तीन अफ्रीकी देशों में आए चक्रवात इदई से मची तबाही

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तीन अफ्रीकी देशों में आए चक्रवात इदई से मची तबाही

नई दिल्ली। अफ्रीकी देशों में 15 मार्च को आए चक्रवात इदई ने तीन देशों मौजाम्बिक, जिम्बाब्वेे और मलावी में चक्रवात इदई ने कहर बरपाया है। चक्रवात के कारण करीब 150 लोगों की मौत हो गई जबकि सैंकड़ों लोग लापता हैं। तूफान के चलते मूलभूत ढांचा पूरी तरह से तबाह हो गया है।

The Devastation Caused By Cyclone In Three African Countries :

दरअसल चक्रवात से प्रभावित इलाकों में सड़क और टेलीफोन संपर्क टूट जाने से हजारों की तादात में लोगों के लापता होने की संभावना हैं। प्रभावित लोगों के लिए राहत एवं बचाव का कार्य शुरू कर दिया है। चक्रवात से प्रभावित लोगों की मदद के लिए रेड क्रॉस और संयुक्त राष्ट्र ने खाने का सामान और अन्य जरूरत वाली सामाग्री पहुंचा रहे हैं।

वहीं सूचना के मुताबिक 16 लाख से ज्यादा लोगों के प्रभावित होने की जानकारी मिली है। वहीं सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य में मोजाम्बिक का बेरिया शहर हुआ है। यहां हवाई अड्डा बंद कर दिया गया है।

बता दें कि बिजली आपूर्ति बाधित है और कई घर, स्कूल, व सरकारी कार्यालय तबाह हो गए हैं। कई लोग अभी भी बाढ़ग्रस्त इलाकों में फंसे हुए हैं। जान बचाने के लिए सभी ऊंचाई वाले इलाकों में पलायन कर रहे हैं।

मोजाम्बिक के राष्ट्रपति फिलीप न्यूसी ने कहा, “स्थिति काफी भयावह है। बाढ़ के कारण हवाई जहाजों के लैंडिंग में कठिनाईयों से रेस्क्यू ऑपरेशन में परेशानी आ रही है।” जिम्बाब्वे सरकार ने अब तक 30 से अधिक लोगों के मारे जाने की पुष्टि की है।

वहीं इस तबाही से मरने वालों में दो स्कूली बच्चे भी शामिल हैं। जिम्बाब्वे के सूचना मंत्रालय ने ट्वीट कर बताया अधिकतर मौत चिमनीमानी पूर्व में हुईं। सेना ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया है। साथ ही मलावी में फ्लैश फ्लड का खतरा मंडरा रहा है।

नई दिल्ली। अफ्रीकी देशों में 15 मार्च को आए चक्रवात इदई ने तीन देशों मौजाम्बिक, जिम्बाब्वेे और मलावी में चक्रवात इदई ने कहर बरपाया है। चक्रवात के कारण करीब 150 लोगों की मौत हो गई जबकि सैंकड़ों लोग लापता हैं। तूफान के चलते मूलभूत ढांचा पूरी तरह से तबाह हो गया है।

दरअसल चक्रवात से प्रभावित इलाकों में सड़क और टेलीफोन संपर्क टूट जाने से हजारों की तादात में लोगों के लापता होने की संभावना हैं। प्रभावित लोगों के लिए राहत एवं बचाव का कार्य शुरू कर दिया है। चक्रवात से प्रभावित लोगों की मदद के लिए रेड क्रॉस और संयुक्त राष्ट्र ने खाने का सामान और अन्य जरूरत वाली सामाग्री पहुंचा रहे हैं।

वहीं सूचना के मुताबिक 16 लाख से ज्यादा लोगों के प्रभावित होने की जानकारी मिली है। वहीं सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य में मोजाम्बिक का बेरिया शहर हुआ है। यहां हवाई अड्डा बंद कर दिया गया है।

बता दें कि बिजली आपूर्ति बाधित है और कई घर, स्कूल, व सरकारी कार्यालय तबाह हो गए हैं। कई लोग अभी भी बाढ़ग्रस्त इलाकों में फंसे हुए हैं। जान बचाने के लिए सभी ऊंचाई वाले इलाकों में पलायन कर रहे हैं।

मोजाम्बिक के राष्ट्रपति फिलीप न्यूसी ने कहा, "स्थिति काफी भयावह है। बाढ़ के कारण हवाई जहाजों के लैंडिंग में कठिनाईयों से रेस्क्यू ऑपरेशन में परेशानी आ रही है।" जिम्बाब्वे सरकार ने अब तक 30 से अधिक लोगों के मारे जाने की पुष्टि की है।

वहीं इस तबाही से मरने वालों में दो स्कूली बच्चे भी शामिल हैं। जिम्बाब्वे के सूचना मंत्रालय ने ट्वीट कर बताया अधिकतर मौत चिमनीमानी पूर्व में हुईं। सेना ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया है। साथ ही मलावी में फ्लैश फ्लड का खतरा मंडरा रहा है।