ये कंपनियां दौड़ाएंगी भारत की सड़कों पर 2020 तक इलेक्ट्रिक कारें

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नई दिल्ली। मारूति सुजुकी 2020 तक भारत में अपने इलेक्ट्रिक व्हीक्ल बनाना शुरू कर देगी। यह कार गुजरात के कारखाने में बनना शुरू होगी और इसके बनाने के लिए जो तकनीक का यूज होगी वो टोयोटा मुहैया कराएगी।

These Two Great Companies Will Work Together To Bring Electric Cars :

भारत 2020 तक दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा कार बाजार बन जाएगा। सुजूकी की भारत में इसकी सहायक इकाई मारुति के जरिए यात्री वाहन खंड (कार, वैन और यूटिलिटी व्हीकल्स) में 50 प्रतिशत हिस्सेदारी है। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अब देश में प्रदूषण रहित परिवहन की ओर बढऩा चाहती है और इन कंपनियों ने इसी के मद्देनजर ई-कार पर पहल करने की बात कही है।

कंपनी की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में एनडीए सरकार देश में बिजली से चलने वाले वाहनों के उत्पादन को बढ़ावा देने में जुटी है। दूसरी ओर सुजुकी पहले ही अपने गुजरात संयंत्र में लिथियम-ऑयन बैटरी का उत्पादन शुरु करने का ऐलान कर चुकी है।

दिलचस्प बात है कि फरवरी में हुए वैश्विक समझौते के बाद भारत में इलेक्ट्रिक वाहन पहला ऐसा खंड है, जिसमें दोनों कंपनियों ने मिलकर काम करने का फैसला किया है। दोनों कंपनियों ने इस साल के शुरू में कारोबार में साझेदार बनने के लिए फरवरी में एक समझौता किया था। अब इन्होंने 2020 के करीब भारत में इलेक्ट्रिक वाहन लाने के लिए सहयोग करने का फैसला किया है।

नई दिल्ली। मारूति सुजुकी 2020 तक भारत में अपने इलेक्ट्रिक व्हीक्ल बनाना शुरू कर देगी। यह कार गुजरात के कारखाने में बनना शुरू होगी और इसके बनाने के लिए जो तकनीक का यूज होगी वो टोयोटा मुहैया कराएगी।भारत 2020 तक दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा कार बाजार बन जाएगा। सुजूकी की भारत में इसकी सहायक इकाई मारुति के जरिए यात्री वाहन खंड (कार, वैन और यूटिलिटी व्हीकल्स) में 50 प्रतिशत हिस्सेदारी है। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अब देश में प्रदूषण रहित परिवहन की ओर बढऩा चाहती है और इन कंपनियों ने इसी के मद्देनजर ई-कार पर पहल करने की बात कही है।कंपनी की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में एनडीए सरकार देश में बिजली से चलने वाले वाहनों के उत्पादन को बढ़ावा देने में जुटी है। दूसरी ओर सुजुकी पहले ही अपने गुजरात संयंत्र में लिथियम-ऑयन बैटरी का उत्पादन शुरु करने का ऐलान कर चुकी है।दिलचस्प बात है कि फरवरी में हुए वैश्विक समझौते के बाद भारत में इलेक्ट्रिक वाहन पहला ऐसा खंड है, जिसमें दोनों कंपनियों ने मिलकर काम करने का फैसला किया है। दोनों कंपनियों ने इस साल के शुरू में कारोबार में साझेदार बनने के लिए फरवरी में एक समझौता किया था। अब इन्होंने 2020 के करीब भारत में इलेक्ट्रिक वाहन लाने के लिए सहयोग करने का फैसला किया है।