इस जेल में कैदियों के लिए शुरू हुई एफएम रेडियो की सुविधा, ऐसे होता है मनोरंजन

kadiyo ke liye fm radio ki suvidha
इस जेल में कैदियों के लिए शुरू हुई एफएम रेडियो की सुविधा, ऐसे होता है मनोरंजन

नई दिल्ली। अभी तक जेल में कैदियों को सज़ा के तौर पर उनसे कई तरह के अलग-अलग काम कराए जाते थे। मगर इन घरेलू और साफ-सफाई के कामों के साथ-साथ उनकी रचनात्मकता का पता लगाने के बाद उन्हें मनोरंजन प्रदान करने के लिए एक ऐसी सुविधा की शुरुआत की गई जहां कैदी अपनी रुचि कुछ अलग अंदाज़ में दिखा सकते हैं। कैदियो की रुचि को देखते हुए तेलंगाना कारागार विभाग ने राज्य भर की जेलों में एफएम रेडियो की सुविधा शुरू की है। इस पहल की शुरुआत के बाद संगारेड्डी जिला कारागार राज्य की पहली जिला जेल बन गई जहां सोमवार को एफएम सेवा शुरू की गई।

The Facility Of Fm Radio Launched For Prisoners In This Prison This Kind Of Prisoners Is Entertainment :

बता दें कि जेल विभाग ने इस कार्यक्रम की शुरुआत कैदियों के सुधार और पुनर्वास के लिए चलाई है। जिसमें चुनिंदा कैदियों को एफएम रेडियो स्टेशन ‘अंतर्वाणी’ चलाने के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में कैदी भी भाग लेते हैं साथ ही इस कार्यक्रम में कैदी एफएम रेडियो स्टेशनों का संचालन भी करते हैं। इस कार्यक्रम में कैदी जेल के टाइम टेबल की घोषणाएं करते हैं। साथी कैदियों के लिए देशभक्ति, भक्ति और लोक गीत बजाते हैं।

बताते चलें कि इससे पहले ये पहल पहली बार मार्च में हैदराबाद के केंद्रीय कारागर में शुरू की गई थी और बाद में वारंगल केंद्रीय कारागार में शुरू हुई थी। इस पहल के बारें में महानिदेशक वी के सिंह का कहना है, ‘हमारा मुख्य उद्देश्य उनका सुधार और पुनर्वास है। जब वे मुख्यधारा में वापस जाएं, तो वे सज्जन बन कर जाएं। इसलिए हमने कई पहल की हैं और यह पहल उसी दिशा में ले जाता है जहां जेल की सज़ा काटने के बाद वो अपनी ज़िंदगी हंसी खुशी बसर कर सकें।’

कैदियों के लिए मनोरंजन इस पहल का वो हिस्सा है जब वो जेल में रहते-रहते ज़िंदगी से उदास हो जाते हैं और कभी-कभी ज़िंदगी से हारकर आत्महत्या करने की कोशिश भी करते हैं। कैदियों को ऐसे कदम उठाने की ज़रूरत ना पड़े जिसके लिए मनोरंजन की ये सुविधा दी गई है।

नई दिल्ली। अभी तक जेल में कैदियों को सज़ा के तौर पर उनसे कई तरह के अलग-अलग काम कराए जाते थे। मगर इन घरेलू और साफ-सफाई के कामों के साथ-साथ उनकी रचनात्मकता का पता लगाने के बाद उन्हें मनोरंजन प्रदान करने के लिए एक ऐसी सुविधा की शुरुआत की गई जहां कैदी अपनी रुचि कुछ अलग अंदाज़ में दिखा सकते हैं। कैदियो की रुचि को देखते हुए तेलंगाना कारागार विभाग ने राज्य भर की जेलों में एफएम रेडियो की सुविधा शुरू की है। इस पहल की शुरुआत के बाद संगारेड्डी जिला कारागार राज्य की पहली जिला जेल बन गई जहां सोमवार को एफएम सेवा शुरू की गई। बता दें कि जेल विभाग ने इस कार्यक्रम की शुरुआत कैदियों के सुधार और पुनर्वास के लिए चलाई है। जिसमें चुनिंदा कैदियों को एफएम रेडियो स्टेशन 'अंतर्वाणी' चलाने के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में कैदी भी भाग लेते हैं साथ ही इस कार्यक्रम में कैदी एफएम रेडियो स्टेशनों का संचालन भी करते हैं। इस कार्यक्रम में कैदी जेल के टाइम टेबल की घोषणाएं करते हैं। साथी कैदियों के लिए देशभक्ति, भक्ति और लोक गीत बजाते हैं। बताते चलें कि इससे पहले ये पहल पहली बार मार्च में हैदराबाद के केंद्रीय कारागर में शुरू की गई थी और बाद में वारंगल केंद्रीय कारागार में शुरू हुई थी। इस पहल के बारें में महानिदेशक वी के सिंह का कहना है, 'हमारा मुख्य उद्देश्य उनका सुधार और पुनर्वास है। जब वे मुख्यधारा में वापस जाएं, तो वे सज्जन बन कर जाएं। इसलिए हमने कई पहल की हैं और यह पहल उसी दिशा में ले जाता है जहां जेल की सज़ा काटने के बाद वो अपनी ज़िंदगी हंसी खुशी बसर कर सकें।' कैदियों के लिए मनोरंजन इस पहल का वो हिस्सा है जब वो जेल में रहते-रहते ज़िंदगी से उदास हो जाते हैं और कभी-कभी ज़िंदगी से हारकर आत्महत्या करने की कोशिश भी करते हैं। कैदियों को ऐसे कदम उठाने की ज़रूरत ना पड़े जिसके लिए मनोरंजन की ये सुविधा दी गई है।