इस मजदूर के जज़्बे को सलाम, एक हाथ से NH-24 का कर रहा है निर्माण

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नई दिल्ली। लगन, परिश्रम और जज़्बे के दम पर हम किसी भी मुकाम को हासिल कर सकते है यह बातें सिर्फ किताबों में पढ़ने को मिलती है, रियल लाइफ में यह कम ही देखने को मिलता है लेकिन आज हम एक ऐसे रियल लाइफ हीरो की बात कर रहें है जिसके ऊपर ये सभी लाइने सटीक बैठती है।




यूपी के सुल्तानपुर का रहने वाले दिनेश कुमार, जिसने 6 साल पहले हादसे में अपना एक हाथ गंवा दिया था जिसके बाद भी उसके जीवन जीने के तरीके में बदलाव नहीं आया। पेशे से मजदूर दिनेश एक हाथ होने के बावजूद मजबूर बिलकुल नहीं है। वैसे तो देश के तमाम शहरों में सड़के बनती है लेकिन दिल्ली से मेरठ के बीच बन रही 14 लेन का हाइवे की कहानी अलग है क्योकि उसमे एक ऐसे जबाज़ की मेहनत है जिसे जान अप भी हैरान रह जाएंगे। मयूर विहार के एनएच-24 क्रॉसिंग पर 40 डिग्री सेल्सियस की गर्मी में पीले हेल्मेट लगाए काम कर रहे दिनेश कोई आम मजदूर नहीं हैं।



दिनेश की हल्की रंग की टी-शर्ट काम से गंदी हो चुकी है। वह अपना एक हाथ 6 साल पहले अपने गांव सुल्तानपुर में गंवा चुके हैं। हाथ में करंट लगने से दिनेश का पूरा हाथ काटना पड़ा था। छह बच्चों के पिता दिनेश को सरकार ने सर्टिफिकेट के अलावा फ्री बस पास भी दिया हुआ है लेकिन जिंदगी में चलते रहने के लिए उन्हें अलग ही ऊर्जा की जरूरत थी। उन्होंने काम करने का निर्णय लिया।




दिनेश ने बताया, ‘पहले बहुत दिक्कत होता था, रोना आ जाता था, क्या करुं पांच बेटियां हैं।’ मई की गर्मी में काम करते हुए जब बाकी मजदूर थक जाते हैं तो उनके लिए ऊर्जा का स्रोत दिनेश ही होते हैं। 56 साल के एक वृद्ध मजदूर कप्तान सिंह ने कहा, ‘जब मैं थक जाता हूं मैं दिनेश की तरफ देखता हूं और फिर मुझ मैं एक शक्ति सी आ जाती है।’

नई दिल्ली। लगन, परिश्रम और जज़्बे के दम पर हम किसी भी मुकाम को हासिल कर सकते है यह बातें सिर्फ किताबों में पढ़ने को मिलती है, रियल लाइफ में यह कम ही देखने को मिलता है लेकिन आज हम एक ऐसे रियल लाइफ हीरो की बात कर रहें है जिसके ऊपर ये सभी लाइने सटीक बैठती है। यूपी के सुल्तानपुर का रहने वाले दिनेश कुमार, जिसने 6 साल पहले हादसे में अपना एक हाथ गंवा दिया था जिसके बाद…