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JDU-BJP की दूरियों के अफवाह पर नितीश और सुशील मोदी की इस तस्वीर ने लगाया विराम

This Picture Of Nitish And Sushil Modi Put A Stop To The Rumors Of Jdu Bjp Distances

पटना। हाल ही में जेडीयू के उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर ने ताना मारते हुए बीजेपी के सुशील मोदी को परिस्थितिवश डेप्युटी सीएम बताया था जिसके बाद कयास लगना शुरू हो गया था कि जेडीयू और ​बीजेपी के बीच कुछ मतभेद चल रहा है लेकिन नितीश और सुशील मोदी की गले मिलते हुई तस्वीर ने सारी अफवाहों पर विराम लगा दिया है। दरअसल डिप्टी सीएम सुशील मोदी पटना स्थित सीएम आवास पर बिहार के सीएम नितीश कुमार को नये साल की बधाई देने पंहुचे थे तभी ये तस्वीर ली गयी।

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बिहार में अगले साल विधानसभा का चुनाव होना है लेकिन इससे पहले ही भारतीय जनता पार्टी और जनता दल यूनियन के गठबंधन में हलचल होने लगी है। नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और एनआरसी पर पार्टी लाइन से अलग बयान देने वाले जेडीयू उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर ने इस बार डेप्युटी सीएम सुशील मोदी पर निशाना साधते हुए उन्हें परिस्थितियों का डेप्युटी सीएम बताया है। प्रशांत किशोर ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से लिखा, ‘बिहार में नीतीश कुमार का नेतृत्व और जेडीयू की सबसे बड़े दल की भूमिका बिहार की जनता ने तय किया है, किसी दूसरी पार्टी के नेता या शीर्ष नेतृत्व ने नहीं। 2015 में हार के बाद भी परिस्थितिवश डेप्युटी बनने वाले सुशील मोदी से राजनीतिक मर्यादा और विचारधारा पर व्याख्यान सुनना सुखद अनुभव है।’

आपको बता दें कि 2015 में बिहार विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी और जेडीयू के बीच मतभेद हो गये थे और दोनो एक दूसरे से अलग हो गयी थी। इसके बाद जेडीयू ने लालू की आरजेडी से गठबन्धन करके चुनाव लड़ा। दोनो ने मिलकर सरकार बनाई लेकिन थोड़े ही दिनो में जेडीयू का आरजेडी से भी गठबन्धन टूट गया। एकबार फिर जेडीयू और बीजेपी करीब आये और दोनो ने मिलकर सरकार बना ली। इस सरकार में जेडीयू प्रमुख नितीश कुमार सीएम बने जबकि ​बीजेपी के सुशील मोदी को डिप्टी सीएम बनाया गया। आने वाले चुनाव में अगर बीजेपी और जेडीयू का गठबंधन बना रहता है तो दोनो काफी मजबूत रहने वाले हैं, ऐसे में कांग्रेस और आरजेडी की राह आसान नही होने वाली। वहीं ये बात खुद सुशील मोदी हों या राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह भी कई बार दोहरा चुके हैं कि नीतीश के ही नेतृत्व में चुनाव मैदान में जाएंगे।

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