5 जुलाई से 15 जुलाई तक चलने वाले डोर टू डोर कोरोना मरीजों के जांच के लिए कमिश्नर के नेतृत्व में बैठक कर बनाई गई योजना

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सर्वे टीम डोर टू डोर घर घर जाकर कोरोना के मरीजों की करेगी जांच.मंडलायुक्त साभागार में कमिश्रर के नेतृत्व में 5 जुलाई से 15 जुलाई तक डोर टू डोर चलने वाले अभियान की बनाई गई योजना.

The Scheme Was Chalked Out Under The Leadership Of The Commissioner For The Investigation Of Door To Door Corona Patients Running From July 5 To July 15 :

गोरखपुर मंडल में अब सर्वे टीम घर-घर जाकर कोरोना रोगियों की खोज करेगी। लोगों से सवाल होगा कि उनके परिवार में कोई बीमार तो नहीं है, स्वास्थ्य महकमे की टीम के साथ पुलिस और मजिस्ट्रेट अपने वाहनों से एनाउंस करेंगे कि कहीं भीड़ न लगाएं .सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें.जिसको लेकर गोरखपुर के मंडलायुक्त साभागार में कमिश्नर जंयन्त नॉर्लिकर के नेतृत्व में 5 से 15 जुलाई तक चलने वाले विशेष सर्विलांस/कोविड 19 अभियान को लेकर बैठक कर कार्य योजना बनाई गई ।संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि माइक्रोप्लान के मुताबिक टीमें गठित की जाएं। हर एक सर्वेक्षण टीम को स्टीकर, चॉक और रिपोर्टिंग प्रारूप दिया जाए।
साथ ही रियूजेबल मॉस्क दिया जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में आशा और आंगनबाड़ी को शामिल किया जाए। डीपीआरओ को निर्देश दिया कि निगरानी समिति को इंफ्रारेड थर्मामीटर और पल्स आक्सोमीटर दिया जाए। टीमों को सैनिटाइजर भी उपलब्ध कराया जाए। सर्वेक्षण टीम हर घर की दीवार पर पल्स पोलियो अभियान की तरह नंबर आदि लिखेगी।
इस दौरान सीएमओ श्रीकांत तिवारी ,अजय कांत सैनी डीपीआरओ ,व सूचना बिभाग एवं अन्य संबंधित अधिकारी रहे मौजूद।

सर्वे टीम डोर टू डोर घर घर जाकर कोरोना के मरीजों की करेगी जांच.मंडलायुक्त साभागार में कमिश्रर के नेतृत्व में 5 जुलाई से 15 जुलाई तक डोर टू डोर चलने वाले अभियान की बनाई गई योजना. गोरखपुर मंडल में अब सर्वे टीम घर-घर जाकर कोरोना रोगियों की खोज करेगी। लोगों से सवाल होगा कि उनके परिवार में कोई बीमार तो नहीं है, स्वास्थ्य महकमे की टीम के साथ पुलिस और मजिस्ट्रेट अपने वाहनों से एनाउंस करेंगे कि कहीं भीड़ न लगाएं .सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें.जिसको लेकर गोरखपुर के मंडलायुक्त साभागार में कमिश्नर जंयन्त नॉर्लिकर के नेतृत्व में 5 से 15 जुलाई तक चलने वाले विशेष सर्विलांस/कोविड 19 अभियान को लेकर बैठक कर कार्य योजना बनाई गई ।संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि माइक्रोप्लान के मुताबिक टीमें गठित की जाएं। हर एक सर्वेक्षण टीम को स्टीकर, चॉक और रिपोर्टिंग प्रारूप दिया जाए। साथ ही रियूजेबल मॉस्क दिया जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में आशा और आंगनबाड़ी को शामिल किया जाए। डीपीआरओ को निर्देश दिया कि निगरानी समिति को इंफ्रारेड थर्मामीटर और पल्स आक्सोमीटर दिया जाए। टीमों को सैनिटाइजर भी उपलब्ध कराया जाए। सर्वेक्षण टीम हर घर की दीवार पर पल्स पोलियो अभियान की तरह नंबर आदि लिखेगी। इस दौरान सीएमओ श्रीकांत तिवारी ,अजय कांत सैनी डीपीआरओ ,व सूचना बिभाग एवं अन्य संबंधित अधिकारी रहे मौजूद।