जुनैद हत्याकांड की कहानी आरोपी की जुबानी, बोला-चाकू नहीं मारता तो मार देते वे…

नई दिल्ली| जुनैद की हत्या के बाद देश भर खूब हो-हल्ला हुआ, लोगों ने इस घटना को मनचाहे ढंग से पेश किया| अपने सहूलियत को देखते हुए लोगों ने इस सोशल मीडिया पर भी खूब शेयर किया लेकिन वास्तविकता की तह तक जाने की किसी ने जहमत नहीं उठाई| हरियाणा के बल्लभगढ़ से उठी आग की एक चिंगारी ने कब इतना विकराल रूप धारण कर लिया पता ही नहीं चला| खैर जो भी हो अब इस मामले में पुलिस छानबीन कर रही है और छुपी गुत्थी को सुलझाने में लगी हुई है| बात दें कि इस घटना का मुख्या आरोपी पुलिस की हिरासत में हैं|

इस पूरे मामले में एक नया मोड़ तब आ गया है जब जुनैद के हत्या के आरोप में गिरफ्तार नरेश ने पूरे दृश्य को पुलिस के सामने रखा| महाराष्ट्र के धुले से गिरफ्तार नरेश ने पूछताछ में जो बातें कबूली हैं वो बेहद चौंकाने वाली हैं। उसने बताया है कि वो खुद भी झगड़े में शामिल थे, लेकिन खुद को पीड़ित के तौर पर दिखाया। यह बात भी साफ हो गई है कि बीफ का कहीं कोई मामला नहीं था। झगड़ा सीट को लेकर था। बात मारपीट और कत्ल तक पहुंच गई। यह भी साफ है कि नरेश ने अपनी रक्षा के लिए चाकू चलाया था।

{ यह भी पढ़ें:- राहुल गांधी के साथ कौन है ये विदेशी लड़की, सोशल मीडिया में वायरल हुई फोटो }

दरअसल, आरोपी नरेश दिल्ली में एक प्राइवेट एजेंसी के जरिए सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करता है। इन दिन भी वो नौकरी से लौट रहा था। उसी डिब्बे में 3-4 मुस्लिम लड़के भी सवार थे। ओखला स्टेशन पर ट्रेन रुकी तो एक अधेड़ उम्र का व्यक्ति डिब्बे में सवार हुआ। उसने सीट मांगी तो वो नहीं हटे। इस पर उस अधेड़ व्यक्ति ने मुल्ला कहकर जुनैद के साथ के एक लड़के को थप्पड़ मार दिया। इसके मुस्लिम लड़कों ने उस अधेड़ उम्र वाले शख्स को मिलकर मारना शुरू कर दिया। इस पर डिब्बे में बैठे लोगों जिनमें मुख्य आरोपी नरेश भी शामिल था, उन्हें बुरा लगा और उन्होंने मिलकर उन तीनों लड़कों को बुरी तरह पीटा। इस दौरान नरेश और बाकी मुसाफिरों ने उन्हें मुसलमान के तौर पर कुछ गालियां भी दीं। इसी दौरान तुगलकाबाद स्टेशन आ गया और वो लड़के दूसरे में भागकर चले गए।

मुस्लिम लड़कों ने गुंडों को बुलाया

{ यह भी पढ़ें:- शुगर का इलाज कराने 'कंबल बाबा' के पास पहुंचे छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री, फोटो वायरल }

मुसलमान लड़कों के भागकर दूसरे डिब्बे में जाने के बाद सबकुछ सामान्य हो गया। लेकिन इसी दौरान जुनैद ने फोन करके बल्लभगढ़ में अपने साथियों को स्टेशन पर बुला लिया। वहां 7-8 गुंडे टाइप मुसलमान लड़के पहुंच गए और वापस डिब्बे में जाकर अधेड़ उम्र वाले शख्स को पीटना शुरू कर दिया। इस दौरान दोनों पक्ष एक दूसरे को गालियां दे रहे थे। इतने में ही जुनैद ने मुख्य आरोपी नरेश को पहचान लिया और उसे बेल्ट से मारना शुरू कर दिया। जिससे उसका सिर फट गया। सिर से खून बहता देख नरेश बुरी तरह बौखला गया। उसके पास चाकू था और उसने जुनैद को चाकू से मार दिया। इसके बाद जैसे ही ट्रेन असावटी स्टेशन पहुंची नरेश ट्रेन से उतरकर भाग या। रास्ते में उसे बाइक पर 2 लड़के दिखे। उनसे लिफ्ट लेकर वो अपने मामा के घर चला गया। उसने किसी से कुछ नहीं बताया सिर्फ यह कहा कि सिर में चोट गिरने के कारण लगी है। डर की वजह से उसने अपना इलाज डॉक्टर से न कराकर खुद ही डेटॉल से साफ कर दवाई लगा ली और एक जुलाई को वह घर से बिना कुछ बताए ही चला गया।

नरेश और कुछ चश्मदीदों ने भी पुलिस को बताया है कि दूसरे डिब्बे में झगड़े की शुरुआत जुनैद ने की थी। नरेश का दावा है कि अगर वो जुनैद को चाकू नहीं मारता तो जुनैद उसे ही मार डालता। इस केस में पकड़े गए बाकी 5 आरोपियों से नरेश की कोई जान-पहचान नहीं है। वो अकेला ट्रेन में सफर कर रहा था। जबकि जुनैद के भाइयों ने पुलिस के आगे झूठ बोला था कि आरोपी गैंग बनाकर चढ़े थे और उन्होंने रास्ते में अपने साथियों को ट्रेन में बुलाया था। इस मामले में मौके पर मौजूद जुनैद के बाकी भाइयों के बयान शुरू से ही बदलते रहे हैं। एक भाई ने मीडिया से बातचीत में कहा था कि बीफ की कोई बात नहीं थी, जबकि दूसरे भाई ने सीपीएम नेता बृंदा करात से मिलने के बाद बीफ-बीफ का रट लगाना शुरू कर दिया था।

{ यह भी पढ़ें:- गुरुग्राम के बाद अब फरीदाबाद के स्कूल में मिली छात्र की लाश }