इस आईएएस के अच्छे काम ने हिला दी सरकार, हुआ ट्रांसफर

नई दिल्ली। एक अधिकारी अगर अपने अधिकारों का सही प्रयोग करने लग जाए तो क्या होता है ये साबित कर दिखाया है केरल की एक ईमानदार महिला आईएएस टीवी अनुपमा ने। जिन्होंने खाद्य सुरक्षा विभाग में तैनाती के दौरान मानकों की अनदेखी करने वाले ब्रान्डस् के खिलाफ ऐसी मुहिम छेड़ी कि सरकार को उनका ट्रांसफर दूसरे महकमे में करना पड़ गया।




बताया जाता है कि अनुपमा ने खाद्य सुरक्षा विभाग में तैनाती के बाद से बाजार में बिकने वाली तमाम डिब्बाबंद और पैकिंग में आने वाली खाद्य सामानों की जांच करवाई। जांच में सामने आए नतीजों के आधार पर कार्रवाई करते हुए उन्होंने अपने कार्यकाल के भीतर 700 से ज्यादा मामले दर्ज कर कंपनियों और पैकिंग सामान बेंचने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर डाली।

This Ias Officer Gets Transfer For Her Good Work :

अनुपमा की मुहिम को केरल की जनता ने अपना पूरा समर्थन दिया है। अनुपमा ने मुख्य रूप से उन प्रोडक्ट्स पर ध्यान दिया जिन्हें बेंचने के लिए निर्धारित मात्रा से अधिक कीटाणुनाशक का प्रयो​ग किया जाता है। उन्होंने केरल को सब्जियों की आपूर्ति करने वाले तमिलनाडु और कर्नाटक के उन सप्लायर्स पर भी कार्रवाई की जो सब्जियों पर भारी मात्रा में जहरीले रसायनों का प्रयोग करते हैं।




एक रिपोर्ट के अनुसार अनुपमा की पहल से केरल की जनता में खाद्य सामानों को लेकर लोगों में भी जागरूकता आई है। जिस वजह से लोगों ने भी आगे आकर अपने परिवारों की सुरक्षा के लिए इन बातों पर ध्यान देना शुरू कर दिया है कि क्या जो कुछ वे खा रहे हैं वह सुरक्षित है?

ताजा खबरों के मुताबिक बड़े कारो​बारियों के दवाब में आकर केरल सरकार की कैबिनेट ने टीवी अनुपमा का ट्रांसफर सामाजिक न्याय व अधिकारिता विभाग में कर दिया है। बताया जा रहा है कि इस कार्रवाई की बहुत बड़ी वजह मानकों की अनदेखी कर अपना कारोबार चला रहे कारोबारियों की सिफारिश के बाद किया गया है क्योंकि अनुपमा के रहते उनके कारोबार चौपट हो चुके थे।

नई दिल्ली। एक अधिकारी अगर अपने अधिकारों का सही प्रयोग करने लग जाए तो क्या होता है ये साबित कर दिखाया है केरल की एक ईमानदार महिला आईएएस टीवी अनुपमा ने। जिन्होंने खाद्य सुरक्षा विभाग में तैनाती के दौरान मानकों की अनदेखी करने वाले ब्रान्डस् के खिलाफ ऐसी मुहिम छेड़ी कि सरकार को उनका ट्रांसफर दूसरे महकमे में करना पड़ गया। बताया जाता है कि अनुपमा ने खाद्य सुरक्षा विभाग में तैनाती के बाद से बाजार में बिकने वाली तमाम डिब्बाबंद और पैकिंग में आने वाली खाद्य सामानों की जांच करवाई। जांच में सामने आए नतीजों के आधार पर कार्रवाई करते हुए उन्होंने अपने कार्यकाल के भीतर 700 से ज्यादा मामले दर्ज कर कंपनियों और पैकिंग सामान बेंचने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर डाली। अनुपमा की मुहिम को केरल की जनता ने अपना पूरा समर्थन दिया है। अनुपमा ने मुख्य रूप से उन प्रोडक्ट्स पर ध्यान दिया जिन्हें बेंचने के लिए निर्धारित मात्रा से अधिक कीटाणुनाशक का प्रयो​ग किया जाता है। उन्होंने केरल को सब्जियों की आपूर्ति करने वाले तमिलनाडु और कर्नाटक के उन सप्लायर्स पर भी कार्रवाई की जो सब्जियों पर भारी मात्रा में जहरीले रसायनों का प्रयोग करते हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार अनुपमा की पहल से केरल की जनता में खाद्य सामानों को लेकर लोगों में भी जागरूकता आई है। जिस वजह से लोगों ने भी आगे आकर अपने परिवारों की सुरक्षा के लिए इन बातों पर ध्यान देना शुरू कर दिया है कि क्या जो कुछ वे खा रहे हैं वह सुरक्षित है? ताजा खबरों के मुताबिक बड़े कारो​बारियों के दवाब में आकर केरल सरकार की कैबिनेट ने टीवी अनुपमा का ट्रांसफर सामाजिक न्याय व अधिकारिता विभाग में कर दिया है। बताया जा रहा है कि इस कार्रवाई की बहुत बड़ी वजह मानकों की अनदेखी कर अपना कारोबार चला रहे कारोबारियों की सिफारिश के बाद किया गया है क्योंकि अनुपमा के रहते उनके कारोबार चौपट हो चुके थे।