बार-बार कोशिश करने के बाद भी कंसीव नहीं कर पा रहे बेबी तो ये टिप्स हैं कारगर

बांझपन यानी कि बच्चा पैदा न कर पाना महिलाओं से जुड़ी गंभीर बीमारियों में से एक है। महिलाओं की प्रजनन क्षमता प्रभावित होने के अनेक कारण होते हैं। कई तरह की बीमारियां जैसे गर्भाशय फाइब्रॉएड, एनीमिया, श्रोणि सूजन की बीमारी, थायराइड की समस्या आदि की वजह से महिलाओं में बच्चा न पैदा कर पाने की समस्या देखी गई है। इसके साथ-साथ अगर किसी स्त्री में शराब, सिगरेट पीने की आदत है, या फिर उसे मोटापा, तनाव, अनियमित एवं दर्दपूर्ण माहवारी का समस्या है तो भी उनकी प्रजनन क्षमता पर काफी असर पड़ता है। इन सारी वजहों से ही बांझपन की शिकायत देखने को मिलती है। 35 वर्ष से ज्यादा उम्र की महिलाओं में यह समस्या ज्यादा देखने को मिलती है।

आज के दौर में टेक्नोलॉजी के सहयोग से इस तरह की किसी भी समस्या का इलाज आसानी से हो सकता है, लेकिन इस तरह का उपचार आर्थिक दृष्टि से काफी महंगे होते हैं और सबको आसानी से उपलब्ध नहीं हो पाते। ऐसे में इन समस्याओं से लड़ने के लिए प्राकृतिक उपचार काफी हद तक मददगार है। कुछ लेचुरल और हर्बल ट्रीटमेंट अपनाकर बांझपन की समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है। आज हम इसी तरह के कुछ उपायों के बारे में बात करेंगे। लाख कोशिशों के बाद भी अगर गर्भधारण नहीं हो रहा है तो आप अश्वगंधा का नियमित सेवन कीजिए। यह हार्मोनल संतुलन बनाए रखने में काफी कारगर है और प्रजनन क्षमता भी बढ़ाती है. गर्भाशय को भी स्वस्थ रखने में अश्वगंधा काफी मददगार है। एक गिलास गर्म पानी में 1 चम्मच अश्वगंधा चूर्ण मिलाकर दिन में दो बार पीने से बांझपन की समस्या दूर होती है।

अनार के बीज और छाल को बराबर मात्रा में मिलाकर चूर्ण बना लें और कुछ हफ्तों तक दिन में दो बार गर्म पानी के साथ आधा चम्मच इस मिश्रण का सेवन करें। अनार गर्भाशय में खून के प्रवाह को तेज कर गर्भाशय के दीवारों को मोटाक कर गर्भपात की संभावना को कम करता है। कटे धनिए के जड़ की दो चम्मच मात्रा के साथ 10-12 खजूर पीस लें। गाय का दूध मिलाकर पेस्ट बना लें और पीने से पहले इसे ठंडा कर लें। दिन में एक बार इसका सेवन करें तथा साथ में 6-8 खजूर का नियमित सेवन करें। यह आपकी प्रजनन क्षमता बढ़ाने में मदद करेगा। बरगद की जड़ों को सुखाकर चूर्ण बना लें। माहवारी का समय खत्म होने के बाद एक गिलास दूध में 1-2 चम्मच चूर्ण मिलाकर लगातार तीन रातों को खाली पेट पिएं। कुछ देर तक खानों से परहेज करें। बांझपन के लिए यह सर्वाधिक प्रभावी इलाज है।