सीएम अखिलेश से एक मुलाकात ने बदल दी रिक्शेवाले की दीवाली

लखनऊ। राजधानी लखनऊ के हजरतगंज इलाके में रिक्शा चलाने वाले रायबरेली के तिलोई निवासी मनीराम की दीवाली तीन दिन पहले उस समय मन गई जब एकाएक उसकी मुलाकात सीएम अखिलेश यादव से हो गई। सीएम ने मनीराम को दीवाली मनाने के लिए 6000 रूपए, सरकारी योजना के तहत रिक्शा देने का अश्वासन और गांव में रह रही उसकी पत्नी को समाजवादी पेंशन योजना का लाभ देने का वादा भी किया है।




मनीराम रोज की तरह ही एक सवारी को लेकर कालीदास मार्ग की ओर गए थे। उन्हें मालूम था कि सवारी को किसी बड़े बंगले के बाहर तक पहुंचाना है। यह ठीक उनकी रोज की जिन्दगी का हिस्सा रहा था। लेकिन गुरूवार को जिस सवारी को लेकर वे बड़े बंगले के बाहर पहुंचे वहां उससे सवारी को अंदर उतारने की बात कही गई। मनीराम ने जैसे ही रिक्शा बंगले के अंदर किया उसका सामना सूबे के सीएम अखिलेश यादव से हो गया। जिस सवारी को वह अपने साथ लाया था उसका स्वागत सीएम स्वयं कर रहे थे। इसी दौरान सीएम ने मनीराम से उसका हालचाल पूछा, परिवार और घर के बारे में पूछताछ की। फिर 6000 रूपए का ईनाम देकर, उसे सरकारी सहायता से नया रिक्शा देने और उसकी पत्नी को समाजवादी पेंशन योजना का लाभ दिए जाने बात कहकर दीवाली की शुभकामनाओं के साथ विदा किया।




सीएम से मुलाकात के बाद मनीराम ने कहा कि वह तो रिक्शा सड़क के किनारे लगाकर बीड़ी पी रहा था। तब तक साहब आए और कालीदास मार्ग चलने को कहे। जहां वो आए दिन आता रहता है। उसे नहीं मालूम था कि बंगले के भीतर जाना पड़ेगा और वहां अखिलेश भैया उसे मिलेगे।




अब आपको बताते हैं मनीराम के रिक्शे पर बैठने वाली सवारी के बारे में। मनीराम की सवारी थे Paytm कंपनी के सीईओ विजय शंकर शर्मा। जिन्हें यूपी सरकार ने यश भारती सम्मान से नवाजा है। इसी सम्मान को मिलने के बाद विजय शंकर शर्मा सीएम से मिलने जा रहे थे, लेकिन रास्ते में जाम लगा देख शर्मा ने रिक्शे से सीएम आवास तक पहुंचने का फैसला किया। वे जिस रिक्शे पर बैठे वह मनीराम का था।