पुलवामा में विस्फोटक से भरी कार पर था बाइक का नम्बर, ऐसे हुआ खुलासा

explosive filled car
पुलवामा में विस्फोटक से भरी कार पर था बाइक का नम्बर, ऐसे हुआ खुलासा

नई दिल्ली। जम्मू कश्मीर के पुलवामा ने कार से भारी मात्रा विस्फोटक बरामद हुआ है। विस्फोटक से भरी कार पर लगी नंबर प्लेट पर बाइक का नम्बर पड़ा था। तहकीकात में पता चला है कि जो नंबर प्लेट कार पर लगी थी वह कठुआ जिले में क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय में बीएसएफ अधिकारी साहिल कुमार के नाम पर पंजीकृत है। डीजीपी दिलबाग सिंह ने कहा कि सुरक्षाबलों को गुमराह करने के लिए कार पर झूठी नंबर प्लेट लगाई गई थी।

The Number Of The Bike Was On A Car Full Of Explosives In Pulwama :

डीजीपी ने कहा कि कार के असली मालिक का विवरण बाद में साझा किया जाएगा। वहीं, कठुआ जिले के एसएसपी शैलेंद्र कुमार मिश्रा ने कहा कि सैंट्रो कार पर लगाई गई नंबर प्लेट मूल रूप से बडगाम में तैनात बीएसएफ के एएसआई साहिल कुमार की मोटरसाइकिल की थी। एसएसपी ने कहा कि बीएसएफ अधिकारी की इस मामले से कोई लेना-देना नहीं था और यह आतंकवादियों को सुरक्षाबलों को गुमराह करने का एक हथकंडा था।

विस्फोटक बरामद करने के साथ ही सुरक्षाबलों ने एक बार फिर फरवरी 2019 जैसी घटना को अंजाम दिए जाने की साजिश को नाकाम कर दिया। आतंकवादी एक बार फिर विस्फोटक भरी कार को सुरक्षाबलों की गाड़ियों से टकरना चाहते थे। पिछले साल 14 फरवरी को इसी तरह के आत्मघाती हमला में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे।
जम्मू-कश्मीर पुलिस के आईजी विजय कुमार ने बताया कि यह साजिश जैश-ए-मोहम्मद की थी और हिज्बुल मुजाहिद्दीन इसमें मददगार था। दोनों आतंकवादी संगठन मिलकर एक बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में थे।

आईजी विजय कुमार ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि हमें पिछले सप्ताह से ही जानकारी मिल रही थी कि जैश-ए-मोहम्मद और हिज्बुल मुजाहिद्दीन मिलकर फिदायीन हमला करने वाले हैं। इसके लिए इन्होंने सेंट्रो कार ली है, इसमें आईडी भरकर हमला किया जा सकता है। कल दिन में और जानकारी मिली शाम तक सूचना पुष्ट हो गई। पुलवामा पुलिस ने सीआरपीएफ और सेना की मदद से नाका पार्टी लगाया था।’

नई दिल्ली। जम्मू कश्मीर के पुलवामा ने कार से भारी मात्रा विस्फोटक बरामद हुआ है। विस्फोटक से भरी कार पर लगी नंबर प्लेट पर बाइक का नम्बर पड़ा था। तहकीकात में पता चला है कि जो नंबर प्लेट कार पर लगी थी वह कठुआ जिले में क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय में बीएसएफ अधिकारी साहिल कुमार के नाम पर पंजीकृत है। डीजीपी दिलबाग सिंह ने कहा कि सुरक्षाबलों को गुमराह करने के लिए कार पर झूठी नंबर प्लेट लगाई गई थी। डीजीपी ने कहा कि कार के असली मालिक का विवरण बाद में साझा किया जाएगा। वहीं, कठुआ जिले के एसएसपी शैलेंद्र कुमार मिश्रा ने कहा कि सैंट्रो कार पर लगाई गई नंबर प्लेट मूल रूप से बडगाम में तैनात बीएसएफ के एएसआई साहिल कुमार की मोटरसाइकिल की थी। एसएसपी ने कहा कि बीएसएफ अधिकारी की इस मामले से कोई लेना-देना नहीं था और यह आतंकवादियों को सुरक्षाबलों को गुमराह करने का एक हथकंडा था। विस्फोटक बरामद करने के साथ ही सुरक्षाबलों ने एक बार फिर फरवरी 2019 जैसी घटना को अंजाम दिए जाने की साजिश को नाकाम कर दिया। आतंकवादी एक बार फिर विस्फोटक भरी कार को सुरक्षाबलों की गाड़ियों से टकरना चाहते थे। पिछले साल 14 फरवरी को इसी तरह के आत्मघाती हमला में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे। जम्मू-कश्मीर पुलिस के आईजी विजय कुमार ने बताया कि यह साजिश जैश-ए-मोहम्मद की थी और हिज्बुल मुजाहिद्दीन इसमें मददगार था। दोनों आतंकवादी संगठन मिलकर एक बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में थे। आईजी विजय कुमार ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि हमें पिछले सप्ताह से ही जानकारी मिल रही थी कि जैश-ए-मोहम्मद और हिज्बुल मुजाहिद्दीन मिलकर फिदायीन हमला करने वाले हैं। इसके लिए इन्होंने सेंट्रो कार ली है, इसमें आईडी भरकर हमला किया जा सकता है। कल दिन में और जानकारी मिली शाम तक सूचना पुष्ट हो गई। पुलवामा पुलिस ने सीआरपीएफ और सेना की मदद से नाका पार्टी लगाया था।'