ये मिर्च देगी शिमला मिर्च को टक्कर, जानें कैसे देगी मात

soaln capsisum
ये मिर्च देगी शिमला मिर्च को टक्कर, जानें कैसे देगी मात

लखनऊ। सब्जियों में शिमला मिर्च एक ऐसी सब्जी है जो लोगों को काफी पसंद होती है। शिमला मिर्च का इस्तेमाल चाइनीज़ और इटैलियन फूड की टॉपिंग के लिए काफी इस्तेमाल किया जाती है। वहीं, अब नौणी विश्वविद्यालय ने शोध के बाद इस प्रजाति की एक नई किस्म की सब्जी ईजाद की है। जो शिमला मिर्च को टक्कर देने के लिए मार्केट में दिखाई देगी। इस मिर्च का नाम सोलन मिर्च है। ये मिर्च दिखने और स्वाद में हूबहू शिमला मिर्च जैसा ही है मगर इसकी प्रतिरोधक क्षमता कई गुना ज्यादा है।

These Chillies Will Now Bump The Capsicum How Do They Go :

शिमला मिर्च के मुकाबले सोलन मिर्च की पैदावार भी ज़्यादा है। इस मिर्च में पोटाशियम, कैलशियम, मैग्नीजियम के साथ विटामिन ए, विटामिन ई और विटामिन सी का अच्छा स्रोत पाया गया है। सड़न रोग की प्रतिरोधक क्षमता वाली इस प्रजाति में कीटनाशकों का प्रयोग काफी कम किया गया है। लिहाजा, इससे बीमारियां और कीड़ा लगने का खतरा कम होगा। जिसकी वजह से घर में रखने से यह मिर्च जल्दी खराब नहीं होगी। इस मिर्च में एंटी कार्सिनोजेनिक जैसे कई औषधीय गुण भी पाए जाते है जो कैंसर और लीवर के रोगियों के लिए लाभदायक होगी।

वहीं, वैज्ञानिकों का दावा है कि इससे शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ेगी और खून की कमी भी दूर होगी। इसमें इंडोल थ्री कारबोनाइट भी पाया जाता है, जो लीवर के रोगियों के लिए काफी फायदेमंद होगा। यह एंटी ऑक्सिडेंट का कार्य भी करता है, जो लिवर को साफ रखने में मददगार होता है। साथ ही त्वचा की डेड सेल को भी रिप्लेस करता है।

सोलन मिर्च की रोपाई अप्रैल में की जाती है। सोलन मिर्च की सबसे अधिक पैदावार जिला सिरमौर, शिमला, चंबा, मंडी सहित कई अन्य क्षेत्रों में होती है। इसे किचन गार्डन में भी उगाया जा सकता है। इसकी खेती पोली हाउस में भी की जा सकती है।

लखनऊ। सब्जियों में शिमला मिर्च एक ऐसी सब्जी है जो लोगों को काफी पसंद होती है। शिमला मिर्च का इस्तेमाल चाइनीज़ और इटैलियन फूड की टॉपिंग के लिए काफी इस्तेमाल किया जाती है। वहीं, अब नौणी विश्वविद्यालय ने शोध के बाद इस प्रजाति की एक नई किस्म की सब्जी ईजाद की है। जो शिमला मिर्च को टक्कर देने के लिए मार्केट में दिखाई देगी। इस मिर्च का नाम सोलन मिर्च है। ये मिर्च दिखने और स्वाद में हूबहू शिमला मिर्च जैसा ही है मगर इसकी प्रतिरोधक क्षमता कई गुना ज्यादा है। शिमला मिर्च के मुकाबले सोलन मिर्च की पैदावार भी ज़्यादा है। इस मिर्च में पोटाशियम, कैलशियम, मैग्नीजियम के साथ विटामिन ए, विटामिन ई और विटामिन सी का अच्छा स्रोत पाया गया है। सड़न रोग की प्रतिरोधक क्षमता वाली इस प्रजाति में कीटनाशकों का प्रयोग काफी कम किया गया है। लिहाजा, इससे बीमारियां और कीड़ा लगने का खतरा कम होगा। जिसकी वजह से घर में रखने से यह मिर्च जल्दी खराब नहीं होगी। इस मिर्च में एंटी कार्सिनोजेनिक जैसे कई औषधीय गुण भी पाए जाते है जो कैंसर और लीवर के रोगियों के लिए लाभदायक होगी। वहीं, वैज्ञानिकों का दावा है कि इससे शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ेगी और खून की कमी भी दूर होगी। इसमें इंडोल थ्री कारबोनाइट भी पाया जाता है, जो लीवर के रोगियों के लिए काफी फायदेमंद होगा। यह एंटी ऑक्सिडेंट का कार्य भी करता है, जो लिवर को साफ रखने में मददगार होता है। साथ ही त्वचा की डेड सेल को भी रिप्लेस करता है। सोलन मिर्च की रोपाई अप्रैल में की जाती है। सोलन मिर्च की सबसे अधिक पैदावार जिला सिरमौर, शिमला, चंबा, मंडी सहित कई अन्य क्षेत्रों में होती है। इसे किचन गार्डन में भी उगाया जा सकता है। इसकी खेती पोली हाउस में भी की जा सकती है।