विश्व में सबसे सुखी मुसलमान भारत में हैं, क्योंकि हम हिंदू हैं : मोहन भागवत

mohan bhagwat
विश्व में सर्वाधिक सुखी मुसलमान भारत में हैं, क्योंकि हम हिंदू हैं : मोहन भागवत

नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि दुनिया में सबसे सुखी मुसलमान भारत में मिलेंगे। क्योंकि हम हिंदू हैं। उन्होंने कहा कि, आरएसएस का उद्देश्य भारत में पविर्तन के लिए सभी समुदायों को संगठित करना है, न कि सिर्फ हिंदू समुदाय को। बुद्धिजीवियों के साथ बातचीत में उन्होंने कहा कि सबसे सही तरीका यह है कि अच्छा व्यक्ति तैयार किया जाए, जो समाज और देश को बदलने में अहम भूमिका निभा सके।

The Most Happy Muslims In The World Are In India Because We Are Hindus Mohan Bhagwat :

सभा को संबोधित करते हुए मोहन भागवत ने कहा कि, हमारी उन्नति अंग्रेजों की वजह से हुई है, यह बिल्कुल गलत है। हम क्लासलेस सोसायटी की स्थापना वेदों के आधार पर कर सकते है। हिंदू कोई भाषा या प्रांत नहीं है, ये एक संस्कृति है जो भारत के लोगों की सांस्कृतिक विरासत है। मोहन भागवत ने कहा कि आरएसएस का लक्ष्य सिर्फ हिंदू समुदाय को बदलना नहीं है, बल्कि देश में पूरे समाज को संगठित करना है।

साथ ही हिंदुस्तान को बेहतर भविष्य की ओर ले जाना है। मोहन भागवत ने कहा कि, बदलाव जरूरी है लेकिन 130 करोड़ लोगों को बदलना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि इसके लिए अच्छे व्यक्ति तैयार करना जरूरी है, जो स्वच्छ चरित्र का हो और हर गली, हर कस्बे में नेतृत्व करने की क्षमता रखता हो।

बता दें कि, सं​घ प्रमुख नौ दिवसिय दौरे पर ओडिशा के सतरुदे पहुंचे हैं। इस दौरान 17 से 20 अक्टूबर तक कार्यकारी मंडल की बैठक होगी, जिसमें जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने और तीन तलाक बिल जैसे केंद्र सरकार के कदमों पर चर्चा होने की उम्मीद है।

नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि दुनिया में सबसे सुखी मुसलमान भारत में मिलेंगे। क्योंकि हम हिंदू हैं। उन्होंने कहा कि, आरएसएस का उद्देश्य भारत में पविर्तन के लिए सभी समुदायों को संगठित करना है, न कि सिर्फ हिंदू समुदाय को। बुद्धिजीवियों के साथ बातचीत में उन्होंने कहा कि सबसे सही तरीका यह है कि अच्छा व्यक्ति तैयार किया जाए, जो समाज और देश को बदलने में अहम भूमिका निभा सके। सभा को संबोधित करते हुए मोहन भागवत ने कहा कि, हमारी उन्नति अंग्रेजों की वजह से हुई है, यह बिल्कुल गलत है। हम क्लासलेस सोसायटी की स्थापना वेदों के आधार पर कर सकते है। हिंदू कोई भाषा या प्रांत नहीं है, ये एक संस्कृति है जो भारत के लोगों की सांस्कृतिक विरासत है। मोहन भागवत ने कहा कि आरएसएस का लक्ष्य सिर्फ हिंदू समुदाय को बदलना नहीं है, बल्कि देश में पूरे समाज को संगठित करना है। साथ ही हिंदुस्तान को बेहतर भविष्य की ओर ले जाना है। मोहन भागवत ने कहा कि, बदलाव जरूरी है लेकिन 130 करोड़ लोगों को बदलना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि इसके लिए अच्छे व्यक्ति तैयार करना जरूरी है, जो स्वच्छ चरित्र का हो और हर गली, हर कस्बे में नेतृत्व करने की क्षमता रखता हो। बता दें कि, सं​घ प्रमुख नौ दिवसिय दौरे पर ओडिशा के सतरुदे पहुंचे हैं। इस दौरान 17 से 20 अक्टूबर तक कार्यकारी मंडल की बैठक होगी, जिसमें जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने और तीन तलाक बिल जैसे केंद्र सरकार के कदमों पर चर्चा होने की उम्मीद है।