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यह कैसी बेबसी..कोरोना को हराकर घर आया पिता, लेकिन चाहकर भी अपनी फूल सी बेटी को छू नहीं सकता

This Kind Of Helplessness Father Came Home After Defeating Corona But Even After Wishing He Could Not Touch His Flower Daughter

By टीम पर्दाफाश 
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राजकोट. देश में कोरोना के कहर ने कई घरों की खुशियां छीन लीं। कई परिवार तो ऐसे हैं जिनके सभी सदस्य संक्रमित हो पाए गए हैं। ऐसी ही एक मर्मिक कहानी गुजरात से सामने आई है। जहां पति-पत्नी और मां के पॉजिटिव होने के बाद घर में कोई 14 माह की बच्ची को खिलाने वाला भी नहीं बचा।

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दरअसल, यह मामला राजकोट के एक परिवार का है। जहां सोमवार को फिरोज चूड़ासमा नाम के शख्स की रिपोर्ट निगेटव आने के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया। वह घर तो आ गए, लेकिन चाहकर भी अपनी 14 महीने की बेटी को छू भी नहीं सकत हैं। क्योंकि उनको ऐसा करने के लिए डॉक्टरों ने मना कर रखा है।

हैरत की बात तो यह है कि फिरोज चूड़ासमा के घर पहुंचते ही उनकी पत्नी और मां की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। दोनों को अस्पताल में भर्ती कर दिया गया है। अब आलम यह कि घर में कोई बच्ची को खिलाने वाला भी नहीं बचा है। फिरोज चूड़ासमा का कहना है कि पत्नी और मां हर घंटे फोन आता है, वह बस यही कहती हैं कि हौसला रखो सब ठीक हो जाएगा। जैसे आप सही होकर घर पुहंच गए, वैसे ही हम दोनों भी जल्दी आ जाएंगे।

बता दें कि फिरोज चूड़ासमा को डॉक्टर ने अपनी बेटी को छूने के लिए मना किया हुआ है। वह पिछले पांच दिन से एक ही घर में रह रहा है, लेकिन, फिर भी उसके पास नहीं जा सकता। दूर से ही अपनी बेटी को देखता रहता है। वह डॉक्टर के निर्देशों का पूरी तरह से पालन कर रहा औक बच्ची की सुरक्ष लिए उससे दूर रहता है।

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