राजधानी के गोमती नदी में तैरती मिली वर्दीधारी की लाश, मचा हड़कंप

लखनऊ । योगी राज में कानून के रखवाले ही जब सुरक्षित नहीं हैं तो आम जनता का क्या होगा। सुशासन का दावा करने वाली योगी सरकार की हालात दिन पर दिन बदतर होती जा रही है। पहले तो सरेआम रेप और हत्या जैसी घटनाओं ने सरकार की पोल खोली हैं लेकिन अब हालत इतनी दयनीय हो गयी है कि वर्दीधारी भी महफूज नहीं है। बिजनौर के बाद अब ऐसा ही मामला राजधानी लखनऊ से सामने आया है जहां गोमती नदी में एक पुलिसकर्मी का शव तैरता हुआ बरामद हुआ है।

बताया जा रहा है कि नदी में जिस पुलिस का शव तैर रहा था उसका नाम मनोज कुमार शुक्ला बताया जा रहा है। मृतक सिपाही की ड्यूटी एडवोकेट जरनल के यहां लगी थी। सिपाही 1 जून से लापता था। मामले की सूचना मिलते ही मौके पर तमाम वरिष्ठ अधिकारी पहुंच गए। वही एसएसपी दीपक कुमार ने बताया मृतक मनोज शुक्ला मुंशी पुलिया के पास रहता था, उसके परिवार ने गुमशुदगी कि रिपोर्ट दर्ज कराई थी साथ ही एसएसपी ने कहा पूरे मामले का पता पीएम रिपोर्ट आने के बाद चल पाएगा।

मामले को लेकर राजधानी लखनऊ में हड़कंप मच गया है। मौके पर सीओ, एसओ भारी पुलिस बल के साथ पहुंचे, गोताखोरों की मदद से पुलिसकर्मी के शव को बाहर निकाला गया है। गौरतलब है कि योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री बनने के बाद सबसे पहले कहा था कि गोमती नदी का पानी याचमन के लायक भी नहीं है। ऐसे में अब सवाल उठ रहे हैं कि आपने 100 दिनों की सरकार के बाद इस नदी को पुलिसकर्मी की लाश तैराने लायक बना दिया। राजधानी लखनऊ के लोगों ने गोमती नदी में पुलिस की तैरती लाश मिलने को लेकर गुस्सा भी जाहिर किया है।

अभी हाल ही में बिजनौर में दारोगा का गला रेतकर उसकी हत्या कर दी गई थी। उसका शव खेत में फेंक दिया गया था। अभी पुलिस इसका भी खुलासा नहीं कर पाई है।