नीति अयोग की पहली बैठक आज, कैप्टन अमरिंदर, चंद्रशेखर और ममता बनर्जी नहीं होंगी शामिल

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नीति अयोग की पहली बैठक आज, सीएम कैप्टन अमरिंदर, चंद्रशेखर और ममता बनर्जी नहीं होंगी शामिल

नई दिल्ली। नई सरकार के गठन के बाद नीति आयोग की पहली बैठक आज होगी। पीएम नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में कई राज्यों के सीएम और उप राज्यपाल शामिल होंगे। वहीं नीति आयोग की इस पहली बैठक में पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह, पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी और तेलंगाना के सीएम चंद्रशेखर राव इसमें शामिल नहीं होंगे।

The First Meeting Of The Policy Unity Today Cm Capt Amarinder Chandrasekhar And Mamta Banerjee Will Not Be Included :

ममता नीति आयोग के पक्ष में नहीं हैं और उनका मानना है कि योजना आयोग इससे बेहतर कार्य करता था। केसीआर के बैठक में शामिल होने की वजह का पता नहीं चला है। वहीं पंजाब के मुख्यमंत्री खराब स्वास्थ्य की वजह से इसमें शामिल नहीं होंगे। बीजेपी और तृणमूल कांग्रेस के बीच बढ़ती जा रही तनातनी कम होने का नाम नहीं ले रही है। इनके बीच और खटास बढ़ती जा रही है।

ममता ने इस मामले में सात जून को पीएम मोदी को पत्र लिखा था। जिसमें उनका कहना था कि नीति आयोग के पास कोई वित्तीय शक्तियां नहीं हैं और राज्य की योजनाओं का समर्थन करने की शक्ति नहीं है। इस वजह से मेरे लिए बैठक में शामिल होने का कोई मतलब नहीं है। पिछले कार्यकाल में भी ममता नीति आयोग की बैठकों से दूर ही थीं। वहीं आंध्र प्रदेश के सीएम जगन मोहन रेड्डी ने कहा था कि वह राज्य का विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग करेंगे।

इसको लेकर वह अमित शाह से भी मुलाकात किये थे। बताया जा रहा है कि इस बैठक का एजेंडा तय हो चुका है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में होने वाली इस बैठक में जल प्रबंधन, कृषि, नक्सलवाद और सुरक्षा विषय पर राज्यों से विचार-विमर्श किया जाएगा। बैठक में वित्त, गृह, रक्षा, कृषि, वाणिज्य और ग्रामीण विकास मंत्री मौजूद रहेंगे। इसके अलावा नीति आयोग के उपाध्यक्ष, सीईओ और सदस्य भी बैठक में शामिल होंगे।

नई दिल्ली। नई सरकार के गठन के बाद नीति आयोग की पहली बैठक आज होगी। पीएम नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में कई राज्यों के सीएम और उप राज्यपाल शामिल होंगे। वहीं नीति आयोग की इस पहली बैठक में पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह, पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी और तेलंगाना के सीएम चंद्रशेखर राव इसमें शामिल नहीं होंगे। ममता नीति आयोग के पक्ष में नहीं हैं और उनका मानना है कि योजना आयोग इससे बेहतर कार्य करता था। केसीआर के बैठक में शामिल होने की वजह का पता नहीं चला है। वहीं पंजाब के मुख्यमंत्री खराब स्वास्थ्य की वजह से इसमें शामिल नहीं होंगे। बीजेपी और तृणमूल कांग्रेस के बीच बढ़ती जा रही तनातनी कम होने का नाम नहीं ले रही है। इनके बीच और खटास बढ़ती जा रही है। ममता ने इस मामले में सात जून को पीएम मोदी को पत्र लिखा था। जिसमें उनका कहना था कि नीति आयोग के पास कोई वित्तीय शक्तियां नहीं हैं और राज्य की योजनाओं का समर्थन करने की शक्ति नहीं है। इस वजह से मेरे लिए बैठक में शामिल होने का कोई मतलब नहीं है। पिछले कार्यकाल में भी ममता नीति आयोग की बैठकों से दूर ही थीं। वहीं आंध्र प्रदेश के सीएम जगन मोहन रेड्डी ने कहा था कि वह राज्य का विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग करेंगे। इसको लेकर वह अमित शाह से भी मुलाकात किये थे। बताया जा रहा है कि इस बैठक का एजेंडा तय हो चुका है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में होने वाली इस बैठक में जल प्रबंधन, कृषि, नक्सलवाद और सुरक्षा विषय पर राज्यों से विचार-विमर्श किया जाएगा। बैठक में वित्त, गृह, रक्षा, कृषि, वाणिज्य और ग्रामीण विकास मंत्री मौजूद रहेंगे। इसके अलावा नीति आयोग के उपाध्यक्ष, सीईओ और सदस्य भी बैठक में शामिल होंगे।