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Chandrayaan-2 चांद की तीसरी कक्षा में पहुंचा, इतिहास रचने से बस 11 कदम दूर

Third Lunar Bound Orbit Maneuver For Chandrayaan2 Spacecraft Was Performed Successfully Today

By रवि तिवारी 
Updated Date

नई दिल्ली। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने 28 अगस्त को Chandrayaan-2 को चांद की तीसरी कक्षा में सफलतापूर्वक प्रवेश करा दिया है। इसरो के वैज्ञानिकों ने चंद्रयान-2 को चांद की तीसरी कक्षा में सुबह 09.04 बजे प्रवेश कराया। अब चंद्रयान-2 178 किलोमीटर की एपोजी और 1411 किलोमीटर की पेरीजी में चंद्रमा का चक्‍कर लगाएगा। इसके बाद अगले चरण में 30 अगस्त को चंद्रयान-2 को चौथी और एक सितंबर को चंद्रमा की पांचवीं कक्षा में डाला जाएगा।

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दो सितंबर को अगली चुनौती

चंद्रयान-2 को चांद की सबसे करीबी कक्षा तक पहुंचाने के लिए चार कक्षीय बदलाव किए जाने थे जिनमें तीन बदलाव पूरे हो चुके हैं। अब 30 अगस्त की शाम को 6.00 से 7.00 बजे के बीच इसे 126×164 किलोमीटर की कक्षा में प्रवेश कराया जाएगा। मिशन का अगला जरूरी पड़ाव दो सितंबर को होगा जब Lander Vikram, ऑर्बिटर से अलग हो जाएगा। इसके बाद लैंडर विक्रम अपने भीतर मौजूद प्रज्ञान रोवर को लेकर चांद की ओर बढ़ना शुरू करेगा।

मैदानी हिस्‍से में लैंड करेगा लैंडर विक्रम

लैंडर विक्रम दो गड्ढों, मंजि‍नस सी और सिमपेलियस एन के बीच वाले मैदानी हिस्‍से में लगभग 70° दक्षिणी अक्षांश पर सफलतापूर्वक लैंडिंग करेगा। चंद्रमा की सतह पर लैंडिंगे वक्‍त लैंडर विक्रम की रफ्तार दो मीटर प्रति सेकंड होगी। इस दौरान 15 मिनट बेहद तनावपूर्ण होंगे। सुबह 3.55 बजे लैंडिंग के करीब दो घंटे के बाद लैंडर विक्रम से छह पहियों वाला प्रज्ञान रोवर चांद की सतह पर उतरेगा। सात सितंबर को सुबह 5.05 बजे रोवर प्रज्ञान का सोलर पैनल खुलेगा जिसके जरिए उसे काम करने के ऊर्जा मिलेगी।

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