सेना में बड़े बदलाव की तैयारी, कम हो सकते है डेढ़ लाख सैनिक

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सेना में बड़े बदलाव की तैयारी, कम हो सकते है डेढ़ लाख सैनिक

नई दिल्ली। अत्याधुनिक हथियार खरीदने के लिए भारतीय सेना बड़े बदलाव करने की तैयारी में है। सूत्रों की मानें तो इसके लिए आने वाले पांच सालों में सेना में करीब डेढ़ लाख नौकरियों में कटौती की जा सकती है। माना जा रहा है कि खर्च घटाने और नए एडवांस हथियार, उपकरणों की खरीद के लिए पैसा जुटाने के मकसद से यह कदम उठाया जा रहा है।

There Could Be Major Chenge In Indian Army In Next 5 Years :

सैन्य सचिव लेफ्टिनेंट जनरल जेएस संधु की अध्यक्षता में 11 सदस्यों के पैनल ने ये समीक्षा की है। इस समीक्षा के आदेश 21 जून को दिए गए थे। सेना प्रमुख विपिन रावत के समक्ष इस माह के अंत तक इस प्रस्ताव को प्रस्तुत किया जा सकता है। सेना के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार भविष्य में कुछ यूनिट को एक साथ कर दिया जाएगा जिससे कि आने वाले दो वर्षों में 50 हजार सैनिकों की भूमिका खत्म हो जाएगी।

बता दें कि लॉजिस्टिक यूनिट, कम्यूनिकेशन, मरम्मत और दूसरे प्रशासन और सपोर्ट के क्षेत्रों में करीब 50 हजार से ज्यादा ऐसे सैनिक और अधिकारी तैनात हैं, जिनके उपर बहुत ही कम काम की जिम्मेदारी है। ऐसे में सेना में छंटनी सिर्फ कनिष्ठ स्तर पर नहीं बल्कि सेना मुख्यालय में बैठे निदेशक स्तर से की जाएगी। इसके तहत अगले चरण में 2023 तक एक लाख और लोगों की छंटनी का प्रस्ताव है। हालाकि अभी इस तक इस मामले को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नही हुई है।

नई दिल्ली। अत्याधुनिक हथियार खरीदने के लिए भारतीय सेना बड़े बदलाव करने की तैयारी में है। सूत्रों की मानें तो इसके लिए आने वाले पांच सालों में सेना में करीब डेढ़ लाख नौकरियों में कटौती की जा सकती है। माना जा रहा है कि खर्च घटाने और नए एडवांस हथियार, उपकरणों की खरीद के लिए पैसा जुटाने के मकसद से यह कदम उठाया जा रहा है।सैन्य सचिव लेफ्टिनेंट जनरल जेएस संधु की अध्यक्षता में 11 सदस्यों के पैनल ने ये समीक्षा की है। इस समीक्षा के आदेश 21 जून को दिए गए थे। सेना प्रमुख विपिन रावत के समक्ष इस माह के अंत तक इस प्रस्ताव को प्रस्तुत किया जा सकता है। सेना के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार भविष्य में कुछ यूनिट को एक साथ कर दिया जाएगा जिससे कि आने वाले दो वर्षों में 50 हजार सैनिकों की भूमिका खत्म हो जाएगी।बता दें कि लॉजिस्टिक यूनिट, कम्यूनिकेशन, मरम्मत और दूसरे प्रशासन और सपोर्ट के क्षेत्रों में करीब 50 हजार से ज्यादा ऐसे सैनिक और अधिकारी तैनात हैं, जिनके उपर बहुत ही कम काम की जिम्मेदारी है। ऐसे में सेना में छंटनी सिर्फ कनिष्ठ स्तर पर नहीं बल्कि सेना मुख्यालय में बैठे निदेशक स्तर से की जाएगी। इसके तहत अगले चरण में 2023 तक एक लाख और लोगों की छंटनी का प्रस्ताव है। हालाकि अभी इस तक इस मामले को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नही हुई है।