वतन छोड़ कर भागी इस देश की पूर्व प्रधानमंत्री को कोर्ट ने सुनाई 5 साल की सजा

World-Thailand-former-prime-minister-Yinglal-Shinawatra

थाईलैंड की पूर्व प्रधानमंत्री यिंगलक शिनावात्रा को बुधवार को विवादास्पद चावल सब्सिडी योजना में अनियमितता का दोषी पाया और उन्हें पांच साल कारावास की सजा सुनाई गई है। यिंगलक पिछले महीने ही देश छोड़कर चली गई थीं।

The Court Sentenced The Former Prime Minister To Five Years Of Imprisonment :

यिंगलक 25 अगस्त को अदालत में पेश नहीं हुई थीं, जबकि उनके सैकड़ों समर्थक मामले के फैसले के इंतजार में थाईलैंड के सर्वोच्च न्यायालय के बाहर खड़े थे।

यिंगलक की फेयू थाई पार्टी के एक पदाधिकारी ने कहा कि वह अपनी सुनवाई से ठीक पहले देश से चली गई थीं और वह दुबई में बिल्कुल सुरक्षित हैं। उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है।

चावल-खरीद योजना 2011 में शुरू हुई थी और इसके तहत किसानों को उनकी फसलों के लिए बाजार दर से अधिक भुगतान करने की बात कही गई थी।

यिंगलक के आलोचकों का कहना है कि इस कार्यक्रम के जरिए ग्रामीण मतदाताओं को खुश करने, निर्यात को नुकसान पहुंचाने और सरकार के पास चावल का विशाल भंडार जमा करने की कोशिश की गई, जिससे सार्वजनिक धन की भारी बर्बादी हुई।

वहीं, यिंगलक ने कहा था कि यह सब्सिडी योजना किसानों और देश के लिए फायदेमंद थी। उन्होंने इस योजना के कारण देश को होने वाले अरबों डॉलर के नुकसान के दावों को गलत और राजनीतिक पूर्वाग्रह से प्रेरित बताया था।

थाईलैंड की पूर्व प्रधानमंत्री यिंगलक शिनावात्रा को बुधवार को विवादास्पद चावल सब्सिडी योजना में अनियमितता का दोषी पाया और उन्हें पांच साल कारावास की सजा सुनाई गई है। यिंगलक पिछले महीने ही देश छोड़कर चली गई थीं।यिंगलक 25 अगस्त को अदालत में पेश नहीं हुई थीं, जबकि उनके सैकड़ों समर्थक मामले के फैसले के इंतजार में थाईलैंड के सर्वोच्च न्यायालय के बाहर खड़े थे।यिंगलक की फेयू थाई पार्टी के एक पदाधिकारी ने कहा कि वह अपनी सुनवाई से ठीक पहले देश से चली गई थीं और वह दुबई में बिल्कुल सुरक्षित हैं। उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है।चावल-खरीद योजना 2011 में शुरू हुई थी और इसके तहत किसानों को उनकी फसलों के लिए बाजार दर से अधिक भुगतान करने की बात कही गई थी।यिंगलक के आलोचकों का कहना है कि इस कार्यक्रम के जरिए ग्रामीण मतदाताओं को खुश करने, निर्यात को नुकसान पहुंचाने और सरकार के पास चावल का विशाल भंडार जमा करने की कोशिश की गई, जिससे सार्वजनिक धन की भारी बर्बादी हुई।वहीं, यिंगलक ने कहा था कि यह सब्सिडी योजना किसानों और देश के लिए फायदेमंद थी। उन्होंने इस योजना के कारण देश को होने वाले अरबों डॉलर के नुकसान के दावों को गलत और राजनीतिक पूर्वाग्रह से प्रेरित बताया था।