भारत में कोरोना मरीजों का रिकवरी रेट बढ़कर 41% हुआ और मृत्यु दर दुनिया में सबसे कम

jyu-jpg_710x400xt

नई दिल्ली. भारत में कोरोना से कुल 60,490 मरीज ठीक हो चुके हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया, रिकवरी रेट में सुधार जारी है। वर्तमान में यह 41.61% है। मृत्यु दर में भी कमी आई है। हमारा मृत्यु दर 3.3% से घटते हुए 2.87% हो चुका है। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) के महानिदेशन डॉक्टर बलराम भार्गव ने कहा, पिछले कुछ महीनों में टेस्टिंग की संख्या काफी बढ़ाई गई है। 1.1 लाख सैंपलों को प्रतिदिन टेस्ट किया जा रहा है।

The Recovery Rate Of Corona Patients In India Has Increased To 41 And The Death Rate Is The Lowest In The World :

कोरोना को लेकर दूसरी खुशी

दुनिया में प्रति लाख जनसंख्या पर 4.4 मौतें हुई हैं, जबकि भारत में प्रति लाख जनसंख्या पर 0.3 मौतें हुई हैं, जो दुनिया में सबसे कम है। यह समय पर लॉकडाउन लगाने की वजह से संभव हुआ है। यह आंकड़ा दुनिया में सबसे कम है और इसकी सबसे बड़ी वजह कोरोना को लेकर हमारा प्रबंधन है।

बेल्जियम ने प्रति मिलियन 800 मौत हुई, जबकि भारत में प्रति मिलियन केवल 3 मौत हुई। लव अग्रवाल ने बताया, हर दिन 1.1 लाख सैंपल की जांच की जा रही है। देश में इस वक्त 612 लैब हैं। इनमें 430 सरकारी और 182 प्राइवेट हैं। हमने लैब और टेस्टिंग की क्षमताएं बढ़ाई हैं। कोरोना के लक्षण वाले मरीजों की तुरंत टेस्टिंग और एसिम्प्टोमिक मरीजों को होम क्वारैंटाइन करने के लिए राज्यों को गाइडलाइन जारी कर चुके हैं।

नई दिल्ली. भारत में कोरोना से कुल 60,490 मरीज ठीक हो चुके हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया, रिकवरी रेट में सुधार जारी है। वर्तमान में यह 41.61% है। मृत्यु दर में भी कमी आई है। हमारा मृत्यु दर 3.3% से घटते हुए 2.87% हो चुका है। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) के महानिदेशन डॉक्टर बलराम भार्गव ने कहा, पिछले कुछ महीनों में टेस्टिंग की संख्या काफी बढ़ाई गई है। 1.1 लाख सैंपलों को प्रतिदिन टेस्ट किया जा रहा है।

कोरोना को लेकर दूसरी खुशी

दुनिया में प्रति लाख जनसंख्या पर 4.4 मौतें हुई हैं, जबकि भारत में प्रति लाख जनसंख्या पर 0.3 मौतें हुई हैं, जो दुनिया में सबसे कम है। यह समय पर लॉकडाउन लगाने की वजह से संभव हुआ है। यह आंकड़ा दुनिया में सबसे कम है और इसकी सबसे बड़ी वजह कोरोना को लेकर हमारा प्रबंधन है।

बेल्जियम ने प्रति मिलियन 800 मौत हुई, जबकि भारत में प्रति मिलियन केवल 3 मौत हुई। लव अग्रवाल ने बताया, हर दिन 1.1 लाख सैंपल की जांच की जा रही है। देश में इस वक्त 612 लैब हैं। इनमें 430 सरकारी और 182 प्राइवेट हैं। हमने लैब और टेस्टिंग की क्षमताएं बढ़ाई हैं। कोरोना के लक्षण वाले मरीजों की तुरंत टेस्टिंग और एसिम्प्टोमिक मरीजों को होम क्वारैंटाइन करने के लिए राज्यों को गाइडलाइन जारी कर चुके हैं।