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इन बाबाओं पर हैं बलात्कार जैसे गंभीर आरोप, इंसाफ की आस में हैं पीड़ित परिवार

These Babas Are Facing Serious Allegations Like Rape Justice Is Expected Of The Victims Family

By रवि तिवारी 
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नई दिल्ली। लोगों की आस्था के साथ खिलवाड़ करने वाले धार्मिक गुरुओं और बाबाओं पर यौन शोषण जैसे गंभीर आरोप लगने के बाद ये मुद्दा खूब सुर्खियों में रहा। इस कड़ी में जेल में बंद आसाराम, नारायण साई , चिमयानन्द , नित्यानंद , दाती मदन महाराज, रामपाल और राम रहीम जैसों का नाम शामिल है। जिन पर उन्ही की शिष्या ने बलात्कार का आरोप लगाया है। इन बाबाओं से पीड़ित लोग कर रहे है न्याय का इंतजार।

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1. आसाराम 

आसाराम पहली बार मुसीबत में तब पड़ा जब उसके दो रिश्तेदार दिपेश और अभिषेक वाघेला वर्ष 2008 में रहस्यमयी परिस्थितियों में मोटेरा आश्रम के समीप मृत पाए गए। राज्य सीआईडी ने इस मामले में वर्ष 2009 में आसाराम के 7 समर्थकों पर मामले दर्ज किए। दोनों रिश्तेदारों के माता-पिता ने आरोप लगाया कि उन्हें आसाराम के आश्रम में इसलिए मारा गया क्योंकि वे काला जादू करते थे। हालांकि आसाराम की ख्याति असल में वर्ष 2013 में गिरनी शुरू हुई। उसे राजस्थान में नाबालिग से बलात्कार के मामले में गिरफ्तार किया गया।

इसके बाद सूरत की दो बहनों ने भी आसाराम और उसके बेटे नारायण साईं पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया। सूरत पुलिस ने छह अक्टूबर 2013 को दो बहनों की शिकायतों पर मामला दर्ज किया। गांधीनगर की अदालत में आसाराम के खिलाफ यह मामला चल रहा है। उस पर सूरत और अहमदाबाद में अपने आश्रमों के लिए जमीन हड़पने का भी आरोप है। उसके समर्थकों को बलात्कार के मामलों में गवाहों को धमकाने के लिए पकड़ा भी गया था। आसाराम को नाबालिग से बलात्कार के मामले में अदालत ने बुधवार को दोषी ठहराया और उम्रकैद की सजा सुनाई।

2. स्वामी चिन्मयानंद

रेप के आरोप में गिरफ्तार स्वामी चिन्मयानंद मूलरूप से यूपी के गोंडा के रहने वाले हैं। स्वामी चिन्मयानंद का जन्म 3 मार्च 1947 को गोंडा में हुआ था। उनका ताल्लुक अवध के राज परिवार से भी है। अब भले ही इन्हें स्वामी चिन्मयानंद के नाम से जाना जाता है लेकिन इनका असली नाम कृष्णपाल सिंह है। चिन्मयानंद ने लखनऊ विश्वविद्यालय से एमए की पढ़ाई की है। वह भाजपा के कद्दावर नेताओं में शुमार हैं। कहा जाता है कि युवावस्था में उन्होंने बुद्ध और महावीर से प्रभावित होने के बाद राज परिवार से अपना ताल्लुक तोड़ लिया।

72 वर्षीय चिन्मयानंद शाहजहांपुर में स्थित अपने एसएस लॉ कॉलेज को यूनिवर्सिटी बनाना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने योगी सरकार को राजी भी कर लिया था। इस बीच इसी कॉलेज की एक छात्रा ने उनके खिलाफ वीडियो जारी कर यौन शोषण और दुष्कर्म जैसे बड़े आरोप लगा दिए। आपको बता दें कि इससे पहले साल 2011 में भी एक महिला ने उन पर दुष्कर्म के आरोप लगाए थे।

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3. स्वयंभू बाबा स्वामी नित्यानंद

अहमदाबाद (ग्रामीण) के पुलिस अधीक्षक एसवी असारी ने बताया कि नित्यानंद कर्नाटक में उसके खिलाफ बलात्कार का मामला दर्ज होने के बाद ही देश छोड़कर भाग गया था। गुजरात पुलिस उचित माध्यम के जरिए उसकी हिरासत हासिल करेगी।

पुलिस ने उसकी दो महिला अनुयायियों- साध्वी प्राण प्रियानंद और प्रियातत्व रिद्धि किरण को भी गिरफ्तार किया था। दोनों पर चार बच्चों को कथित तौर पर अगवा करने और उन्हें एक फ्लैट में बंधक बनाकर रखने का आरोप है। पुलिस नित्यानंद के आश्रम से लापता हुई एक महिला के मामले में भी जांच कर रही है। महिला के पिता जनार्दन शर्मा ने शिकायत दर्ज कराई थी।

पुलिस ने बुधवार को स्वयंभू बाबा स्वामी नित्यानंद के खिलाफ मामला दर्ज किया था। उन पर अहमदाबाद में अपना आश्रम योगिनी सर्वज्ञपीठम चलाने के लिए बच्चों को कथित तौर पर अगवा करने और उन्हें बंधक बनाकर अनुयायियों से चंदा जुटाने के आरोप हैं।

4. रामपाल

सतलोक आश्रम के संचालक रामपाल को अदालत ने उम्रकैद की सजा सुना दिया है । उन पर चार महिलाओं और एक बच्चे की हत्या के मामले में मामला चल रहा था, जिसमें हाल ही में उन्हे दोषी करार दिया गया था। बता दें कि रामपाल के खिलाफ उस मामले में दो केस दर्ज किए गए थे, जिसमें केस नंबर 429 में रामपाल को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है।

5. गुरमीत राम रहीम सिंह इन्साँ 

हरियाणा के सिरसा में स्थित आध्यात्मिक संस्था डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख है। डेरा सच्चा सौदा की स्थापना 1948 में शाह मस्ताना जी द्वारा की गई थी। गुरमीत इस संस्था के तीसरे प्रमुख हैं। इनके कार्यकाल में डेरा का अभूतपूर्व प्रचार प्रसार हुआ और इनके अनुयायियों की संख्या में कई गुना वृद्धि हुई।

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गुरमीत राम रहीम सिंह के नेतृत्व में डेरा सच्चा सौदा में कई सकारात्मक कार्य किये गए, नए नए प्रयोग किए गए, वहीं वे हमेशा विवादों में भी बने रहे। विवादों की परिणति 25 अगस्त 2017 को एक यौन शोषण मामले में अदालत द्वारा इन्हें दोषी करार दिए जाने के रूप में हुई। इस मामले में राम रहीम को 20 साल के सश्रम कारावास व 65 लाख रूपये जुर्माने की सजा हुई। और राम रहीम को पत्रकार राम चन्द्र छत्रपति हत्या काँड में 11 जनवरी 2019 को दोषी करार दिया गया व दिनांक 17 जनवरी 2019 को सीबीआई की विशेष आदालत ने उम्र कैद की सजा सुनाई है।

6. महामंडलेश्वर दाती मदन महाराज

फतेहपुर बेरी में शनि धाम के प्रमुख शनिधाम के संस्थापक महामंडलेश्वर दाती मदन महाराज राजस्थानी पर रेप जैसा संगीन आरोप लगा है। दाती महाराज के खिलाफ दिल्ली में आईपीसी की धारा 376, 377, 354 और 34 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।

पीड़िता का कहना है कि 2 साल पहले शनि धाम के अंदर उसका यौन उत्पीड़न किया गया। डर के कारण उसने शिकायत दर्ज नहीं की। दिल्ली-एनसीआर में लोग बड़ी संख्या में दाती महाराज का अनुसरण करते हैं। पीड़िता ने यह भी कहा है कि रेप करने के बाद दाती महाराज ने उसे यह बात किसी को न बताने की धमकी भी दी थी। वहीं, पीड़िता के पिता ने बताया कि उस समय उन्होंने अपनी बेटी को दाती महाराज के संरक्षण में उनके आश्रम में ही छोड़ दिया था।

7. बाबा ज्योति गिरी महाराज 

सफेदपोशों के बीच बड़ा रसूख रखने वाले बाबा ज्योति गिरी महाराज पर एक महिला ने यौन शोषण का आरोप लगाया है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पीड़ित महिला ने सोशल मीडिया पर अपनी आपबीती सुनाई है। पीड़िता के मुताबिक बाबा ने उसके साथ जबरदस्ती यौन संबंध बनाया। महिला का यह भी कहना है कि उसके पास ऐसे 600 वीडियो हैं जिनमें वो नाबालिग बच्चियों का यौन शोषण करते हुए नजर आ रहे हैं। महिला का दावा है कि कई लड़कियां बाबा के खिलाफ मुंह खोलना चाहती हैं लेकिन उनकी जान को खतरा हो सकता है इसलिए वो खामोश हैं।

8. नारायण साईं 

आसाराम और उनके बेटे नारायण साईं पर सूरत की दो बहनों ने जहांगीरपुरा पुलिस चौकी में रेप की शिकायत दर्ज की है। सूरत पुलिस ने 6 अक्टूबर को दोनों के खिलाफ एक एफआईआर दर्ज की थी। पीडि़त बहनों में से छोटी ने शिकायत दर्ज कराई है कि 2002 से 2005 के दौरान नारायण साईं ने कई बार उसका यौन उत्पीड़न किया। जबकि बड़ी बहन ने आसाराम के खिलाफ़ शिकायत दर्ज कराई है। उसकी शिकायत के अनुसार, 1997 से 2006 तक अहमदाबाद के आश्रम में आसाराम ने बार बार उसका यौन उत्पीडऩ किया था।

फिलहाल पिता पुत्र जेल में है । नारायण साईं को निचली अदालत ने दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। नारायण साई के वकील का कहना है कि नारायण साईं पर जो भी आरोप लगे है झुठे है और निचली अदालत के फैसले को हम हाइकोर्ट में चुनौती देंगे।

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