ट्रिपल तलाक बिल को राष्ट्रपति ने भी दी मंजूरी, सितंबर 2018 से होगा लागू

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ट्रिपल तलाक बिल को राष्ट्रपति ने भी दी मंजूरी, सितंबर 2018 से होगा लागू

नई दिल्ली। लोकसभा और राज्यसभा में तीन तलाक बिल पास होने के बाद गुरुवार को राष्ट्रपति ने भी इस बिल को मंजूरी दे दी। बता दें कि ये बिल 19 सितंबर 2018 ये लागू हो गया है। गौरतलब हो कि मंगलवार को राज्यसभा से तीन तलाक बिल पास हुआ था। जिसके बाद इस बिल को मंजूरी के लिए राष्ट्रपति के पास भेजा गया था।

The President Also Approved The Triple Divorce Bill Effective From September 2018 :

बता दें कि राज्यसभा में बिल के पक्ष में 99 और विपक्ष में 84 वोट पड़े थे। जिसके बाद राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद ये बिल लागू हो गया। इससे पहले राज्यसभा में तीन तलाक बिल को सेलेक्ट कमेटी के पास भेजने का प्रस्ताव वोटिंग के बाद गिर गया। प्रस्ताव के पक्ष में 84 और विपक्ष में 100 वोट पड़े थे। बताया जा रहा है कि विरोध में लगी पार्टियां वोटिंग के दौरान राज्यसभा से वाकआउट कर गई थी। इस बिल में तीन तलाक को गैर कानूनी बनाते हुए 3 साल की सजा और जुर्माने का प्रावधान शामिल है।

इस बिल के मुताबिक मौखिक, लिखित या किसी अन्य माध्यम से पति अगर एक बार में अपनी पत्नी को तीन तलाक देता है तो वह अपराध की श्रेणी में आएगा। वहीं तीन तलाक देने पर पत्नी स्वयं या उसके करीबी रिश्तेदार ही इस बारे में केस दर्ज करा सकेंगे। बता दें कि महिला अधिकार संरक्षण कानून 2019 बिल के मुताबिक एक समय में तीन तलाक देना अपराध है। इसलिए पुलिस बिना वारंट के तीन तलाक देने वाले आरोपी पति को गिरफ्तार कर सकती है।

नई दिल्ली। लोकसभा और राज्यसभा में तीन तलाक बिल पास होने के बाद गुरुवार को राष्ट्रपति ने भी इस बिल को मंजूरी दे दी। बता दें कि ये बिल 19 सितंबर 2018 ये लागू हो गया है। गौरतलब हो कि मंगलवार को राज्यसभा से तीन तलाक बिल पास हुआ था। जिसके बाद इस बिल को मंजूरी के लिए राष्ट्रपति के पास भेजा गया था। बता दें कि राज्यसभा में बिल के पक्ष में 99 और विपक्ष में 84 वोट पड़े थे। जिसके बाद राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद ये बिल लागू हो गया। इससे पहले राज्यसभा में तीन तलाक बिल को सेलेक्ट कमेटी के पास भेजने का प्रस्ताव वोटिंग के बाद गिर गया। प्रस्ताव के पक्ष में 84 और विपक्ष में 100 वोट पड़े थे। बताया जा रहा है कि विरोध में लगी पार्टियां वोटिंग के दौरान राज्यसभा से वाकआउट कर गई थी। इस बिल में तीन तलाक को गैर कानूनी बनाते हुए 3 साल की सजा और जुर्माने का प्रावधान शामिल है। इस बिल के मुताबिक मौखिक, लिखित या किसी अन्य माध्यम से पति अगर एक बार में अपनी पत्नी को तीन तलाक देता है तो वह अपराध की श्रेणी में आएगा। वहीं तीन तलाक देने पर पत्नी स्वयं या उसके करीबी रिश्तेदार ही इस बारे में केस दर्ज करा सकेंगे। बता दें कि महिला अधिकार संरक्षण कानून 2019 बिल के मुताबिक एक समय में तीन तलाक देना अपराध है। इसलिए पुलिस बिना वारंट के तीन तलाक देने वाले आरोपी पति को गिरफ्तार कर सकती है।