona Patients Handed Over A Bill Of 17 Lakhs To The Hospital People Asked If It Was Instead Thali And Tali :

मुंबई कोरोना वायरस केसों की बड़ी संख्या का सामना कर रहा है. अस्पतालों से लेकर क्वारनटीन सेंटर्स तक सभी भरे हुए हैं. मरीजों को बेड नहीं मिल रहे हैं. इस बीच कई मरीजों का आरोप है कि प्राइवेट अस्पताल ओवरचार्जिंग कर रहे हैं. राज्य सरकार ने समय-समय पर प्राइवेट अस्पतालों की ओर से अधिक चार्ज करने के खिलाफ नियम जारी किए लेकिन फिर भी उनकी अनदेखी की गई. आखिरकार ओवरचार्जिंग के आरोप में प्राइवेट अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई की गई है.

बीएमसी की ओर से सांताक्रूज पुलिस स्टेशन में दर्ज FIR के मुताबिक आईपीसी की धारा 188 और 34 के तहत केस दर्ज किया गया है. FIR में किसी का नाम नहीं लिया गया है लेकिन अस्पताल के पदाधिकारियों और स्टाफ के खिलाफ केस दर्ज किया गया है. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक ओवरचार्जिंग कथित तौर पर PPE किट्स, दवाओं और ICU बेड के लिए की गई थी, ऐसे सभी आरोपों की जांच की जाएगी. अस्पताल की ओर से एक मरीज को 17 लाख का बिल सौंपा गया था. मरीज ने आखिरकार पुलिस में शिकायत करने का फैसला किया.

नानावती अस्पताल ने इस प्रकरण में बयान जारी किया है. बयान में कहा गया है कि नानावती सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल (NSSH) मुंबई में Covid-19 के खिलाफ युद्ध में सबसे आगे रहा है. यह अस्पताल प्राइवेट सेक्टर में समर्पित Covid-19 सर्विस की पेशकश करने वाला पहला अस्पताल था और मौजूदा स्थिति में Covid-19 के लिए 150 बेड का प्रबंधन कर रहा है जिनमें से 42 ICU बेड हैं. अस्पताल अब तक इस बीमारी के 1100 से अधिक मरीजों का इलाज कर चुका है.

मुंबई: मुंबई में Covid-19 इलाज के लिए मरीज से ओवरचार्ज करने के आरोप में प्राइवेट अस्पताल के खिलाफ पहली बार केस दर्ज किया गया है. बीएमसी ने नानावती अस्पताल के खिलाफ मुंबई के सांताक्रूज पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की है. बीएमसी के वरिष्ठ अधिकारी मामले में शिकायतकर्ता हैं. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक जांच शुरू हो गई है और जब भी जरूरत होगी अस्पताल के कर्मचारियों को पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा. मुंबई कोरोना वायरस केसों की बड़ी संख्या का सामना कर रहा है. अस्पतालों से लेकर क्वारनटीन सेंटर्स तक सभी भरे हुए हैं. मरीजों को बेड नहीं मिल रहे हैं. इस बीच कई मरीजों का आरोप है कि प्राइवेट अस्पताल ओवरचार्जिंग कर रहे हैं. राज्य सरकार ने समय-समय पर प्राइवेट अस्पतालों की ओर से अधिक चार्ज करने के खिलाफ नियम जारी किए लेकिन फिर भी उनकी अनदेखी की गई. आखिरकार ओवरचार्जिंग के आरोप में प्राइवेट अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई की गई है. बीएमसी की ओर से सांताक्रूज पुलिस स्टेशन में दर्ज FIR के मुताबिक आईपीसी की धारा 188 और 34 के तहत केस दर्ज किया गया है. FIR में किसी का नाम नहीं लिया गया है लेकिन अस्पताल के पदाधिकारियों और स्टाफ के खिलाफ केस दर्ज किया गया है. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक ओवरचार्जिंग कथित तौर पर PPE किट्स, दवाओं और ICU बेड के लिए की गई थी, ऐसे सभी आरोपों की जांच की जाएगी. अस्पताल की ओर से एक मरीज को 17 लाख का बिल सौंपा गया था. मरीज ने आखिरकार पुलिस में शिकायत करने का फैसला किया. नानावती अस्पताल ने इस प्रकरण में बयान जारी किया है. बयान में कहा गया है कि नानावती सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल (NSSH) मुंबई में Covid-19 के खिलाफ युद्ध में सबसे आगे रहा है. यह अस्पताल प्राइवेट सेक्टर में समर्पित Covid-19 सर्विस की पेशकश करने वाला पहला अस्पताल था और मौजूदा स्थिति में Covid-19 के लिए 150 बेड का प्रबंधन कर रहा है जिनमें से 42 ICU बेड हैं. अस्पताल अब तक इस बीमारी के 1100 से अधिक मरीजों का इलाज कर चुका है.