चंद्रयान-2 की असफलता पर पाकिस्तान के इस नेता ने कसा तंज़, मिला करारा जवाब

Fawad-Chaudhry
चंद्रयान-2 की असफलता पर पाकिस्तान के इस नेता ने कसा तंज़, मिला करारा जवाब

नई दिल्ली। लाखों किलोमीटर का सफर तह करके चंद्रयान-2 के लैंडर विक्रम चांद की सतह से मात्र 2 किमी दूरी पर आकर खो गया। जिसकी वजह से पूरा देश निराश है। वहीं, दुख की इस घड़ी में भी पाकिस्‍तान के राजनेता जहर उगलने से बाज नहीं आए। जम्‍मू-कश्‍मीर में अनुच्‍छेद 370 के खात्‍मे से निराश चल रहे पाकिस्‍तान के विज्ञान और टेक्‍नॉलजी मंत्री फवाद चौधरी ने तंज भरे कई ट्वीट किए। फवाद के इन ट्वीट पर उन्‍हें भारत ही नहीं पाकिस्‍तान से भी करारा जवाब मिला।

This Pakistan Leader Tweeted On Failure Of Chandrayaan 2 Got A Bitter Reply By Indian :

दरअसल, चंद्रमा की सतह से ठीक पहले विक्रम के खो जाने के एक ट्वीट पर फवाद चौधरी ने लिखा, ‘जो काम आता नहीं, पंगा नहीं लेते ना….डियर इंडिया।’ फवाद चौधरी ने एक भारतीय ट्वीट पर रिप्‍लाई करते हुए लिखा, ‘सो जा भाई चंद्रमा की बजाय मुंबई में उतर गया खिलौना।’ पाकिस्‍तानी मंत्री फवाद चौधरी के इस ट्वीट के बाद ट्विटर पर कॉमेंट की बाढ़ सी आ गई।

वहीं, एक यूजर बाला ने लिखा, ‘तुम पाकिस्‍तानी लोग केवल बकरियों और टमाटर के सपने देखो। जाओ और दुनिया के हर एक राजधानी में भीख मांगने का काम जारी रखो। एक अन्‍य यूजर जीउ ने पाकिस्‍तानी विदेश मंत्री के रात 3 बजे तक जागने पर मजे लिए। उन्‍होंने लिखा, ‘सबसे मजेदार बात यह है कि चंद्रयान-2 ने फवाद चौधरी को रातभर जागने के लिए मजबूर कर दिया।’

इतना ही नहीं फवाद चौधरी के इस ट्वीट की खुद पाकिस्‍तानियों ने भी आलोचना की। सुलेमान ललवानी ने लिखा, ‘पाकिस्‍तान की ओर से माफी। फवाद का ट्वीट दुर्भावना से ग्रस्‍त था।’ एक अन्‍य पाकिस्‍तानी सैयद बिलावल कमाल ने लिखा, ‘फवाद चौधरी हमारे लिए शर्मिंदगी की वजह न बनें। कम से कम भारत ने चांद पर उतरने का प्रयास किया। हमें किसी भी देश के वैज्ञानिक प्रयास की प्रशंसा करनी चाहिए और उससे प्रेरणा लेनी चाहिए।’

हाल ही में फवाद चौधरी ने घोषणा की थी कि पाकिस्‍तान अपने करीबी सहयोगी चीन की उपग्रह प्रक्षेपण सुविधा का इस्तेमाल कर 2022 में अंतरिक्ष में अपना पहला अंतरिक्ष यात्री भेजेगा। चौधरी ने एक ट्वीट में कहा, ‘यह घोषणा करते हुए गर्व महसूस कर रहा हूं कि अंतरिक्ष में पहले पाकिस्तानी को भेजे जाने की चयन प्रक्रिया फरवरी 2020 में शुरू की जाएगी। इसके लिए 50 लोगों की एक सूची तैयार की जाएगी। इसके बाद सूची के नामों को घटाकर 25 किया जाएगा और 2022 में हम अपने पहले व्यक्ति को अंतरिक्ष में भेजेंगे। यह हमारे देश का सबसे बड़ा अंतरिक्ष कार्यक्रम होगा।’

नई दिल्ली। लाखों किलोमीटर का सफर तह करके चंद्रयान-2 के लैंडर विक्रम चांद की सतह से मात्र 2 किमी दूरी पर आकर खो गया। जिसकी वजह से पूरा देश निराश है। वहीं, दुख की इस घड़ी में भी पाकिस्‍तान के राजनेता जहर उगलने से बाज नहीं आए। जम्‍मू-कश्‍मीर में अनुच्‍छेद 370 के खात्‍मे से निराश चल रहे पाकिस्‍तान के विज्ञान और टेक्‍नॉलजी मंत्री फवाद चौधरी ने तंज भरे कई ट्वीट किए। फवाद के इन ट्वीट पर उन्‍हें भारत ही नहीं पाकिस्‍तान से भी करारा जवाब मिला। दरअसल, चंद्रमा की सतह से ठीक पहले विक्रम के खो जाने के एक ट्वीट पर फवाद चौधरी ने लिखा, 'जो काम आता नहीं, पंगा नहीं लेते ना....डियर इंडिया।' फवाद चौधरी ने एक भारतीय ट्वीट पर रिप्‍लाई करते हुए लिखा, 'सो जा भाई चंद्रमा की बजाय मुंबई में उतर गया खिलौना।' पाकिस्‍तानी मंत्री फवाद चौधरी के इस ट्वीट के बाद ट्विटर पर कॉमेंट की बाढ़ सी आ गई। वहीं, एक यूजर बाला ने लिखा, 'तुम पाकिस्‍तानी लोग केवल बकरियों और टमाटर के सपने देखो। जाओ और दुनिया के हर एक राजधानी में भीख मांगने का काम जारी रखो। एक अन्‍य यूजर जीउ ने पाकिस्‍तानी विदेश मंत्री के रात 3 बजे तक जागने पर मजे लिए। उन्‍होंने लिखा, 'सबसे मजेदार बात यह है कि चंद्रयान-2 ने फवाद चौधरी को रातभर जागने के लिए मजबूर कर दिया।' इतना ही नहीं फवाद चौधरी के इस ट्वीट की खुद पाकिस्‍तानियों ने भी आलोचना की। सुलेमान ललवानी ने लिखा, 'पाकिस्‍तान की ओर से माफी। फवाद का ट्वीट दुर्भावना से ग्रस्‍त था।' एक अन्‍य पाकिस्‍तानी सैयद बिलावल कमाल ने लिखा, 'फवाद चौधरी हमारे लिए शर्मिंदगी की वजह न बनें। कम से कम भारत ने चांद पर उतरने का प्रयास किया। हमें किसी भी देश के वैज्ञानिक प्रयास की प्रशंसा करनी चाहिए और उससे प्रेरणा लेनी चाहिए।' हाल ही में फवाद चौधरी ने घोषणा की थी कि पाकिस्‍तान अपने करीबी सहयोगी चीन की उपग्रह प्रक्षेपण सुविधा का इस्तेमाल कर 2022 में अंतरिक्ष में अपना पहला अंतरिक्ष यात्री भेजेगा। चौधरी ने एक ट्वीट में कहा, 'यह घोषणा करते हुए गर्व महसूस कर रहा हूं कि अंतरिक्ष में पहले पाकिस्तानी को भेजे जाने की चयन प्रक्रिया फरवरी 2020 में शुरू की जाएगी। इसके लिए 50 लोगों की एक सूची तैयार की जाएगी। इसके बाद सूची के नामों को घटाकर 25 किया जाएगा और 2022 में हम अपने पहले व्यक्ति को अंतरिक्ष में भेजेंगे। यह हमारे देश का सबसे बड़ा अंतरिक्ष कार्यक्रम होगा।'