फेसबुक मैसेंजर में फॉरवर्ड संदेश भेजने की अधिकतम सीमा हुई पांच, फर्जी खबरों पर लगेगी रोक

facebook

नई दिल्ली। फर्जी और गलत न्यूज फैलाने और उनको रोकने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफाफर्म फेसबुक लगातार काम कर रहा है। इसके लिए फेसबुक अपने चैटिंग एप मैसेंजर में कुछ बदलाव करने जा रहा है। दरअसल फेसबुक की तरफ से व्हाट्सएप की तरह ही मैसेंजर एप में भी मैसेज फॉरवर्ड करने की सीमा तय की जाएगी।

The Maximum Limit For Sending Forward Messages In Facebook Messenger Is Five Fake News Will Be Banned :

फेसबुक मैसेंजर में फॉरवर्ड संदेश भेजने की अधिकतम सीमा पांच कर दी गई है। ऐसे में फेसबुक मैसेंजर के उपयोगकर्ता एक बार में अधिकतम पांच लोगों को ही मैसेज भेज पाएंगे। फेसबुक के दावे के मुताबिक फॉरवर्ड मैसेज की अधिकतम सीमा तय करने से फर्जी खबरों पर रोक लगाई जा सकेगी। साथ ही गलत जानकारी देने वाले मैसेज के विस्तार को रोका जा सकेगा। इस फैसले को कोरोनावायरस महामारी के दौरान गलत सूचनाओं के प्रसार को रोकने और अमेरिका, न्यूजीलैंड और अन्य देशों में होने वाले चुनावों के मद्देनजर लिया गया है।

वेबसाइट मैसेबल के अनुसार फेसबुक ने यह भी घोषणा की है कि वह अमेरिकी चुनावों से एक हफ्ते पहले से ही नए राजनीतिक विज्ञापनों को स्वीकार नहीं करेगा। कंपनी ने यह भी उल्लेख किया कि यह उन पोस्टों को हटा देगा जो वायरस के डर से लोगों को मतदान से हतोत्साहित करते हैं।

इस महीने की शुरुआत में सोशल मीडिया की दिग्गज कंपनी ने अपने प्लेटफॉर्म, इंस्टाग्राम और मैसेंजर पर अपने वोटिंग इंफॉर्मेशन सेंटर की शुरुआत की है ताकि सभी उपयोगकर्ताओं को मतदान के बारे में सटीक और आसान जानकारी खोजने में मदद कर सकें। इसके बाद ही मैसेंजर की सुरक्षा को मजबूत करते हुए फेस आईडी और फिंगरप्रिंट रिकॉग्निशन जैसे फीचर जोड़े गए।

नई दिल्ली। फर्जी और गलत न्यूज फैलाने और उनको रोकने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफाफर्म फेसबुक लगातार काम कर रहा है। इसके लिए फेसबुक अपने चैटिंग एप मैसेंजर में कुछ बदलाव करने जा रहा है। दरअसल फेसबुक की तरफ से व्हाट्सएप की तरह ही मैसेंजर एप में भी मैसेज फॉरवर्ड करने की सीमा तय की जाएगी। फेसबुक मैसेंजर में फॉरवर्ड संदेश भेजने की अधिकतम सीमा पांच कर दी गई है। ऐसे में फेसबुक मैसेंजर के उपयोगकर्ता एक बार में अधिकतम पांच लोगों को ही मैसेज भेज पाएंगे। फेसबुक के दावे के मुताबिक फॉरवर्ड मैसेज की अधिकतम सीमा तय करने से फर्जी खबरों पर रोक लगाई जा सकेगी। साथ ही गलत जानकारी देने वाले मैसेज के विस्तार को रोका जा सकेगा। इस फैसले को कोरोनावायरस महामारी के दौरान गलत सूचनाओं के प्रसार को रोकने और अमेरिका, न्यूजीलैंड और अन्य देशों में होने वाले चुनावों के मद्देनजर लिया गया है। वेबसाइट मैसेबल के अनुसार फेसबुक ने यह भी घोषणा की है कि वह अमेरिकी चुनावों से एक हफ्ते पहले से ही नए राजनीतिक विज्ञापनों को स्वीकार नहीं करेगा। कंपनी ने यह भी उल्लेख किया कि यह उन पोस्टों को हटा देगा जो वायरस के डर से लोगों को मतदान से हतोत्साहित करते हैं। इस महीने की शुरुआत में सोशल मीडिया की दिग्गज कंपनी ने अपने प्लेटफॉर्म, इंस्टाग्राम और मैसेंजर पर अपने वोटिंग इंफॉर्मेशन सेंटर की शुरुआत की है ताकि सभी उपयोगकर्ताओं को मतदान के बारे में सटीक और आसान जानकारी खोजने में मदद कर सकें। इसके बाद ही मैसेंजर की सुरक्षा को मजबूत करते हुए फेस आईडी और फिंगरप्रिंट रिकॉग्निशन जैसे फीचर जोड़े गए।