योगी जी प्रसव पीड़ा से तड़पती रही गर्भवती नहीं पहुंची आपकी एंबुलेंस

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सीएम योगी आदित्यनाथ के सीएम बनने के बाद प्रदेशवासियों को भले ही लगा हो की सूबे की तस्वीर बदलने वाली है, लेकिन ऐसा कुछ हुआ नहींं। योगी सरकार भले ही अपनी सरकार के 100 दिन पूरा करने पर अपनी पीठ थपथपा रही हो लेकिन उनकी उपलब्धियों की पोल उस समय खुली जब लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन पर प्रसव पीड़ा से ग्रस्त अपनी पत्नी को लेकर उतरा भारती लाल एक घंटे तक एंबुलेंस सेवा के लिए फोन करता रहा, लेकिन एंबुलेंस न पहुंचने पर वह स्टेशन के बाहर खड़ी टैक्सी लेकर पास के निजी अस्पताल पहुंचा।

मिली जानकारी के मुताबिक राजस्थान के हनुमानगढ़ निवासी भारती लाल शुक्रवार को अपनी गर्भवती पत्नी रूबी के साथ गाड़ी संख्या 15910 से बिहार के समस्तीपुर जा रहे थे। रास्ते में रूबी को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। भारती लाल ने रूबी को लखनऊ में जो कि यूपी की राजधानी है में बेहतर स्वास्थ सेवाएं मिलने की उम्मीद के साथ उतार लिया।

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उन्होंने संपर्क किया तो पता चला कि 102 और 108 नंबर पर कॉल कर स्टेशन पर ही एंबुलेंस बुलाई जा सकती है। जिसके बाद भारती लाल ने प्रसव पीड़ा में तड़पती अपनी पत्नी को ढ़ांढ़स बंधाते हुए एंबुलेंस आने की बात कही। वह एक घंटे तक कॉल करते रहे लेकिन उन्हें स्वास्थ विभाग की ओर से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। बकौल भारती उन्हें पहला कॉल शाम 5बजकर 47 मिनट पर की और तीन मिनट बात की लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। उसके बाद उन्होंने दोबारा 5 बजकर 50 मिनट पर करीब 10 मिनट बात की तो उन्हें बताया गया कि लोकनायक बंधु अस्पताल से एंबुलेंस निकल रही है। करीब एक घंटे के इंतजार के बाद भी जब एंबुलेंस नहीं पहुंची तो उनसे अपनी पत्नी की पीड़ा नहीं देखी गई।

वह बताते हैं कि पत्नी का दर्द उनसे जब नहीं देखा गया तो उन्होंने स्टेशन के बाहर खड़ी सामान्य टैक्सी लेकर अपनी पत्नी को पास के निजी अस्पताल जाना बेहतर समझा।

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यह हाल लखनऊ के उस रेलवे स्टेशन का जिसके बाहर लिखा है कि मुस्कुराइये आप लखनऊ में हैं। उस लखनऊ में जिसकी अदब दुनिया भर में मशहूर है। लेकिन स्वास्थ विभाग की सेवाएं देखकर भारती लाल शायद ही कभी लखनऊ आएंगे और अगर आए भी तो उनके चहरे पर मुस्कुराएंगे नहीं।