आईटी कंपनी का अजीब फरमान, आफिस में नहीं है पानी घर से करो काम

water crisis in chennai
आईटी कंपनी का अजीब फरमान, आफिस में नहीं है पानी घर से करो काम

नई दिल्ली। चेन्नई में जल संकट किस कदर का है ये एक कंपनी के अजीब—ओ—गरीब फरमान से समझा जा सकता है। दरअसल ओल्ड महाबलिपुरम रोड पर स्थित आईटी कंपनियों ने अपने कर्मचारियों से घर से काम करने के लिए कहा है। कंपनियों का कहना है कि आफिस में पानी नहीं है, लिहाजा सभी कर्मचारी घर पर ही रहें। बताया जा रहा है कि लगभग 200 दिनों से शहर में बारिश नहीं हुई है, यहीं नहीं अगले तीन महीने तक पानी संकट से उबरने के भी कोई आसार नहीं है।

The Odd Order Of The It Company The Office Does Not Have Water Do Work From Home :

सूत्रों का कहना है कि 12 कंपनियों में काम करने वाले लगभग 5 हजार टेक कर्मचारियों को घर से काम करने के लिए कहा गया है। बताते चलें इससे पहले भी करीब चार साल पहले जब टैंकर वालों ने पानी सप्लाई से इंकार कर दिया था, तब भी कर्मचारियों को घर से काम करने को कहा गया था। बता दें कि ओएमआर में लगभग 600 आईटी कंपनियां और आईटीईएस कंपनियां हैं।

बता दें कि फोर्ड बिजनेस स्कूल ने तो अपने कर्मचारियों से यहां तक बोल दिया है कि वो पीने के लिए पानी अपने घरों से लाएं। जल प्रबंधन स्टार्टअप ग्रीनएनवायरमेंट के संस्थापक और सीईओ वरुण श्रीधरन ने कहा, ‘कंपनियां अपनी जरूरत का लगभग 55% पानी उपयोग और उसकी रीयल टाइम निगरानी कर रही हैं। वहीं सीवेज उपचार संयंत्रों को कुशलतापूर्वक प्रबंधित और इसके आउटपुट का उपयोग करने पर ध्यान दिया जा रहा है।’

नई दिल्ली। चेन्नई में जल संकट किस कदर का है ये एक कंपनी के अजीब—ओ—गरीब फरमान से समझा जा सकता है। दरअसल ओल्ड महाबलिपुरम रोड पर स्थित आईटी कंपनियों ने अपने कर्मचारियों से घर से काम करने के लिए कहा है। कंपनियों का कहना है कि आफिस में पानी नहीं है, लिहाजा सभी कर्मचारी घर पर ही रहें। बताया जा रहा है कि लगभग 200 दिनों से शहर में बारिश नहीं हुई है, यहीं नहीं अगले तीन महीने तक पानी संकट से उबरने के भी कोई आसार नहीं है। सूत्रों का कहना है कि 12 कंपनियों में काम करने वाले लगभग 5 हजार टेक कर्मचारियों को घर से काम करने के लिए कहा गया है। बताते चलें इससे पहले भी करीब चार साल पहले जब टैंकर वालों ने पानी सप्लाई से इंकार कर दिया था, तब भी कर्मचारियों को घर से काम करने को कहा गया था। बता दें कि ओएमआर में लगभग 600 आईटी कंपनियां और आईटीईएस कंपनियां हैं। बता दें कि फोर्ड बिजनेस स्कूल ने तो अपने कर्मचारियों से यहां तक बोल दिया है कि वो पीने के लिए पानी अपने घरों से लाएं। जल प्रबंधन स्टार्टअप ग्रीनएनवायरमेंट के संस्थापक और सीईओ वरुण श्रीधरन ने कहा, 'कंपनियां अपनी जरूरत का लगभग 55% पानी उपयोग और उसकी रीयल टाइम निगरानी कर रही हैं। वहीं सीवेज उपचार संयंत्रों को कुशलतापूर्वक प्रबंधित और इसके आउटपुट का उपयोग करने पर ध्यान दिया जा रहा है।'