खूबसूरती के साथ कई रहस्य भी समेटे हुए हैं भारत की ये 6 जगहें

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नई दिल्ली: भारत में उत्तर से लेकर दक्षिण तक ऐसी कई सारी जगहें हैं जो खूबसूरती के साथ अपने साथ कई रहस्यों को भी समेटे हुए हैं। इन जगहों पर जाकर आपको अलग ही तरह का एक्सपीरियंस मिलेगा। इसकी लोकप्रियता कुछ ऐसी है कि साल भर इन जगहों पर देशी-विदेशी सैलानियों का तांता लगा रहता है। जानेंगे इन चुनिंदा जगहों के बारे में…

These 6 Places Of India Are Also Covered With Beauty :

अनंतपुरा लेक टेंपल, केरल
केरल के कासरगोड जिले के छोटे से गांव अनंतपुरा में झील के बीचों-बीच बना है अनंतपुरा लेक टेंपल। जहां रहता है वेजिटेरियन मगरमच्छ बाबिया, ऐसा माना जाता है कि बबिया सिर्फ मंदिर में बनने वाला चावल और गुड़ का प्रसाद ही खाता है। यह किसी को नुकसान नहीं पहुंचाता, यहां तक कि झील में रहने वाली मछलियां भी इससे सुरक्षित हैं।

एडम ब्रिज, तमिलनाडु

एडम ब्रिज को राम सेुत के नाम से भी जाना जाता है। जो भारत के दक्षिण पूर्वी तट के किनारे रामेश्वरम द्वीप और श्रीलंका के उत्तर पश्चिम तट पर मन्नार द्वीप के बीच चूना पत्थर से बनी एक श्रृंखला है। हिंदू मान्यताओं के अनुसार इसका निर्माण रामायण में श्रीराम की सेना में शामिल दो वानर नल-नील ने किया था।
लीविंग रूट ब्रिज, चेरापूंजी

मेघालय में रहने वाली जनजाति द्वारा निर्मित किया गया है उमेशियांग पुल, जो 17 मीटर लंबा है, इसे डबल-डेकर रूट पुल के रूप में भी जाना जाता है। मेघालय के सबसे लोकप्रिय और सबसे पुराने लिविंग रूट ब्रिज में से एक है। ऐसा माना जाता है कि ये 500 साल से भी पुराना है।

कुंभलगढ़ किला, राजस्थान

कुंभलगढ़ का किला 15वीं शताब्दी में राणा कुंभा ने बनवाया था। इस किले की दीवार विश्व की दूसरी सबसे बड़ी दीवार है जो 36 किलोमीटर लम्बी है और 15 फीट चौड़ी है। किले के अंदर 360 से ज्यादा मंदिर हैं जिनमें से 300 प्राचीन जैन मंदिर और बाकि हिन्दू मंदिर हैं। यह एक अभेद्य किला है जिसे दुश्मन कभी नहीं जीत पाए। किले के चारों ओर बड़ी दीवार बनी हुई है जो चीन के बाद विश्‍व की दूसरी सबसे बड़ी दीवार है।
रूपकुंड (स्केलेटन लेक), उत्तराखंड

उत्तराखंड के पॉपुलर ट्रैक में से एक है रूपकुंड। समुद्रतल से 5,029 मीटर ऊंचा यह ट्रैक खूबसूरती के साथ ही यहां मौजूद हजारों की संख्या में मानव कंकाल के लिए भी जाना जाता है। जो बर्फ पिघलने पर नजर आते हैं।करणी मता मंदिर, राजस्थान

राजस्थान के बीकानेर जिले में स्थित इस मंदिर की लोकप्रियता की वजह यहां रहने वाले लगभग 20,000 चूहे हैं। जिसे चूहों वाले मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। देश-विदेश से श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए आते हैं। ऐसा माना जाता है कि अगर किसी को यहां सफेद चूहे के दर्शन हो जाएं तो यह बहुत ही शुभ माना जाता है।

नई दिल्ली: भारत में उत्तर से लेकर दक्षिण तक ऐसी कई सारी जगहें हैं जो खूबसूरती के साथ अपने साथ कई रहस्यों को भी समेटे हुए हैं। इन जगहों पर जाकर आपको अलग ही तरह का एक्सपीरियंस मिलेगा। इसकी लोकप्रियता कुछ ऐसी है कि साल भर इन जगहों पर देशी-विदेशी सैलानियों का तांता लगा रहता है। जानेंगे इन चुनिंदा जगहों के बारे में... अनंतपुरा लेक टेंपल, केरल केरल के कासरगोड जिले के छोटे से गांव अनंतपुरा में झील के बीचों-बीच बना है अनंतपुरा लेक टेंपल। जहां रहता है वेजिटेरियन मगरमच्छ बाबिया, ऐसा माना जाता है कि बबिया सिर्फ मंदिर में बनने वाला चावल और गुड़ का प्रसाद ही खाता है। यह किसी को नुकसान नहीं पहुंचाता, यहां तक कि झील में रहने वाली मछलियां भी इससे सुरक्षित हैं। एडम ब्रिज, तमिलनाडु एडम ब्रिज को राम सेुत के नाम से भी जाना जाता है। जो भारत के दक्षिण पूर्वी तट के किनारे रामेश्वरम द्वीप और श्रीलंका के उत्तर पश्चिम तट पर मन्नार द्वीप के बीच चूना पत्थर से बनी एक श्रृंखला है। हिंदू मान्यताओं के अनुसार इसका निर्माण रामायण में श्रीराम की सेना में शामिल दो वानर नल-नील ने किया था। लीविंग रूट ब्रिज, चेरापूंजी मेघालय में रहने वाली जनजाति द्वारा निर्मित किया गया है उमेशियांग पुल, जो 17 मीटर लंबा है, इसे डबल-डेकर रूट पुल के रूप में भी जाना जाता है। मेघालय के सबसे लोकप्रिय और सबसे पुराने लिविंग रूट ब्रिज में से एक है। ऐसा माना जाता है कि ये 500 साल से भी पुराना है। कुंभलगढ़ किला, राजस्थान कुंभलगढ़ का किला 15वीं शताब्दी में राणा कुंभा ने बनवाया था। इस किले की दीवार विश्व की दूसरी सबसे बड़ी दीवार है जो 36 किलोमीटर लम्बी है और 15 फीट चौड़ी है। किले के अंदर 360 से ज्यादा मंदिर हैं जिनमें से 300 प्राचीन जैन मंदिर और बाकि हिन्दू मंदिर हैं। यह एक अभेद्य किला है जिसे दुश्मन कभी नहीं जीत पाए। किले के चारों ओर बड़ी दीवार बनी हुई है जो चीन के बाद विश्‍व की दूसरी सबसे बड़ी दीवार है। रूपकुंड (स्केलेटन लेक), उत्तराखंड उत्तराखंड के पॉपुलर ट्रैक में से एक है रूपकुंड। समुद्रतल से 5,029 मीटर ऊंचा यह ट्रैक खूबसूरती के साथ ही यहां मौजूद हजारों की संख्या में मानव कंकाल के लिए भी जाना जाता है। जो बर्फ पिघलने पर नजर आते हैं।करणी मता मंदिर, राजस्थान राजस्थान के बीकानेर जिले में स्थित इस मंदिर की लोकप्रियता की वजह यहां रहने वाले लगभग 20,000 चूहे हैं। जिसे चूहों वाले मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। देश-विदेश से श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए आते हैं। ऐसा माना जाता है कि अगर किसी को यहां सफेद चूहे के दर्शन हो जाएं तो यह बहुत ही शुभ माना जाता है।