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भारतीय नौसेना को मिला अब नया ध्वज, अंग्रेजों का निशान हटा, पीएम बोले-ये गुलामी की पहचान बनी हुई थी

देश के लिए आज यानी दो सितंबर का दिन ऐतिहासिक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने आज कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड में भारत के पहले स्वदेशी विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत (INS Vikrant) को नेवी को सौंपा। देश के लिए आज ये बड़ी उपलब्धि है।

By शिव मौर्या 
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नई दिल्ली। देश के लिए आज यानी दो सितंबर का दिन ऐतिहासिक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने आज कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड में भारत के पहले स्वदेशी विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत (INS Vikrant) को नेवी को सौंपा। देश के लिए आज ये बड़ी उपलब्धि है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने भारतीय नवसेना के लिए नए ध्वज का भी अनावरण किया। दरअसल, पुराने झंडे में तिरंगे के साथ सेंट जॉर्ज क्रॉस (अंग्रेजों की निशानी) को भी रखा गया था।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने इसे गुलामी का प्रतीक करार दिया है। वहीं, अब नए ध्वज में छत्रपति शिवाजी महाराज के चिन्ह को अपनाया गया है। नए निशान पर भारतीय नौसेना का आदर्श वाक्य ‘सम नो वरुणः‘ अंकित है। बता दें कि, 1947 में देश आजाद होने के बाद भारतीय रक्षा बलों ने ब्रिटिश औपनिवेशिक झंडे और बैज को जारी रखा। 26 जनवरी 1950 को इसमें बदलाव भी किया गया। नौसेना के धवज में बदलाव के दौरान यूनियन जैक की जगह तिरंगा लगाया गया था।

जॉर्ज क्रॉस को बरकरार रखा गया था। यही नहीं इसके बाद भी कई बार नौसेना के ध्वज में बदलाव किए गए लेकिन रेड क्रॉस को नहीं हटाया गया था। इसमें बदलाव की मांग लंबे समय से की जा रही थी। 2004 में एक और बदलाव किया गया था, लेकिन इस समय भी सेंट जॉर्ज क्रॉस को नहीं हटाया गया। 2014 में देवनागरी लिपि में अशोक चिन्ह के नीचे ध्वज पर ‘सत्यमेव जयते‘ शब्द शामिल किया गया था।

गुलामी की थी पहचान
इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने कहा कि, अब तक भारतीय नौसेना के ध्वज पर गुलामी की पहचान बनी हुई थी। लेकिन अब आज से छत्रपति शिवाजी से प्रेरित, नौसेना का नया ध्वज समंदर और आसमान में लहराएगा। आज 2 सितंबर, 2022 की ऐतिहासिक तारीख को, इतिहास बदलने वाला एक और काम हुआ है। आज भारत ने, गुलामी के एक निशान, गुलामी के एक बोझ को अपने सीने से उतार दिया है। आज से भारतीय नौसेना को एक नया ध्वज मिला है। विक्रांत जब हमारे समुद्री क्षेत्र की सुरक्षा के लिए उतरेगा, तो उस पर नौसेना की अनेक महिला सैनिक भी तैनात रहेंगी। समंदर की अथाह शक्ति के साथ असीम महिला शक्ति, ये नए भारत की बुलंद पहचान बन रही है।

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