हे भगवान! इस बच्ची को नहीं मालूम कि दाल-सब्जी का स्वाद कैसा होता होगा..एक साल से नहीं चखा कुछ भी अच्छा

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रांची: पत्ता गोभी को पानी में उबालने के बाद उसके टुकड़े-टुकड़े करके चावल के साथ खाती इस बच्ची की तस्वीर ने सरकार को हिलाकर रख दिया है। यह तस्वीर जैसे ही सोशल मीडिया पर वायरल हुई..मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रशासन पर खासी नाराजगी जताते हुए बच्ची के परिजनों को हरसंभव मदद दिलाने के आदेश दिए हैं।

This Girl Does Not Know What The Taste Of Dal And Sabzi Would Be Like Not Tasted Anything Good For A Year :

यह बच्ची दुमका जिले के समलापुर गांव का रहने वाली है। इस बच्ची की तस्वीर देखकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने लिखा-यह हमारे और दुमका जिला प्रशासन के लिए शर्म की बात है। इसके साथ ही उन्होंने कलेक्टर से नाराजगी जताते हुए तत्काल बच्ची को राहत पहुंचाने का निर्देश दिया।

बताते हैं कि यह बच्ची 70 वर्षीय चुड़की मुर्मू की नातिन है। उसकी बेटी भी उनके साथ रहती है। घर में कोई पुरुष सदस्य नहीं है। इस परिवार को एक साल से सरकारी राशन नहीं मिला है। चुड़की को पेंशन मिलती है। इससे वो लोग खाने के लिए चावल खरीद लेते हैं। लेकिन दाल-सब्जी या अन्य खाने की चीजें नहीं खरीद पाते।

उन्हें पत्ता गोभी सस्ता और आसानी से मिल जाता है। इसलिए इसी से चावल खाते हैं। शर्मनाक बात यह रही कि मुख्यमंत्री के ट्वीट पर भी प्रशासन जागरूक नहीं हुआ। देर शाम जरमुंडी के बीडीओ कुंदन भगत ने बताया कि इस परिवार के पास राशन कार्ड है। लेकिन उन्होंने यह मानने से मना कर दिया कि परिवार को राशन नहीं मिल रहा।

रांची: पत्ता गोभी को पानी में उबालने के बाद उसके टुकड़े-टुकड़े करके चावल के साथ खाती इस बच्ची की तस्वीर ने सरकार को हिलाकर रख दिया है। यह तस्वीर जैसे ही सोशल मीडिया पर वायरल हुई..मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रशासन पर खासी नाराजगी जताते हुए बच्ची के परिजनों को हरसंभव मदद दिलाने के आदेश दिए हैं। यह बच्ची दुमका जिले के समलापुर गांव का रहने वाली है। इस बच्ची की तस्वीर देखकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने लिखा-यह हमारे और दुमका जिला प्रशासन के लिए शर्म की बात है। इसके साथ ही उन्होंने कलेक्टर से नाराजगी जताते हुए तत्काल बच्ची को राहत पहुंचाने का निर्देश दिया। बताते हैं कि यह बच्ची 70 वर्षीय चुड़की मुर्मू की नातिन है। उसकी बेटी भी उनके साथ रहती है। घर में कोई पुरुष सदस्य नहीं है। इस परिवार को एक साल से सरकारी राशन नहीं मिला है। चुड़की को पेंशन मिलती है। इससे वो लोग खाने के लिए चावल खरीद लेते हैं। लेकिन दाल-सब्जी या अन्य खाने की चीजें नहीं खरीद पाते। उन्हें पत्ता गोभी सस्ता और आसानी से मिल जाता है। इसलिए इसी से चावल खाते हैं। शर्मनाक बात यह रही कि मुख्यमंत्री के ट्वीट पर भी प्रशासन जागरूक नहीं हुआ। देर शाम जरमुंडी के बीडीओ कुंदन भगत ने बताया कि इस परिवार के पास राशन कार्ड है। लेकिन उन्होंने यह मानने से मना कर दिया कि परिवार को राशन नहीं मिल रहा।