इन वस्तुओं को अर्पित कर पा सकते हैं मनचाहा वरदान

लखनऊ। रविवार को सूर्य भगवान का दिन माना जाता है। वैसे तो हमें नित्य उठकर स्नान के बाद सूर्य देव को अर्घ देना चाहिए लेकिन रविवार को कुछ खास तरीके से पूजन कर सूर्यदेव को प्रसन्न किया जा सकता है। आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि किन चीजों को अर्पित करने से किस वस्तु का वरदान देते हैं सूर्य देव।

Things We Must Use In Sun Worship :

तालपत्र का पंखा
पुराण के अनुसार जो व्यक्ति सूर्य देव को तालपत्र का पंखा समर्पित करता है वह दस हजार वर्ष तक सूर्य लोक में रहने का अधिकारी बन जाता है।

कमल और पलाश के पत्तें
सूर्य देव को लाल रंग इतना भाता है कि जब कोई उन पर कमल का फूल और पलाश के पत्तों का अर्पण करता है तो उन्हेंन अत्यंजत आनंद होता है।

ताम्र पात्र
आप सूर्य को अर्ध्यन देते समय मिट्टी और बांस के पात्र का प्रयोग करते हैं तो इसमें कोई दोष नहीं है परंतु इसकी अपेक्षा सूर्य देव को ताम्र पात्र से अर्ध्यप देंगे तो वे अतीव प्रसन्न हो जायेंगे और सौ गुणा अधिक फल देंगे।

लाल पुष्पे
सूर्य भगवान की पूजा में उन्हेंो फूल अर्पित तो करते ही हैं अच्छाव होगा कि उन्हें लाल फूल चढ़ायें ये बहुत फायदेमंद साबित होता है।

अष्टांग अर्ध्य
कहते हैं जो कोई सूर्य को अष्टांग अर्ध्य देता है उसे हजार वर्ष तक सूर्य लोक में स्थान प्राप्त होता है। इस प्रकार का अर्ध्यो देने के लिए जल, दूध, कुशा का अग्र भाग, घी, दही, मधु, लाल कनेर फूल और लाल चंदन का प्रयोग करें।

लखनऊ। रविवार को सूर्य भगवान का दिन माना जाता है। वैसे तो हमें नित्य उठकर स्नान के बाद सूर्य देव को अर्घ देना चाहिए लेकिन रविवार को कुछ खास तरीके से पूजन कर सूर्यदेव को प्रसन्न किया जा सकता है। आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि किन चीजों को अर्पित करने से किस वस्तु का वरदान देते हैं सूर्य देव।तालपत्र का पंखा पुराण के अनुसार जो व्यक्ति सूर्य देव को तालपत्र का पंखा समर्पित करता है वह दस हजार वर्ष तक सूर्य लोक में रहने का अधिकारी बन जाता है।कमल और पलाश के पत्तें सूर्य देव को लाल रंग इतना भाता है कि जब कोई उन पर कमल का फूल और पलाश के पत्तों का अर्पण करता है तो उन्हेंन अत्यंजत आनंद होता है। ताम्र पात्र आप सूर्य को अर्ध्यन देते समय मिट्टी और बांस के पात्र का प्रयोग करते हैं तो इसमें कोई दोष नहीं है परंतु इसकी अपेक्षा सूर्य देव को ताम्र पात्र से अर्ध्यप देंगे तो वे अतीव प्रसन्न हो जायेंगे और सौ गुणा अधिक फल देंगे।लाल पुष्पे सूर्य भगवान की पूजा में उन्हेंो फूल अर्पित तो करते ही हैं अच्छाव होगा कि उन्हें लाल फूल चढ़ायें ये बहुत फायदेमंद साबित होता है। अष्टांग अर्ध्य कहते हैं जो कोई सूर्य को अष्टांग अर्ध्य देता है उसे हजार वर्ष तक सूर्य लोक में स्थान प्राप्त होता है। इस प्रकार का अर्ध्यो देने के लिए जल, दूध, कुशा का अग्र भाग, घी, दही, मधु, लाल कनेर फूल और लाल चंदन का प्रयोग करें।