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लॉकडाउन से पैसेंजर वाहनों की बिक्री में देखने को मिली भारी गिरावट

इस करोना महामारी के कारन अप्रैल में 10% गिरी पैसेंजर वाहनों की बिक्री, देश के कई राज्यों में लागू लॉकडाउन के कारन, पैसेंजर वाहनों की बिक्री में देखने को मिली है भारी गिरावट। अप्रैल के महीने में पैसेंजर वाहनों की बिक्री घटकर 2,61,633 यूनिट्स रह गई है।

By प्रीति कुमारी 
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Coronavirus के चलते इस समय ऑटो सेक्टर भारी संकट में है ऑटो इंडस्ट्री बंद होने की वजह से रोजाना 2,300 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है इस साल मार्च का महीना ऑटो सेक्टर के लिए बहुत ही चुनौती भरा महीना रहा, क्योंकि लॉकडाउन होने की वजह से इस माह में प्रोडक्शन और बिक्री दोनों पर ही रोक लग गई थी.अनुमान के मुताबिक कोविड महामारी की दूसरी लहर ने अप्रैल 2021 में वाहनों की बिक्री को प्रभावित किया है। मार्च 2021 के मुकाबले यात्री वाहनों की बिक्री में लगभग 10.07 प्रतिशत की गिरावट आई है। कोविड-19 महामारी के चलते स्थानीय स्तर पर लागू लॉकडाउन और प्रतिबंधों के चलते मांग प्रभावित हुई है।

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मार्च 2021 में भारतीय मार्केट में 16,49,678 वाहनों का रजिस्ट्रेशन हुआ। वहीं पिछले साल मार्च के दौरान 23,11,687 वाहनों का रजिस्ट्रेशन हुआ था. रिपोर्ट के मुताबिक पिछले साल के मुकाबले इस साल मार्च में वाहनों की बिक्री में 28.64 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है. वहीं फरवरी 2021 के मुकाबले मार्च में वाहनों की बिक्री में 10 फीसदी का इजाफा दर्ज किया गया था। आंकड़ों के अनुसार, दोपहिया वाहनों की बिक्री में भी 38.56 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है. पिछले साल इसी महीने में 16,49,475 दोपहिया वाहनों की बिक्री हुई थी जो इस साल घटकर 10,13,431 यूनिट रह गई. जून 2019 में मोटरसाइकिल की बिक्री 10,84,596 यूनिट थी जो जून 2020 में 7,02,970 यूनिट रही. वहीं स्कूटर की बिक्री की बात करें तो पिछले साल इसी महीने में 5,12,626 यूनिट की तुलना में 47.37 प्रतिशत घटकर 2,69,811 यूनिट रही.

भारत में फैले कोरोना संक्रमण (Coronavirus) के प्रसार को रोकने के लिए लगे लॉकडाउन के कारण ऑटोमोबाइल क्षेत्र को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। पिछले साल सितंबर में 95,870 व्यावसायिक वाहनों की बिक्री हुई थी। व्यावसायिक वाहनों का जनवरी 2009 के बाद का यह सबसे बुरा प्रदर्शन है।

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