अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर देश को करना पड़ सकता है अभूतपूर्व संकट का सामना : कांग्रेस

anand sharma
अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर देश को करना पड़ सकता है अभूतपूर्व संकट का सामना : कांग्रेस

नई दिल्ली। अर्थव्यवस्था में सुस्ती के बाबत वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण की प्रेस कांफ्रेस को कांग्रेस ने ”निराशाजनक और नीरस” करार दिया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा ने कहा कि वित्तमंत्री इस संकट को लेकर बेखबर हैं और इससे उबरने के लिये सरकार के पास कोई दृष्टि नहीं है। उन्होने ये भी कहा कि अगर यही स्थिति बनी रही तो कुछ महीनों में ही अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर देश को एक बड़े संकट का सामना करना पड़ सकता है।

The Country May Have To Face Unprecedented Crisis On The Economy Front Congress :

एक पत्रकारवार्ता को संबोधित करते हुए उन्होने कहा कि ”देश की वित्त मंत्री का संवाददाता सम्मेलन निराशाजनक और नीरस था। देश की आर्थिक स्थिति और संकट को देखते हुए ऐसे कदम की उम्मीद थी जिससे चीजें सही हों और नई शुरुआत हो। लेकिन कोई ऐसा कदम नहीं उठाया गया जिससे यह लगे कि अर्थव्यवस्था को संकट से उबारने की दिशा में आगे बढ़ा जा रहा है।”

उन्होने ये भी दावा कर दिया कि वित्त मंत्री इससे बेखबर हैं कि अर्थव्यवस्था को इस संकट से कैसे उबारा जाएगा। शर्मा ने कहा, ”वित्त मंत्री को देश के अर्थतंत्र की गाड़ी आगे की ओर चलाने की जिम्मेदारी मिली है। उन्हें रिवर्स गीयर में गाड़ी नहीं चलानी चाहिए।” आनंद शर्मा ने आगे कहा कि ” सरकार के पास कोई दृष्टि नहीं है। 23 अगस्त को जो घोषणा हुई थी उसके बाद कुछ नहीं हुआ।

नई दिल्ली। अर्थव्यवस्था में सुस्ती के बाबत वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण की प्रेस कांफ्रेस को कांग्रेस ने ''निराशाजनक और नीरस'' करार दिया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा ने कहा कि वित्तमंत्री इस संकट को लेकर बेखबर हैं और इससे उबरने के लिये सरकार के पास कोई दृष्टि नहीं है। उन्होने ये भी कहा कि अगर यही स्थिति बनी रही तो कुछ महीनों में ही अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर देश को एक बड़े संकट का सामना करना पड़ सकता है। एक पत्रकारवार्ता को संबोधित करते हुए उन्होने कहा कि ''देश की वित्त मंत्री का संवाददाता सम्मेलन निराशाजनक और नीरस था। देश की आर्थिक स्थिति और संकट को देखते हुए ऐसे कदम की उम्मीद थी जिससे चीजें सही हों और नई शुरुआत हो। लेकिन कोई ऐसा कदम नहीं उठाया गया जिससे यह लगे कि अर्थव्यवस्था को संकट से उबारने की दिशा में आगे बढ़ा जा रहा है।'' उन्होने ये भी दावा कर दिया कि वित्त मंत्री इससे बेखबर हैं कि अर्थव्यवस्था को इस संकट से कैसे उबारा जाएगा। शर्मा ने कहा, ''वित्त मंत्री को देश के अर्थतंत्र की गाड़ी आगे की ओर चलाने की जिम्मेदारी मिली है। उन्हें रिवर्स गीयर में गाड़ी नहीं चलानी चाहिए।" आनंद शर्मा ने आगे कहा कि '' सरकार के पास कोई दृष्टि नहीं है। 23 अगस्त को जो घोषणा हुई थी उसके बाद कुछ नहीं हुआ।