शर्मनाक! झोले में रखकर ले गया बेटे का शव

नई दिल्ली: सच है हिंदुस्तान दुनिया के दस अमीर मुल्कों में सातवें नंबर पर है। भारत विकास के नए-नए आयाम छू रहा है। विकासशील से विकसित बनने की राह पर है लेकिन जब हकीकत की धरातल पर नज़र जाती है तो ऐसा भारत नज़र आता है, जहां आज भी गरीबी लोगों पर ताने मारकर हंसती है।




छत्तीसगढ़ में एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जिसे देखकर भारत की वास्तविकता का पता चलता है। जगदलपुर मेडिकल कॉलेज में 20 साल के यालम रमेश की पत्नी शशिकला ने एक बच्चे को जन्म दिया। लेकिन यह बच्चा मृत पैदा हुआ। इसके बाद रमेश को जल्द ही हॉस्पिटल से बच्चे को ले जाने के लिए कहा गया। रमेश का आरोप है कि अपने नवजात मृत बच्चे को झोले में रखकर ले जाना पड़ा।




रमेश बीजापुर जिले के लंकापल्ली के आईपेंटा गांव का रहने वाला है। वह बुधवार को अपनी पत्नी की डिलिवरी के लिए हॉस्पिटल आया था। लेकिन उसका बच्चा मृत पैदा हुआ। रमेश का कहना है कि सिस्टर ने कहा कि इसे ले जाओ और तुरंत बेड खाली करो। रमेश को समझ नहीं आया कि वह शव का क्या करे। उसने थैले में शव को रखा और मदद के लिए कलेक्टर अमित कटारिया के पास गया। रमेश स्थानीय बोली ही जानता है। लिहाजा, कटारिया समझ नहीं सके कि वह क्या बोलना चाहता है। उन्होंने रेडक्रॉस के लोगों से उसकी मदद करने के लिए कहा।