एशिया की सबसे वजनी महिला ने ऐसे किया 300 किलो से 86 किलो तक अपना वज़न

amita rajani
एशिया का सबसे वजनी महिला ने ऐसे किया 300 किलो से 86 किलो तक का वज़न

मुंबई। मोटापा एक ऐसी बीमारी है जो भी इससे ग्रसित हो जाए तो अक्सर उसे कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। मोटे लोगों का खास तौर पर स्कूल, कॉलेज या रिश्तेदार में उनका ज़्यादातर मज़ाक उड़ाया जाता है। कुछ ऐसी ही समस्याओं से मुंबई के वसाई की रहने वाली अमिता राजानी (42) जूझ रही थी। जिनका वजन इतना बढ़ गया था कि वो भूल चुकी थी कभी वो उस ज़िंदगी का सामना कर सकेंगी जिसे आमतौर पर लोग जीते हैं। उन्हें एशिया की सबसे वजनी महिला भी कहा जाता था।

The Weightiest Woman In Asia Made Such Weight From 300 Kg To 86 Kg :

बता दें कि अमिता राजानी का वजन इतना बढ़ चुका था कि वो अपने पैरो पर ठीक से खड़ी तक नहीं हो पा रही थी। अमिता को अधिक वजन के कारण उनको टाइप-टू डायबीटीज, किडनी और तनाव जैसी बीमारियां हो गई। अमिता के परिवार का कहना है कि ‘जन्म के वक्त अमिता का वजन सामान्य था। लेकिन उम्र के साथ-साथ वजन बढ़ता गया। 16 साल की उम्र तक उनका वजन 126 किलो हो गया। धीरे-धीरे अमिता का वजन इतना बढ़ गया कि उन्हें अपना काम करने में भी काफी मुश्किलें उठानी पड़ती थी।’

अमिता राजानी कहती है कि ‘उनकी ज़िंदगी में ऐसा वक्त भी आया था जब वो अपने वज़न के कारण दस साल तक घर से नहीं निकली थीं।’ उनका मोटापा कम करने के लिए बीते चार साल में उनकी दो बार बैरिएट्रिक सर्जरी की गई हैं। जिससे उनका वजन 214 किलो तक कम हुआ है। डॉक्टरों का कहना है कि लोग मोटापे को आमतौर पर जीवनशैली से जोड़कर देखते हैं लेकिन अब ये एक बीमारी है, जो जीन या फिर हार्मोनल असंतुलन की वजह से होती है।

लेकिन चार सालों बाद उनकी मेहनत ने उनकी जिंदगी बदल दी। उनका वजन 300 किलो से कम होकर 86 किलो हो गया है। इससे उन्हें एक नई पहचान मिली है। अब वह ना केवल एक अच्छी जिंदगी जी रही हैं बल्कि बेहतर भी महसूस कर रही हैं। डॉक्टरों का कहना है कि आने वाले समय में अमिता का वजन 10 से 12 किलो तक और कम हो सकता है।

मुंबई। मोटापा एक ऐसी बीमारी है जो भी इससे ग्रसित हो जाए तो अक्सर उसे कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। मोटे लोगों का खास तौर पर स्कूल, कॉलेज या रिश्तेदार में उनका ज़्यादातर मज़ाक उड़ाया जाता है। कुछ ऐसी ही समस्याओं से मुंबई के वसाई की रहने वाली अमिता राजानी (42) जूझ रही थी। जिनका वजन इतना बढ़ गया था कि वो भूल चुकी थी कभी वो उस ज़िंदगी का सामना कर सकेंगी जिसे आमतौर पर लोग जीते हैं। उन्हें एशिया की सबसे वजनी महिला भी कहा जाता था। बता दें कि अमिता राजानी का वजन इतना बढ़ चुका था कि वो अपने पैरो पर ठीक से खड़ी तक नहीं हो पा रही थी। अमिता को अधिक वजन के कारण उनको टाइप-टू डायबीटीज, किडनी और तनाव जैसी बीमारियां हो गई। अमिता के परिवार का कहना है कि 'जन्म के वक्त अमिता का वजन सामान्य था। लेकिन उम्र के साथ-साथ वजन बढ़ता गया। 16 साल की उम्र तक उनका वजन 126 किलो हो गया। धीरे-धीरे अमिता का वजन इतना बढ़ गया कि उन्हें अपना काम करने में भी काफी मुश्किलें उठानी पड़ती थी।' अमिता राजानी कहती है कि 'उनकी ज़िंदगी में ऐसा वक्त भी आया था जब वो अपने वज़न के कारण दस साल तक घर से नहीं निकली थीं।' उनका मोटापा कम करने के लिए बीते चार साल में उनकी दो बार बैरिएट्रिक सर्जरी की गई हैं। जिससे उनका वजन 214 किलो तक कम हुआ है। डॉक्टरों का कहना है कि लोग मोटापे को आमतौर पर जीवनशैली से जोड़कर देखते हैं लेकिन अब ये एक बीमारी है, जो जीन या फिर हार्मोनल असंतुलन की वजह से होती है। लेकिन चार सालों बाद उनकी मेहनत ने उनकी जिंदगी बदल दी। उनका वजन 300 किलो से कम होकर 86 किलो हो गया है। इससे उन्हें एक नई पहचान मिली है। अब वह ना केवल एक अच्छी जिंदगी जी रही हैं बल्कि बेहतर भी महसूस कर रही हैं। डॉक्टरों का कहना है कि आने वाले समय में अमिता का वजन 10 से 12 किलो तक और कम हो सकता है।