सिविल अस्पताल की ओटी में मरा चूहा, पूरे दिन नहीं हो सके ऑपरेशन

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के श्यामा प्रसाद मुखर्जी संयुक्त चिकित्सालय (सिविल अस्पताल) की इमर्जेंसी सोमवार को डॉक्टरों को ऑपरेशन में खासी दुश्वारियां झेलनी पड़ी। दरअसल इमरजेंसी ऑपरेशन थिएटर में चूहे की मरने की वजह से भीषण बदबू फैल गई। नतीजतन ओटी में डॉक्टरों को एक पल ठहरना मुश्किल हो गया। इमरजेंसी तक भीषण बदबू फैल गई। जिसकी वजह से पूरे दिन कोई भी ऑपरेशन नहीं हो सके।



इरमजेंसी में औसतन 10 से 12 छोटे-बड़े ऑपरेशन होते हैं। सोमवार को पेशाब की परेशानी लेकर मरीज इमरजेंसी में पहुंचा। डॉक्टरों ने कैथटर डालने की जरूरत बताई। मरीज को ओटी में शिफ्ट करने की कवायद शुरू हुई। पर, वे जैसे ही मरीज के साथ ओटी में दाखिल हुए। बदबू की वजह से एक मिनट भी ठहर नहीं सके। लिहाजा उन्हें कर्मचारियों से मरीज को प्रथम तल की ओटी में मरीज को शिफ्ट करने को कहा। वहां मरीज को कैथटर लगाया गया।

इसकी शिकायत डाक्टरों ने सीएमएस से की। उम्मीद जताई जा रही थी कि कुछ घंटों में सफाई हो जाएगी लेकिन मरे हुए चूहे को खोजा नहीं जा सका। इसके साथ ही ओटी में दुर्गंध भी बढ़ती गई। गनीमत यह रही कि इमर्जेंसी में सोमवार को ऑपरेशन के ज्यादा मामले नहीं आए। जो आए उन्हें पहले दूसरे फ्लोर की ओटी में भेज दिया गया। माना जा रहा है कि मंगलवार तक यह ओटी ऑपरेशन के लिए दोबारा तैयार हो जाएगी।

इमर्जेंसी ओटी के आस-पास के वार्डों को तोड़कर दोबारा बनाया जा रहा है। इसके लिए बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ हुई है। वहीं पुरानी दीवारों में बने सुराखों को तोड़कर बंद किया जा रहा है। नए सिरे से प्लास्टर और पत्थर लगाए जा रहे हैं। माना जा रहा है कि इसकी वजह से ही चूहा ओटी में चला गया और वहां उसकी मौत हो गई। अस्पताल के सीएमएस डॉ. देवेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि ओटी की सफाई कराई गई। मरे चूहे को हटा दिया गया है। इमरजेंसी में आने वाले सभी मरीजों के ऑपरेशन हुए हैं।



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