इस शख्स ने दुनिया को सिखाया कश्मीरियत का असली मतलब, लोगों ने किया बहादुरी को सलाम

guide rouf
इस शख्स ने दुनिया को सिखाया कश्मीरियत का असली मतलब, लोगों ने किया बहादुरी को सलाम

नई दिल्ली। पाकिस्तान और हिंदुस्तान के बीच बना कश्मीर राज्य जिसे लोग आतंक के लिए पहचानते हैं। कश्मीरी लोगों की तरफ लोगों का देखने का नज़रिया थोड़ा अलग है। उन्हें या तो क्रूर समझा जाता है या फिर डरपोक लेकिन कश्मीर के अनंतनाग जिले के प्रसिद्ध पहलगाम रिसॉर्ट में एक शख्स पांच लोगों की जान बचाते-बचाते खुद अपनी जान गंवा बैठा। जिसके बाद ये कहा जा रहा है कि उस शख्स ने जाते-जाते दुुनिया को असली कश्मीरियत का मतलब सिखा दिया।

This Man Of Kashmir Taught The World The Real Meaning Of Kashmir People Saluted Their Bravery :

इस तरह से बचाई पर्यटकों की जान:  

शुक्रवार की शाम पहलगाम रिसॉर्ट में नौका पर सवार पांच पर्यटक दक्षिण कश्मीर जिले में मावुरा के समीप राफ्टिंग पॉइंट पर अचानक हवाओं के तेज झोंके से लिद्दर नदी में जा गिरे। इन्हें बचाने के लिए 32 वर्षीय पर्यटक गाइड रऊफ अहमद डार ने अपनी जान की परवाह किए बिना नदी में कूद गया। बचाव कार्य में उन्होंने पर्यटकों को तो बचा लिया पर तेज बहाव में खुद की जान गंवा बैठा। बताया जा रहा है कि नौका में तीन पर्यटक स्थानीय और पश्चिम बंगाल का एक जोड़ा सवार था।

अधिकारियों ने बताया, ‘डार गाइड के रूप में पश्चिम बंगाल के जोड़े के साथ थे। नौका पलटते ही डार ने बिना कुछ सोचे-समझे फौरन उन्हें बचाने के लिए नदी में कूद पड़े और उन्हें बचा लिया लेकिन खुद तेज बहाव में बह गए।’ साथ ही ये भी कहा कि ‘शनिवार सुबह भवानी पुल के पास पर्यटक डार का शव मिला, जिसे उनके परिवार को सौंप दिया गया।

परिवार को दो लाख रुपेय देने की हुई घोषणा: 

वहीं इस हादसे को लेकर पर्यटन प्रभारी और राज्यपाल सत्यपाल मलिक के सलाहकार खुर्शीद गनई, प्रदेश कांग्रेस प्रमुख जीए मीर भाजपा के प्रदेश महासचिव अशोक कौल और पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शोक जताते हुए डार की बहदुरी को सलाम करते हुए उनको सच्ची कश्मीरियत का प्रतीक बताया है। साथ ही कश्मीर के डिवीजनल कमिश्नर बशीर खान ने भी शोक जताते हुए आश्रित परिवार के लिए तत्काल राहत के रूप में दो लाख रुपये की घोषणा की है।

नई दिल्ली। पाकिस्तान और हिंदुस्तान के बीच बना कश्मीर राज्य जिसे लोग आतंक के लिए पहचानते हैं। कश्मीरी लोगों की तरफ लोगों का देखने का नज़रिया थोड़ा अलग है। उन्हें या तो क्रूर समझा जाता है या फिर डरपोक लेकिन कश्मीर के अनंतनाग जिले के प्रसिद्ध पहलगाम रिसॉर्ट में एक शख्स पांच लोगों की जान बचाते-बचाते खुद अपनी जान गंवा बैठा। जिसके बाद ये कहा जा रहा है कि उस शख्स ने जाते-जाते दुुनिया को असली कश्मीरियत का मतलब सिखा दिया।
इस तरह से बचाई पर्यटकों की जान:  
शुक्रवार की शाम पहलगाम रिसॉर्ट में नौका पर सवार पांच पर्यटक दक्षिण कश्मीर जिले में मावुरा के समीप राफ्टिंग पॉइंट पर अचानक हवाओं के तेज झोंके से लिद्दर नदी में जा गिरे। इन्हें बचाने के लिए 32 वर्षीय पर्यटक गाइड रऊफ अहमद डार ने अपनी जान की परवाह किए बिना नदी में कूद गया। बचाव कार्य में उन्होंने पर्यटकों को तो बचा लिया पर तेज बहाव में खुद की जान गंवा बैठा। बताया जा रहा है कि नौका में तीन पर्यटक स्थानीय और पश्चिम बंगाल का एक जोड़ा सवार था। अधिकारियों ने बताया, 'डार गाइड के रूप में पश्चिम बंगाल के जोड़े के साथ थे। नौका पलटते ही डार ने बिना कुछ सोचे-समझे फौरन उन्हें बचाने के लिए नदी में कूद पड़े और उन्हें बचा लिया लेकिन खुद तेज बहाव में बह गए।' साथ ही ये भी कहा कि 'शनिवार सुबह भवानी पुल के पास पर्यटक डार का शव मिला, जिसे उनके परिवार को सौंप दिया गया।
परिवार को दो लाख रुपेय देने की हुई घोषणा: 
वहीं इस हादसे को लेकर पर्यटन प्रभारी और राज्यपाल सत्यपाल मलिक के सलाहकार खुर्शीद गनई, प्रदेश कांग्रेस प्रमुख जीए मीर भाजपा के प्रदेश महासचिव अशोक कौल और पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शोक जताते हुए डार की बहदुरी को सलाम करते हुए उनको सच्ची कश्मीरियत का प्रतीक बताया है। साथ ही कश्मीर के डिवीजनल कमिश्नर बशीर खान ने भी शोक जताते हुए आश्रित परिवार के लिए तत्काल राहत के रूप में दो लाख रुपये की घोषणा की है।