मालीवाल के अनशन का समर्थन कर रहे छात्रों पर दिल्ली पुलिस ने चलाईं लाठियां, स्वाति बोलीं-डूब मरो

Delhi Police hit the students with sticks,
मालीवाल के अनशन का समर्थन कर रहे छात्रों पर दिल्ली पुलिस ने चलाईं लाठियां, स्वाति बोलीं-डूब मरो

नई दिल्ली। हैदराबाद में महिला डॉक्टर दिशा के साथ हुई हैवानियत की घटना को लेकर दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल आमरण अनशन पर बैठ गयीं थी। उनकी मांग थी कि रेप मामलों के दोषियों को 60 दिन के अन्दर फांसी देेने का कानून बनाया जाये। आज उनके अनशन का 10 वां दिन था, इसी दौरान कुछ छात्र छात्राएं धरने मे शामिल हुए और संसद की ओर एक शांतिपूर्ण मार्च निकालने लगे तो दिल्ली पुलिस ने उनपर लाठियां चला दीं। स्वाति मालीवाल ने घायल छात्र व छात्राओं की फोटो शेयर करते हुए ट्वीट किया कि दिल्ली पुलिस अपरोधियों की जगह छात्रों पर रौब दिखा रही है, उन्हे चुल्लू भर पानी में डूब मरना चाहिए।

The Students Supported Maliwals Fast The Delhi Police Hit The Students With Sticks :

स्वाति मालीवाल ने ट्वीट करते हुए लिखा कि ‘दिल्ली पुलिस का सारा ज़ोर बस छात्रों पर चलता है। कोई बलात्कारी, चोर, अपराधी तो इनसे डरता नहीं। शांतिपूर्ण मार्च कर रहे छात्र – छात्राओं पर पुलिस कर्मी चढ़े, मुंह नोचा, थप्पड़ मारे ! यही पुलिसकर्मी कुछ समय अपने लिए न्याय मांग रहे थे। डूब मरो !’ उन्होने कहा कि ‘रेप के विरुद्ध संसद की ओर शांतिपूर्ण मार्च को न सिर्फ़ पुलिस ने बीच में रोका बल्कि आंदोलनकारियों को लाठियों से घायल कर दिया! इस घमंडी सरकार को न तो देश की बेटियों की चीख़ें सुनती और कोई अगर सुनाने की कोशिश करे तो उसे ज़ख़्मी कर देते हैं! शर्मनाक!’

आपको बता दें कि बीते 27 नवंबर की रात हैदराबाद में महिला डॉक्टर के साथ हैवानियत की घटना हुई थी। इस घटना के बाद जहां पूरे देश में प्रदर्शन हुए थे वहीं स्वाति मालीवाल दोषियों को सजा दिलवाने के लिए धरने पर बैठ गयीं थी। हालांकि हैदराबाद गैंगरेप के दोषियों को पुलिस ने एनकाउंटर में मार दिया था लेकिन स्वाति मालीवाल ने धरना समाप्त नही किया। उनकी मांग है कि रेप के मामलो में ऐसा कानून बनाया जाये जिससे दोषियों को 60 दिन के अन्दर ही फांसी की सजा हो सके।

नई दिल्ली। हैदराबाद में महिला डॉक्टर दिशा के साथ हुई हैवानियत की घटना को लेकर दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल आमरण अनशन पर बैठ गयीं थी। उनकी मांग थी कि रेप मामलों के दोषियों को 60 दिन के अन्दर फांसी देेने का कानून बनाया जाये। आज उनके अनशन का 10 वां दिन था, इसी दौरान कुछ छात्र छात्राएं धरने मे शामिल हुए और संसद की ओर एक शांतिपूर्ण मार्च निकालने लगे तो दिल्ली पुलिस ने उनपर लाठियां चला दीं। स्वाति मालीवाल ने घायल छात्र व छात्राओं की फोटो शेयर करते हुए ट्वीट किया कि दिल्ली पुलिस अपरोधियों की जगह छात्रों पर रौब दिखा रही है, उन्हे चुल्लू भर पानी में डूब मरना चाहिए। स्वाति मालीवाल ने ट्वीट करते हुए लिखा कि 'दिल्ली पुलिस का सारा ज़ोर बस छात्रों पर चलता है। कोई बलात्कारी, चोर, अपराधी तो इनसे डरता नहीं। शांतिपूर्ण मार्च कर रहे छात्र - छात्राओं पर पुलिस कर्मी चढ़े, मुंह नोचा, थप्पड़ मारे ! यही पुलिसकर्मी कुछ समय अपने लिए न्याय मांग रहे थे। डूब मरो !' उन्होने कहा कि 'रेप के विरुद्ध संसद की ओर शांतिपूर्ण मार्च को न सिर्फ़ पुलिस ने बीच में रोका बल्कि आंदोलनकारियों को लाठियों से घायल कर दिया! इस घमंडी सरकार को न तो देश की बेटियों की चीख़ें सुनती और कोई अगर सुनाने की कोशिश करे तो उसे ज़ख़्मी कर देते हैं! शर्मनाक!' आपको बता दें कि बीते 27 नवंबर की रात हैदराबाद में महिला डॉक्टर के साथ हैवानियत की घटना हुई थी। इस घटना के बाद जहां पूरे देश में प्रदर्शन हुए थे वहीं स्वाति मालीवाल दोषियों को सजा दिलवाने के लिए धरने पर बैठ गयीं थी। हालांकि हैदराबाद गैंगरेप के दोषियों को पुलिस ने एनकाउंटर में मार दिया था लेकिन स्वाति मालीवाल ने धरना समाप्त नही किया। उनकी मांग है कि रेप के मामलो में ऐसा कानून बनाया जाये जिससे दोषियों को 60 दिन के अन्दर ही फांसी की सजा हो सके।