मनचलों से बचने के लिए गवर्नमेंट कॉलेज ने लड़कियों के लिए जारी किया तालीबानी फरमान

तिरुअनंतपुरम: आवारा लड़कों से लड़कियों को बचाने के लिए तिरुवंतपुरम गर्वनेंट मेडिकल कॉलेज ने ऐसा तालिबानी फरमान जारी किया है जिसकी वजह से वहां की छात्राएं गुस्से में है और उसका जमकर विरोध भी कर रही हैं। कॉलेज के प्रशासन ने कॉलेज कैम्पस में छात्राओं को जीन्स टॉप स्कर्ट और लेग्गिंग्स जैसी ड्रेसेस पर बैन लगा दिया है।



कॉलेज परिसर में हर वक्त सफेद ओवरकोट और गले में आइ कार्ड डालकर रहने को कहा गया है। मेडिकल कॉलेज के अधिकारियों का कहना है कि इस ड्रेस कोड का मकसद वॉर्ड में जाने वाले छात्रों को किसी भी तरह से संक्रमण से सुरक्षित रखना है। साथ ही लड़कियों को आवारा लड़कों और शोहदों से बचाना है।

वहीं जहाँ छात्रों को फॉर्मल कपडे और जूते पहनने को कहा गया है, वहीं छात्राओं को कई तरह के अन्य भी निर्देश दिए गए हैं। प्रिंसिपल ने सर्कुलर जारी कर कहा है कि कॉलेज में लड़कियां चूड़ीदार सूट या साड़ी ही पहनकर आएं इतना ही नहीं बालों में किसी प्रकार का हेयरस्टाइल न हो, सिर्फ साधारण सा जूड़ा बनाएं। इसके अलावा भड़कीले जेवरों पर भी बैन लगा दिया गया है।

मेडिकल कॉलेज के इस ड्रेस कोड का विरोध भी शुरू हो गया है। कॉन्फेडरेशन ऑफ मेडिकल कॉलेज डॉक्टर्स के संतोष कुमार का कहना है, ‘संस्थान का अपना ड्रेस कोड हो सकता है लेकिन इसमें काफी विसंगतियां है। जींस में क्या बुराई है? हमारे जैसे मल्टीकल्चरल देश में हमें विस्तृत होने की जरूरत है। अगर कोई ड्रेस कोड है भी तो उसे तर्कसंगत होना चाहिए।’

आस्था सिंह की रिपोर्ट