यूपी में पांच पत्रकारों के खिलाफ मामला दर्ज कर आजमगढ़ के इस पत्रकार को किया गिरफ्तार, ये है पूरा मामला

journalist arrested in up
यूपी में पांच पत्रकारों के खिलाफ मामला दर्ज कर आजमगढ़ के इस पत्रकार को किया गया गिरफ्तार, ये हैं पूरा मामला

आजमगढ़। उत्तर प्रदेश में कई पत्रकारों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। जिसमें से मिर्जापुर में मिड-डे मील के तहत बच्चों को नमक-रोटी दिए जाने की खबर छापने के कारण प्रशासन ने पत्रकार के खिलाफ शिकायत दर्ज की थी। वहीं, अब पांच पत्रकारों के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया है जिसमें से एक एक पत्रकार को गिरफ्तार कर लिया गया है।

This Journalist From Azamgarh Was Arrested By Registering A Case Against Five Journalists In Up This Is The Whole Case :

बता दें कि जिस पत्रकार को गिरफ्तार किया गया है उसका नाम संतोष जायसवाल है। उसने आजमगढ़ जिले में सरकारी स्‍कूल के अंदर बच्‍चों के झाड़ू लगाने का वीडियो बनाया था। संतोष जयसवाल पर उदयपुर प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक राधे श्याम यादव ने संतोष जयसवाल पर आरोप लगाया था कि कि जायसवाल अक्सर स्कूल आते थे और पुरुष एवं महिला शिक्षकों से तथा छात्रों से बदसुलूकी करते थे और अपना अखबार सब्सक्राइब करने को कहते थे।

इतना ही नहीं यादव ने प्राथमिकी में आरोप लगाया कि घटना के दिन जायसवाल स्कूल आए और बच्चों को झाड़ू लगाने को कहा ताकि इसका फोटो खींचा जा सके। यादव ने आरोप लगाया कि उन्होंने इस कृत्य का विरोध किया तो जायसवाल स्कूल परिसर से चले गए, लेकिन उनकी गाड़ी वहीं थी और बाद में उन्होंने उनसे धन मांगा। जिसके चलते जयसवाल के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।

इस खबर के चलते लखनऊ मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति के अध्यक्ष हेमंत तिवारी ने ट्वीट कहा, “यूपी पुलिस पत्रकारों के खिलाफ दादागिरी पर उतर गई है। मामले को उत्तर प्रदेश के गृह मंत्रालय और यूपी डीजीपी के संज्ञान में लाते हुए उन्होंने कहा, पवन के बाद अब आजमगढ़ पुलिस ने खबर छापने से नाराज होकर पत्रकार संतोष जायसवाल को जेल भेज दिया। उन्होंने इंस्पेक्टर फूलपुर के अवैध स्कॉर्पियो गाड़ी रखने की छबर छापी थी।”

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए आजमगढ़ पुलिस ने ट्वीट कर कहा, ‘उक्त प्रकरण में अभियुक्त संतोष कुमार जायसवाल द्वारा शिक्षकों व बच्चों के साथ अभद्र व्यवहार करने, गाली गुप्ता देने तथा धमकी देने के संबंध में वादी श्री राधेश्याम यादव प्रधानाचार्य द्वारा थाना फूलपुर पर अभियोग पंजीकृत कराया गया है।’

जिसके बाद जायसवाल के पत्रकार साथी सुधीर ने जब जिलाधिकारी एनपी सिंह से मुलाकात कर उन्हें अवैध गिरफ्तारी के बारे में जानकारी दी तब जिलाधिकारी ने कहा, “पत्रकारों के साथ अन्याय नहीं किया जाएगा। हम मामले को देखेंगे।” उन्होंने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। वहीं, सरकारी नल से एक दलित परिवार को पानी भरने से दबंगों द्वारा कथित तौर पर रोके जाने के चलते उनके पलायन करने की खबर छापने के बाद पांच पत्रकारों के खिलाफ दर्ज किया गया मामला जिला प्रशासन ने वापस लेने का आश्वासन दिया है।

आजमगढ़। उत्तर प्रदेश में कई पत्रकारों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। जिसमें से मिर्जापुर में मिड-डे मील के तहत बच्चों को नमक-रोटी दिए जाने की खबर छापने के कारण प्रशासन ने पत्रकार के खिलाफ शिकायत दर्ज की थी। वहीं, अब पांच पत्रकारों के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया है जिसमें से एक एक पत्रकार को गिरफ्तार कर लिया गया है। बता दें कि जिस पत्रकार को गिरफ्तार किया गया है उसका नाम संतोष जायसवाल है। उसने आजमगढ़ जिले में सरकारी स्‍कूल के अंदर बच्‍चों के झाड़ू लगाने का वीडियो बनाया था। संतोष जयसवाल पर उदयपुर प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक राधे श्याम यादव ने संतोष जयसवाल पर आरोप लगाया था कि कि जायसवाल अक्सर स्कूल आते थे और पुरुष एवं महिला शिक्षकों से तथा छात्रों से बदसुलूकी करते थे और अपना अखबार सब्सक्राइब करने को कहते थे। इतना ही नहीं यादव ने प्राथमिकी में आरोप लगाया कि घटना के दिन जायसवाल स्कूल आए और बच्चों को झाड़ू लगाने को कहा ताकि इसका फोटो खींचा जा सके। यादव ने आरोप लगाया कि उन्होंने इस कृत्य का विरोध किया तो जायसवाल स्कूल परिसर से चले गए, लेकिन उनकी गाड़ी वहीं थी और बाद में उन्होंने उनसे धन मांगा। जिसके चलते जयसवाल के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। इस खबर के चलते लखनऊ मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति के अध्यक्ष हेमंत तिवारी ने ट्वीट कहा, "यूपी पुलिस पत्रकारों के खिलाफ दादागिरी पर उतर गई है। मामले को उत्तर प्रदेश के गृह मंत्रालय और यूपी डीजीपी के संज्ञान में लाते हुए उन्होंने कहा, पवन के बाद अब आजमगढ़ पुलिस ने खबर छापने से नाराज होकर पत्रकार संतोष जायसवाल को जेल भेज दिया। उन्होंने इंस्पेक्टर फूलपुर के अवैध स्कॉर्पियो गाड़ी रखने की छबर छापी थी।" https://twitter.com/1Hemanttiwari/status/1170214910615273473 इस पर प्रतिक्रिया देते हुए आजमगढ़ पुलिस ने ट्वीट कर कहा, 'उक्त प्रकरण में अभियुक्त संतोष कुमार जायसवाल द्वारा शिक्षकों व बच्चों के साथ अभद्र व्यवहार करने, गाली गुप्ता देने तथा धमकी देने के संबंध में वादी श्री राधेश्याम यादव प्रधानाचार्य द्वारा थाना फूलपुर पर अभियोग पंजीकृत कराया गया है।' https://twitter.com/azamgarhpolice/status/1170221509387808768 जिसके बाद जायसवाल के पत्रकार साथी सुधीर ने जब जिलाधिकारी एनपी सिंह से मुलाकात कर उन्हें अवैध गिरफ्तारी के बारे में जानकारी दी तब जिलाधिकारी ने कहा, "पत्रकारों के साथ अन्याय नहीं किया जाएगा। हम मामले को देखेंगे।" उन्होंने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। वहीं, सरकारी नल से एक दलित परिवार को पानी भरने से दबंगों द्वारा कथित तौर पर रोके जाने के चलते उनके पलायन करने की खबर छापने के बाद पांच पत्रकारों के खिलाफ दर्ज किया गया मामला जिला प्रशासन ने वापस लेने का आश्वासन दिया है।