अब ‘भ्रष्टाचार के चक्रव्यूह’ को भेदेगा योगी का यह ‘ब्रह्मास्त्र’!

क्या योगी सरकार के नौकरशाहों की एक चूक के कारण ठिठुरेंगे 1.76 लाख नौनिहाल..?

अमेठी। अमेठी में बढ़ रही भ्रष्टाचार रूपी विष बेल पहले की भांति ही फलफूल रही है और इसमें किसी प्रकार की कमी का कोई संकेत नहीं मिल रहा। इसका प्रमाण अमेठी में हाल ही के महीनों में सोशल मीडिया पर वायरल घूसखोरी के कई वीडियो जिलाधिकारी के सामने आये, जिसके बाद वर्तमान जिलाधिकारी योगेश कुमार ने सहायक लेखाकार सहित एक ग्राम पंचायत अधिकारी को निलंबित कर दिया ।

कलेक्टर योगेश कुमार ने जिले के सभी विभागीय प्रमुखों को हिदायत देते हुए कहा कि पैसा कमाना है तो अमेठी छोड़ दो उनकी इस बात को तो किसी ने नहीं माना, बल्कि एक पखवारे के भीतर ही ग्राम पंचायत अधिकारी ने रिश्वत लेकर अपनी मनोवृत्ति को उजागर कर दिया था ।

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मुख्य सचिव राजीव कुमार ने सभी मंडलायुक्तों और पुलिस उप महानिरीक्षक को भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस अपनाने की राय देने के साथ भ्रष्टाचार में लिप्त रहने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कारवाई करने का निर्देश दिया है भ्रष्टाचार रोकने के लिए उन्होंने जिला स्तर पर फ्लाइंग स्क्वायड गठित कर और ऐसी गतिविधियों की जानकारी देने के लिए सूचना तंत्र विकसित करने पर जोर दिया है ।

Pardaphas.Com का जनता से अपील-
Pardaphas.Com जनता से अपील करता है कि अब वक्त आ गया है घूसखोरी के खिलाफ जनता को शोर मचाये और हमे प्रण करना होगा कि किसी भी काम में कितनी ही देर क्यों न हो जाए किसी को रिश्वत नहीं देंगे और जो रिश्वत मांगेगा, उसे सलाखों के पीछे पहुंचाएंगे। समाज में जागरुकता का ही परिणाम है कि रिश्वतखोर लगातार पकड़े जा रहे हैं। इसके बाद भी हमें इस बुराई को मिटाने के लिए और काम करने की जरूरत है। लोकायुक्त पुलिस, आर्थिक अपराध अनुसंधान ब्यूरो जैसी शासन की एजेंसियां लगातार काम कर रही हैं, जरूरत है जनता को बढ़-चढ़कर इस अभियान में साथ देने की। आम लोगों की सहभागिता से ही भ्रष्टाचार खत्म करने की ओर कदम बढ़ाया जा सकता है।

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