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दिल को छू लेने वाली हैं बिहार के इन टॉपर्स की कहानियां, सब्जी बेचने वाले के बेटे ने सबको छोड़ा पीछे

The Stories Of These Toppers Of Bihar Are About To Touch The Heart The Son Of The Vegetable Seller Left Everyone Behind

By टीम पर्दाफाश 
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नई दिल्ली: बिहार बोर्ड मैट्रिक के मंगलवार को घोषित रिजल्ट में रोहतास जिले के हिमांशु राज राज्यभर में टॉपर रहे। वहीं, टॉप 10 स्थानों पर कुल 41 विद्यार्थियों ने कब्जा जमाकर अपने परिवार और जिले का नाम रोशन किया है। बड़ी बात यह कि अधिकतर टॉपर्स बेहद गरीब घरों के चिराग हैं। गुदड़ी के इन लालों ने अपनी लगन व कड़ी मेहनत से कामयाबी की नई इबारत लिख डाली है। राज्य में इस बार कुल 80.59% विद्यार्थी पास हुए हैं।

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सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनना चाहते हैं हिमांशु राज
बिहार बोर्ड के स्टेट टॉपर हिमांशु राज रोहतास जिले के दिनारा प्रखंड के तेनुअज पंचायत के नटवार कला गांव वार्ड नं 10 के निवासी हैं। हिमांशु राज के पिता सुभाष सिह सब्जी बेचकर अपने परिवार का भरण पोषण करते हैं। माता मंजू देवी कुशल गृहिणी हैं। हिमांशु से बड़ी एक बहन है जो इंटर में पढ़ती है। हिमांशु की इच्छा तो ऊंची उड़ान भरने की है लेकिन परिवार की आर्थिक परेशानी को देखते हुए उन्होंने सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनने की बात कही।

किसान के बेटे हैं दुर्गेश कुमार
बिहार बोर्ड परीक्षा में दूसरे स्थान पर रहे दुर्गेश कुमार समस्तीपुर जिले के उजियारपुर थाना क्षेत्र के मालती के समीप स्थित बिदुलिया गांव के रहने वाले हैं। उन्होंने जितवारपुर स्थित श्रीकृष्णा हाई स्कूल से मैट्रिक की परीक्षा दी थी। किसान जयकिशोर सिंह के बेटे दुर्गेश ने कहा कि उनकी सफलता के पीछे उसके माता पिता का योगदान महत्वपूर्ण है। मां-पिता की प्रेरणा से ही उन्हें इतनी बड़ी सफलता मिली है। दुर्गेश चार भाई बहनों में सबसे छोटे हैं। दुर्गेश के पिता खेतीबाड़ी कर अपने परिवार का भरण पोषण करते हैं। दुर्गेश ने बताया कि आईआईटी कर एक कुशल इंजीनियर बन देश की सेवा करना उनका लक्ष्य है।

तीसरा स्थान हासिल कर जूली रोशन किया नाम
बिहार के टॉप-3 टॉपरों की सूची में एक छात्रा ने कब्जा जमाया है। छात्रा जूली कुमारी को 478 अंक हासिल हुए हैं। बिहार के अरवल जिले की रहने वाली जूली ने बालिका हाई स्कूल से पढ़ाई की है। जूली के अलावा भोजपुर जिले के हरखेन कुमार जैन के शुभम कुमार को भी 478 अंक ही मिले हैं। इसके अलावा औरंगाबाद के रहने वाले राजवीर सिंह को भी 478 अंक ही मिले। राजवीर पटेल हाई स्कूल के छात्र हैं।

आईएएस बनना चाहता है मजदूर का बेटा मुन्ना
जिले के दाउदनगर पटवा टोली निवासी गोपाल प्रसाद के पुत्र मुन्ना कुमार ने मैट्रिक परीक्षा में राज्य भर में चौथा स्थान प्राप्त किया है। मुन्ना को कुल 477 अंक मिले हैं। मुन्ना बेहद गरीब परिवार से हैं और इनके पिता मजदूरी करते हैं। मुन्ना ने बताया कि वे आगे पढ़ाई कर आईएएस बनना चाहते हैं। मुन्ना ने बताया कि पढ़ाई के दौरान वे कोचिंग भी जाते थे। रोजाना 8 घंटे सेल्फ स्टडी करते थे। मुन्ना की सफलता पर पिता गोपाल प्रसाद काफी खुश हैं।

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मुन्ना चार भाइयों में सबसे छोटा है। इनकी दो बहनें हैं। अपने घर मे पढ़ाई करने वाला मुन्ना इकलौता है। इनके सभी भाई मात्रा 5वीं तक ही पढ़े किए हैं। भाई मनोज, योगेंद्र और विनय तीनों मजदूरी करते हैं। बहन चंद्रावती और मलती घर का काम संभालती है। मां नगवा देवी भी मजदूरी करती हैं। मुन्ना ने सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, भाई बहन के अलावा शिक्षकों को दिया है। पढ़ाई कर रहे छात्रों को मन लगाकर पढ़ने और अनुशासन में रहने की सलाह दी है। इनका मानना है कि मेहनत के अलावा सफलता की कोई सीढ़ी नहीं है।

सेल्फ स्टडी से अंकित ने हासिल किया मुकाम
औरंगाबाद जिले के दाउदनगर प्रखंड के मिश्र बिगहा निवासी शिक्षक अशोक मिश्रा के बेटे अंकित कुमार ने राज्य में छठा स्थान प्राप्त किया है। अंकित को मैट्रिक परीक्षा में 475 अंक मिले हैं। अंकित पटेल हाई स्कूल दाउदनगर का छात्र है। अंकित ने बताया कि वह पढ़ाई कर सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनना चाहता है। अंकित ने सेल्फ स्टडी और स्कूल की पढ़ाई के बदौलत यह सफलता हासिल की है। अंकित ने बताया कि वह किसी कोचिंग में पढ़ाई करने नहीं जाता था। पिता ही घर पर पढ़ाते थे। वह रोजाना 7 घंटा सेल्फ स्टडी करता था। अंकित की मां माया देवी गृहणी हैं। अंकित दो भाई और एक बहन है। बड़े भाई हिमांशु ने इस बार 12वीं की परीक्षा पास की है। बहन स्वीटी कुमारी छठी कक्षा की छात्रा है। अंकित ने सफलता का श्रेय अपने माता पिता भाई बहन के अलावा शिक्षकों को दिया है।

दुकानदार की बेटी दीपांशु प्रिया को छठा स्थान
किसान उच्च विद्यालय, मोरसंड की छात्रा और समस्तीपुर प्रखंड के चकहाजी (रूप नारायणपुर बेला पंचायत) निवासी संजीव कुमार राम व विनीता कुमारी की पुत्री दीपांशु प्रिया ने मैट्रिक की परीक्षा में राज्य में छठा रैंक पाकर जिले का नाम रौशन किया है। मां-पिता समेत बड़े भाई प्रियांशु अमन व छोटे भाई आयुष अमन की दुलारी बहन दीपांशु ने प्रारंभिक शिक्षा गांव के स्कूल से पूरी की। बाद में किसान उच्च विद्यालय, मोरसंड से 10वीं की परीक्षा पूर्ण लगन व मेहनत से दी। अब तक शिक्षकों, स्वाध्याय और माता पिता के सहयोग से इस मुकाम तक पहुंचने वाली दीपांशु भविष्य में आईएएस अफसर बनना चाहती है। वर्तमान मे पिता गांव मे ही किराना की छोटी सी दुकान चलाते हैं तो मां जीविका में सीएनआरसी के पद पर कार्यरत है। मंगलवार को रिजल्ट आते ही उसे बधाई देने वालों का घर पर तांता लगा रहा।

शिक्षक पिता के मार्गदर्शन में हेमंत ने पाई बड़ी कामयाबी
घर में पढ़ाई लिखाई का माहौल मिला तो हेमंत की प्रतिभा को निखरने का अतिरिक्त अवसर प्राप्त हो गया। शिक्षक पिता के मार्गदर्शन में हुलासगंज प्रखंड के सूरजपुर गांव के हेमंत ने मैट्रिक परीक्षा की गंभीरता से तैयारी की और उसे इसका सुखद परिणाम भी प्राप्त हुआ। परीक्षा में 472 अंक लाकर सूबे में 9वीं रैंक हासिल करने पर हेमंत के घर में मंगलवार को काफी खुशी का माहौल था। मेडिकल संस्थान में प्रवेश के इच्छुक उक्त होनहार छात्र ने परीक्षा की अपनी तैयारी के बारे में बताया कि पिता के एक दोस्त से भी उसे तैयारी में काफी मदद मिली। गणित और विज्ञान के अच्छे जानकार अरुण कुमार ने भी अपने बेटे की पढ़ाई पर नजर बनाए रखी और उसे टिप्स देते रहे। उसने बताया कि महत्वपूर्ण यह नहीं है कि आप कितना घंटा पढ़ते हैं, बल्कि महत्वपूर्ण है कि आप कितनी गंभीरता से पढ़ते हैं और चीजों को कितना समझ पाते हैं।

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