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इस देश में 45 दिनों में एकत्र करना है 10 हज़ार किलो कचरा, ये है अभियान के नियम

By टीम पर्दाफाश 
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नई दिल्ली। विश्व की सबसे उची पर्वत रेंज माउंट एवरेस्ट से तीन हजार किलो कचरा साफ किया गया है। नेपाल सरकार ने इस महीने की 14 से डेढ़ महीने का एवरेस्ट क्लीनिंग कैंपेन शुरू कर रखा है। इसके तहत 10 हजार किलो कूड़ा एकत्रित करने का लक्ष्य रखा है। अभियान पर तकरीबन 1 करोड़ 43 लाख रुपये खर्च होने हैं। सूत्रों का कहना है कि जिस तरह से कूड़ा मिल रहा है, उससे साफ है कि पर्वत श्रंखला कूड़े के ढेर में तब्दील हो रही है। सारा कूड़ा काठमांडू लाकर वर्ल्ड एनवायरमेंट डे यानी 5 जून के दिन लोगों को दिखाया जाएगा और फिर इसका निस्तारण किया जाएगा।

मई में पूरा होगा सफाई अभियान

दरअसल, पर्यटन विभाग के निदेशक डंडू राज घिमिरे का कहना है कि सफाई अभियान 29 मई को पूरा होगा। इसी दिन एडमंड हिलेरी और तेनजिंग नॉर्गे ने 1953 में पहली बार एवरेस्ट पर फतह पाई थी।सूत्रों का कहना है कि एवरेस्ट में जो कूड़ा मिला है, उसे या तो पर्वतारोही वहां पहुंचा रहे हैं, या फिर ऊंचे क्षेत्रों में काम करने वाले कुली। समय-समय पर शेरपा भी एवरेस्ट का भ्रमण करते हैं, उनसे भी कूड़ा वहां पहुंच रहा है। जो कूड़ा एकत्र किया गया है, उसमें प्लास्टिक, बीयर की बोतलों, कास्मेटिक के कवर जैसी चीजें शामिल हैं।

वहीं, घिमिरे का कहना है कि जो कूड़ा एकत्र किया गया है, उसमे से 2 हजार किलो ओखलधुंगा भेजा जा रहा है, जबकि बाकी 1 हजार किलो को नेपाली सेना के हेलिकॉप्टरों के माध्यम से काठमांडू लाकर निस्तारित किया जाएगा। उनका कहना  है कि 5 हजार किलो कूड़ा बेस कैंप एरिया से एकत्र होना है, जबकि 2 हजार किलो दक्षिणी क्षेत्र और 3 हजार किलो कैंप2, कैंप3 एरिया से एकत्र किया जाना है। साथ ही उनका कहना ये भी है कि कूड़ा एकत्र करने वाली टीमों को निर्देश दिया गया है कि ऊपर अगर कोई शव मिले तो उसे भी नीचे लाया जाए। उनका कहना है कि अभी तक 4 शव ऊपरी क्षेत्र में मिले हैं।

जानकारी के लिए बता दें कि माउंट एवरेस्ट रेंज को साफ रखने के लिए सरकार ने पहले भी प्रयास किए हैं। साल 2014 में कानून बनाया गया था कि जो भी पर्वतारोही एवरेस्ट पर जाएगा, वह नीचे आते समय कम से कम 8 किलो सॉलिड वेस्ट अपने साथ लेकर आएगा। सरकार की कोशिश थी कि एक पवर्तरोही जितना कूड़ा पहाड़ पर फैलाए, कम से कम उतना तो वह नीचे लेकर आएं।

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