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केरल विधानसभा में पहली बार मुख्यमंत्री ससुर के साथ बैठेगा एमएलए दामाद

केरल में पहली बार विधानसभा में ससुर और दामाद एक साथ बैठेंगे और इस प्रकार इतिहास का एक नया अध्याय शुरू करेंगे। 77 वर्षीय ससुर और कोई नहीं बल्कि मुख्यमंत्री पी विजयन हैं, जबकि दामाद उनकी बेटी के पति पीए मोहम्मद रियाज़ हैं जो डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं।

By संतोष सिंह 
Updated Date

The Mla Son In Law Will Sit With The Chief Minister In Law For The First Time In The Kerala Legislative Assembly

तिरुवनंतपुरम। केरल में पहली बार विधानसभा में ससुर और दामाद एक साथ बैठेंगे और इस प्रकार इतिहास का एक नया अध्याय शुरू करेंगे। 77 वर्षीय ससुर और कोई नहीं बल्कि मुख्यमंत्री पी विजयन हैं, जबकि दामाद उनकी बेटी के पति पीए मोहम्मद रियाज़ हैं जो डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं।

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रियाज़ विजयन की बेटी वीणा के पति हैं और दोनों ने 15 जून 2020 को मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास क्लीफ हाउस में शादी की थी। विजयन ने कन्नूर जिले की धर्मदाम सीट से 50,000 मतों के अंत से जीत दर्ज की है, जबकि 44 वर्षीय रियाज़ कोझीकोड जिले में वाम दल के गढ़ बेयपोर से निर्वाचित हुए हैं।

विधानसभा के लिए सियासतदानों के बेटे व बेटियों के निर्वाचित होने का इतिहास रहा है, लेकिन यह पहली बार है कि ससुर और दामाद, दोनों विधानसभा के लिए निर्वाचित हुए हैं। रियाज़ ने कोझीकोड से 2009 का लोकसभा चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। छह अप्रैल को हुए विधानसभा चुनाव में कई नेताओं के बच्चों ने अपनी तकदीर आज़माई थी, लेकिन कई को शिकस्त का सामना करना पड़ा।

वाम दलों की साझेदार केरल कांग्रेस (एम) के प्रमुख जोस के मणि और उनकी बहन के पति एमपी जोसेफ ने यूडीएफ के उम्मीदवार को तौर पर चुनाव लड़ा था, लेकिन दोनों को क्रमश: पाला और त्रिक्करीपुर से हार का सामना करना पड़ा। केरल कांग्रेस के अध्यक्ष पीजे जोसेफ थोडुपुझा सीट से जीत गए, जबकि उनके दामाद डॉ जोसेफ ट्वेंटी 20 के प्रत्याशी के तौर पर कोथमंगलम सीट से हार गए। सत्तारूढ़ माकपा नीत एलडीएफ और विपक्षी कांग्रेस नीत यूडीएफ के पूर्व मंत्रियों और विधायकों के बच्चों ने छह अप्रैल को हुए विधानसभा चुनाव में 20 सीटों से अपना भाग्य अज़माया था।

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